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Chandigarh News: महंगाई ने पतली कर दी दाल, अरहर 200 के पार
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चंडीगढ़। महंगाई ने इस बार कटोरी की दाल को पतला कर दिया है। महज 30 दिनों में अरहर दाल की कीमत में प्रति किलो 30 रुपये की तेजी दर्ज की गई है। मौजूदा समय में अरहर थोक में 190 रुपये और फुटकर में 200 रुपये किलो बिक रहा है। लोग परेशान हैं, गृहिणियां लाचार। स्थिति यह है कि 2023 जनवरी में अरहर की दाल थोक में 105 रुपये और फुटकर में 125 रुपये किलो थी। इस तेजी से बढ़ी महंगाई ने मध्यवर्गीय परिवार का बजट खराब कर दिया है। सेक्टर- 26 ग्रेन मार्केट के आढ़तियों का कहना है कि फसल नुकसान न होने के बावजूद इस बार दाल की कीमत में तेजी है। इसलिए प्रशासन को इसके कारणों की जांच करनी चाहिए जिससे जनता को महंगाई से राहत मिल सके।
ऑल चंडीगढ़ रिटेल किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष राजिंदर कुमार जैन का कहना है कि अरहर की दाल महज 30 दिनों में 30 रुपये महंगी हुई है। इसका एक कारण माल ढुलाई, सफाई का खर्च बढ़ना है। लेकिन इसके कारण इतनी महंगाई नहीं हो सकती। ऐसा लग रहा है कि बड़े व्यापारी माल की जमाखोरी कर रहे हैं। लेकिन ऐसा चंडीगढ़ में संभव नहीं है। वहीं ग्रेन मार्केट के आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष देविंदर कुमार ने बताया कि पिछले दिनों की तेजी के बाद दाल की कीमत में थोड़ी राहत मिली, लेकिन अब भी स्थिति राहत वाली नहीं है।
क्या कहती हैं गृहिणियां
किचन से कब हटेगी महंगाई की मार
महंगाई के कारण तो अब तो जीना मुश्किल होने लगा है। कभी टमाटर तो कभी प्याज और अब दाल के भाव भी आसमान छूने लगे हैं। आखिर मध्यवर्गीय परिवार इस महंगाई में कैसे गुजारा करें।
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-रेखा, रामदरबार
यही हाल रहा तो उपवास कर जीना पड़ेगा
सब्जियां तो वैसे ही थाली से गायब होने लगी हैं, अब दालों पर भी महंगाई की मार आ गई है। मध्यवर्गीय परिवार 200 रुपये दाल आखिर कैसे खाएं ये समझ नहीं आ रहा है। यही हाल रहा तो उपवास कर जीना होगा।
टीना सिंह, बहलाना
इनसेट-
ऐसे बढ़ी महंगाई
दाल तीन महीने पहले रेट (किलो और थोक में) मौजूदा रेट (किलो और थोक में)
अरहर 140 रुपये/120 रुपये 200रुपये/190 रुपये
व्हाइट चना 120 रुपये/90 रुपये 180 रुपये/160 रुपये
मूंग दाल 120 रुपये/100 रुपये 160 रुपये/140 रुपये
चना दाल 90 रुपये/60 रुपये 100 रुपये/80 रुपये
मसूर दाल 80 रुपये/60 रुपये 100 रुपये/80 रुपये
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ऑल चंडीगढ़ रिटेल किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष राजिंदर कुमार जैन का कहना है कि अरहर की दाल महज 30 दिनों में 30 रुपये महंगी हुई है। इसका एक कारण माल ढुलाई, सफाई का खर्च बढ़ना है। लेकिन इसके कारण इतनी महंगाई नहीं हो सकती। ऐसा लग रहा है कि बड़े व्यापारी माल की जमाखोरी कर रहे हैं। लेकिन ऐसा चंडीगढ़ में संभव नहीं है। वहीं ग्रेन मार्केट के आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष देविंदर कुमार ने बताया कि पिछले दिनों की तेजी के बाद दाल की कीमत में थोड़ी राहत मिली, लेकिन अब भी स्थिति राहत वाली नहीं है।
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किचन से कब हटेगी महंगाई की मार
महंगाई के कारण तो अब तो जीना मुश्किल होने लगा है। कभी टमाटर तो कभी प्याज और अब दाल के भाव भी आसमान छूने लगे हैं। आखिर मध्यवर्गीय परिवार इस महंगाई में कैसे गुजारा करें।
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यही हाल रहा तो उपवास कर जीना पड़ेगा
सब्जियां तो वैसे ही थाली से गायब होने लगी हैं, अब दालों पर भी महंगाई की मार आ गई है। मध्यवर्गीय परिवार 200 रुपये दाल आखिर कैसे खाएं ये समझ नहीं आ रहा है। यही हाल रहा तो उपवास कर जीना होगा।
टीना सिंह, बहलाना
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दाल तीन महीने पहले रेट (किलो और थोक में) मौजूदा रेट (किलो और थोक में)
अरहर 140 रुपये/120 रुपये 200रुपये/190 रुपये
व्हाइट चना 120 रुपये/90 रुपये 180 रुपये/160 रुपये
मूंग दाल 120 रुपये/100 रुपये 160 रुपये/140 रुपये
चना दाल 90 रुपये/60 रुपये 100 रुपये/80 रुपये
मसूर दाल 80 रुपये/60 रुपये 100 रुपये/80 रुपये