फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Indian immigration agents and education consultants in Canada are under the shadow of extortion.

Chandigarh News: कनाडा में भारतीय इमिग्रेशन एजेंटों, शिक्षा सलाहकारों पर रंगदारी का साया

Wed, 14 Jan 2026 06:51 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jan 2026 06:51 PM IST
विज्ञापन
Indian immigration agents and education consultants in Canada are under the shadow of extortion.
-नियमों की सख्ती से पहले ही संकट, अब गैंग की धमकियों से पलायन को मजबूर कारोबारी
विज्ञापन

---
कंवरपाल
हलवारा। कनाडा में आव्रजन नियमों में हालिया बदलाव, स्टडी और ट्रैवल वीजा में भारी कटौती, एलएमआईए पर सख्ती और स्थायी निवास (पीआर) की प्रक्रिया कठिन होने से पहले ही नुकसान झेल रहे भारतीय मूल के इमिग्रेशन एजेंट और शिक्षा सलाहकार अब रंगदारी गैंग्स के सीधे निशाने पर आ गए हैं। ग्रेटर टोरंटो एरिया (जीटीए) और वैंकूवर में जबरन वसूली और गोलीबारी की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी से पूरे समुदाय में दहशत का माहौल है।
2026 की शुरुआत के साथ ही इन घटनाओं ने गंभीर रूप ले लिया। कई एजेंटों ने पते बदले हैं, जबकि कुछ कारोबारियों को कनाडा छोड़कर अन्य देशों में शिफ्ट होना पड़ा है। चिंताजनक तथ्य यह है कि अधिकतर मामलों में भारतीय, विशेषकर पंजाबी मूल के संगठित गिरोह ही अपने हमवतनों को निशाना बना रहे हैं।
विज्ञापन

गोलीबारी के बाद रंगदारी की मांग
3 जनवरी 2026 को टोरंटो के ब्रैम्पटन में आव्रजन सलाहकार विक्रम शर्मा के घर पर आठ से नौ गोलियां चलाई गईं। उस समय परिवार घर में मौजूद था और बाल-बाल बच गया। हमले के बाद व्हाट्सएप के जरिये गोलीबारी का वीडियो भेजकर 5 लाख कनाडाई डॉलर (करीब 3.25 करोड़ रुपये) की रंगदारी मांगी गई। रकम न देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। लगातार धमकियों और कथित सुरक्षा कमी के चलते विक्रम शर्मा ने 12 जनवरी को परिवार सहित कनाडा छोड़ दिया। भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा में सक्रिय एक बड़ी इमीग्रेशन फर्म से जुड़े अधिकारी भूपिंदर सिंह के अनुसार, धमकियों की सूची लंबी है, हालांकि हर मामले में हिंसा नहीं हुई। मिसिसॉगा और वैंकूवर के उपनगर सरी में भी एजेंटों और बड़ी इमीग्रेशन फर्मों को निशाना बनाया गया है। जांच के कारण कुछ मामलों में फर्मों के नाम उजागर नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

व्यापक कारोबारी असर
रंगदारी गैंग्स केवल इमिग्रेशन एजेंटों तक सीमित नहीं हैं। ट्रकिंग कंपनियां, कैफे और बड़े भारतीय व्यवसाय भी निशाने पर हैं। मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे पर गोलीबारी और आगजनी के प्रयास सामने आ चुके हैं। इस मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने लुधियाना के गांव ब्रह्मपुर निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सीपू को नामजद किया है। पील रीजनल पुलिस और ब्रिटिश कोलंबिया की जबरन वसूली टास्क फोर्स इन नेटवर्कों को तोड़ने में जुटी हैं लेकिन हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। 2025 के अंत तक कनाडा सीमा सेवा एजेंसी (सीबीएसए) ने करीब 100 विदेशी नागरिकों, जिनमें अधिकांश भारतीय मूल के हैं, के खिलाफ जांच शुरू की थी और कई को निर्वासित किया जा चुका है। ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा के मुख्यमंत्रियों की मांग पर सितंबर 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया। इसके बावजूद खतरा बना हुआ है। पुलिस ने पीड़ित कारोबारियों से अपील की है कि वे किसी भी धमकी या जबरन वसूली की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या आरसीएमपी के राष्ट्रीय सुरक्षा नेटवर्क को दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article