फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Industrialist panicked over rising prices of steel and iron

स्टील, लोहे के दाम में 30 फीसदी बढ़ोतरी से कारोबारियों की चिंता बढ़ी, हर सेक्टर पर पड़ेगा असर

Tue, 05 Jan 2021 11:26 AM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 05 Jan 2021 11:26 AM IST
विज्ञापन
Industrialist panicked over rising prices of steel and iron
स्टील के दामों में बढ़ोतरी। - फोटो : फाइल फोटो
देश में लोहे और अन्य धातुओं की अचानक बढ़ रही कीमतों से कारोबारी चिंता में आ गए हैं। स्टील व आयरन के दाम में तीस फीसदी का उछाल आने से इंडस्ट्री में हाहाकार मच गया है। उद्यमी इस बात से चिंतित है कि कोरोना काल से इंडस्ट्री पहले ही संकट में है। ऊपर से कच्चे माल की 30 फीसदी कीमत बढ़ गई हैं। केमिकल के दाम भी 30 फीसदी अधिक हो चुके हैं। उद्यमियों का तर्क है कि उनके पास ऑर्डर बुक हैं, अब ऐसे में वह माल की कीमत कैसे बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन


स्टील के दाम बढ़ने का का असर ऑटोमोबाइल सेक्टर, ऑटो स्पेयर पार्ट्स, भवन निर्माण सामग्री और इंडस्ट्री के प्रोडक्शन पर पड़ रहा है। पिछले छह माह में स्टील की कीमतों में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
विज्ञापन


30 फीसदी का इजाफा समझ से परे : बिंटा सेठ
आटो पार्ट्स बनाने वाले उद्यमी बिंटा सेठ का कहना है कि 10 फीसदी की बढ़ोतरी तो तर्कसंगत मानी जा सकती है, लेकिन 30 फीसदी का इजाफा समझ से परे है। इससे महंगाई बढ़ रही है। तमाम तरह के ऑटो पार्ट्स, गाड़ियों के कलपुर्जे, स्कूटर, थ्री व्हीलर, फोर व्हीलर में स्टील का प्रयोग होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हमारी इंडस्ट्री में सिलिकॉन का इस्तेमाल होता है, जिसके दाम 76 रुपये से उछलकर 110 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचे हैं। वहीं मैगनीशियम, जो 100 रुपये प्रति किलो था, आज 130 तक पहुंच गया है। मकान बनाने में भी सरिया, चौखट, खिड़की और जाल आदि बनाने में स्टील इस्तेमाल होता है। सड़क निर्माण और पुल निर्माण में स्टील का उपयोग होता है, सभी के दाम बढ़ने लगे हैं।

स्टील कंपनियों की मनमानी से संकट : सग्गू
जालंधर फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन के प्रधान नरिंदर सग्गू का कहना है कि केंद्र सरकार को जल्द स्टील कंपनियों की मीटिंग बुलानी चाहिए, जिसमें कारोबारियों को भी शामिल किया जाए। इसमें पूछा जाए कि स्टील और धातुओं के दामों में इजाफा क्यों हो रहा है? इस पर जल्द अंकुश लगना चाहिए, ताकि आम जनता और व्यापारी को महंगाई की मार से राहत मिले। लोहा, कॉपर, ब्रास समेत अन्य धातु खनिज के रेट पिछले एक-डेढ़ माह में 30 फीसदी तक बढ़े हैं। इससे लघु कुटीर उद्योग खतरे में आ गए हैं। सरकार से आग्रह है कि इससे जुड़ी एक रेगुलेटरी अथॉरिटी बनाए। स्टील कंपनियों की मनमानी से घरेलू उद्योग पर संकट गहराने लगा है।

सरकार चाहे तो कम हो सकते हैं दाम : चावला
स्टील कारोबारी अमरजीत सिंह चावला का कहना है कि एक माह में लोहे के दाम में 30 रुपये किलो की तेजी आ गई है। यह लोहा कारोबारियों के लिए मुश्किल दौर है। ट्रैक्टर पार्ट्स, हथोड़ा, हल, थ्रेशर, कील, छलनी समेत बहुत सारे पार्ट्स के रेट बढ़ गए हैं। हमें लगता है कि चीन समेत अन्य देशों से लोहा इंपोर्ट न होने और देश में पर्याप्त उत्पादन के अभाव में रेट बढ़े हैं।


सरकार चाहे तो लोहे के दाम कम हो सकते हैं। अगर कस्टम, जीएसटी और एक्साइज ड्यूटी घटती है, तो लोहा आयात होगा। आयातित आयरन की क्वालिटी अच्छी होती है, जो कम दाम में मिल जाती है। सरकार ने अगर ठोस कदम न उठाए तो आने वाला समय उद्योग जगत के लिए काफी दिक्कत वाला होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed