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Hindi News ›   Chandigarh ›   Indian Railways Got Land for Rail Track in Between Firozpur to Amritsar

मंजूरी के 15 साल के बाद, फिरोजपुर-अमृतसर के बीच बन रहा रेल ट्रैक, पटरी बिछाने को मिली जमीन

Mon, 23 Sep 2019 11:09 AM IST
खुशबू गोयल अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 23 Sep 2019 11:09 AM IST
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Indian Railways Got Land for Rail Track in Between Firozpur to Amritsar
फाइल फोटो
फिरोजपुर और अमृतसर को रेलमार्ग से जोड़ने के लिए 2004 में रेलवे ने सर्वे करने की अनुमति दी थी, बीच में कई उतार-चढ़ाव आए, सरकारें बदली, अब 15 साल बाद उक्त ट्रैक बिछने लगा है। फिरोजपुर-अमृतसर को आपस में रेलमार्ग से जोड़ने के लिए 25.7 किलोमीटर ट्रैक मल्लांवाला-घड़ियाला के बीच बिछना है।
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इसके लिए तरनतारन ने अपने हिस्से की 95.65 हेक्टेयर जमीन खरीद कर रेलवे को दी है, जबकि फिरोजपुर भी अपने हिस्से की 70.01 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण कर रेलवे को जल्द ही देने जा रहा है। यह ट्रैक बिछने से फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने के अलावा राजस्थान सीधा जम्मू-कश्मीर से जुड़ेगा और फिरोजपुर में रोजगार के साधन बढ़ेंगे।
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इस जमीन के बारे में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा था, उसी के बाद जमीन अधिग्रहण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हुआ है। फिरोजपुर के एसडीएम अमित गुप्ता ने कहा कि फिरोजपुर के हिस्से की जमीन किसानों से खरीद कर रेलवे को देने का काम जारी है, जल्द ही जमीन अधिग्रहण कर रेलवे को सौंपेगा।
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इस काम में माल विभाग व पीडब्ल्यूडी जुटा हुआ है। यह ट्रैक मल्लांवाला और घडियाला के बीच लगभग 25.7 किलोमीटर के दायरे में बिछेगा, जिसमें मल्लांवाला, दुल्ला सिंह वाला, कुत्तबदीन व कालेके हिठाड़ कलां गांव आएंगे।

उक्त ट्रैक बिछने से फिरोजपुर को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा। अभी फिरोजपुर से अमृतसर जाने के लिए वाया जालंधर से होकर ट्रेन अमृतसर जाती है, ये सफर लगभग 185 किलोमीटर लंबा पड़ता है। उक्त ट्रैक बिछने से ये सफर तकरीबन 85 किलोमीटर रह जाएगा।

अमृतसर आने वाले पर्यटक फिरोजपुर भी आ सकेंगे, यहां पर भारत-पाक हुसैनीवाला बार्डर और शहीद-ए-आजम भगत सिंह का समाधि स्थल के अलावा अन्य ऐतिहासिक धरोहर देख सकेंगे। इसके अलावा राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बीच सीधी ट्रेन चलेगी, श्रीनगर से फल ट्रेन के माध्यम से सस्ते किराये में अन्य शहरों में पहुंच सकेंगे।

रेलवे ने ट्रैक बिछाने के लिए अप्रैल 2017 में 299.74 करोड़ रुपये का बजट रखा था। इस ट्रैक का सर्वे करने के लिए तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अनुमति दी थी। सर्वे के बाद उक्त प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जब कांग्रेस से पवन बंसल रेलमंत्री बने तो उन्होंने ट्रैक बिछाने को हरी झंडी दी, लेकिन पंजाब सरकार ने मुफ्त में जमीन देने की बात कही थी।

अकाली-भाजपा सरकार ने जमीन मुफ्त देने का वादा तो किया था लेकिन जमीन दी नहीं। अब पंजाब सरकार की ओर से जमीन देने का कार्य किया जा रहा है।
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