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बैजनाथ और कांगड़ा जाने का प्लान है, तो ये खबर पढ़कर ही रूट तय करें, वरना पछताएंगे
Sat, 09 Feb 2019 10:55 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 09 Feb 2019 10:55 AM IST
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पालमपुर, बैजनाथ व कांगड़ा की यात्रा पर जाने का प्लान है, तो ये खबर पढ़ने के बाद ही सफर का रूट तय करें। वरना पछताएंगे और बड़ी परेशानी झेलेंगे। दरअसल, ज्वालामुखी-कोपरलाहड़ के बीच हुई लैंड स्लाइडिंग के चलते कांगड़ा वैली एक्सप्रैस ट्रेन और एक पैसेंजर ट्रेन को कैंसल कर दिया गया।
अधिकारी बताते हैं कि कोपरलाहड़, गुलेर, ज्वालामुखी के आसपास कई जगह पर ट्रैक मिट्टी से अटा पड़ा है और कुछ स्थानों पर ट्रैक के नीचे से मिट्टी खिसकने के चलते ट्रैक हवा में झूल रहा है। इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी मानते हैं कि जिस हिसाब से ट्रैक को नुक्सान पहुंचा है, अगले 10 दिन में ट्रैक को रिपेयर करना मुनासिब नहीं है।
वहीं ट्रेंने कैंसल होने के कारण पठानकोट से पालमपुर, बैजनाथ व कांगड़ा की और यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए परेशानियां पैदा हो गई हैं। पठानकोट से कांगड़ा व पालमपुर जाने वाले अजय, मुकेश और राजन ने कहा कि ट्रेनें बाधित होने के कारण उन्हें बसों में सात गुणा अधिक किराया खर्च करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि कोपरलाहड़ के बीच थोड़ी सी बारिश होते ही ट्रैक बाधित हो जाता है, जिसका उन्हें बसों में सात गुणा अधिक किराया खर्च करके चुकाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से रेलवे के अधिकारी सेक्शन का निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं करते। उन्होंने कहा कि लैंड स्लाइडिंग का स्थायी समाधान होना चाहिए।
उधर, जब पठानकोट सिटी आन ड्यूटी स्टेशन मास्टर नीलम कुमारी से बात की तो उनका कहना था कि ज्वालामुखी और कोपरलाहड़ के बीच हुई लैंड स्लाइडिंग के कारण शुक्रवार को एक्सप्रेस व दोपहर 3:50 बजे जाने वाली ट्रेन को कैंसल कर दिया गया। बाकी सभी ट्रेनें जोगिंद्रनगर की बजाय ज्वालामुखी रोड तक ही चलाई जा रही हैं।
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अधिकारी बताते हैं कि कोपरलाहड़, गुलेर, ज्वालामुखी के आसपास कई जगह पर ट्रैक मिट्टी से अटा पड़ा है और कुछ स्थानों पर ट्रैक के नीचे से मिट्टी खिसकने के चलते ट्रैक हवा में झूल रहा है। इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी मानते हैं कि जिस हिसाब से ट्रैक को नुक्सान पहुंचा है, अगले 10 दिन में ट्रैक को रिपेयर करना मुनासिब नहीं है।
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वहीं ट्रेंने कैंसल होने के कारण पठानकोट से पालमपुर, बैजनाथ व कांगड़ा की और यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए परेशानियां पैदा हो गई हैं। पठानकोट से कांगड़ा व पालमपुर जाने वाले अजय, मुकेश और राजन ने कहा कि ट्रेनें बाधित होने के कारण उन्हें बसों में सात गुणा अधिक किराया खर्च करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि कोपरलाहड़ के बीच थोड़ी सी बारिश होते ही ट्रैक बाधित हो जाता है, जिसका उन्हें बसों में सात गुणा अधिक किराया खर्च करके चुकाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से रेलवे के अधिकारी सेक्शन का निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं करते। उन्होंने कहा कि लैंड स्लाइडिंग का स्थायी समाधान होना चाहिए।
उधर, जब पठानकोट सिटी आन ड्यूटी स्टेशन मास्टर नीलम कुमारी से बात की तो उनका कहना था कि ज्वालामुखी और कोपरलाहड़ के बीच हुई लैंड स्लाइडिंग के कारण शुक्रवार को एक्सप्रेस व दोपहर 3:50 बजे जाने वाली ट्रेन को कैंसल कर दिया गया। बाकी सभी ट्रेनें जोगिंद्रनगर की बजाय ज्वालामुखी रोड तक ही चलाई जा रही हैं।