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पठानकोट आतंकी हमले का सच सामने आएगा, पाकिस्तान को घेरने की तैयारी

Fri, 15 Sep 2017 03:01 PM IST
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली Updated Fri, 15 Sep 2017 03:01 PM IST
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indian govt effort to reveal truth of pathankot terror attack
पठान कोट हमला - फोटो : PTI
पठानकोट आतंकी हमले का सच सामने लाने के लिए भारत सरकार ने पाकिस्तान को इंटरनेशनल मंच पर पूरी तरह से घेरने की तैयारी शुरू कर ली है। एक तरफ जहां ओपन कोर्ट में केस का ट्रायल चल रहा है, वहीं अब केस की कार्रवाई का नया डोजियर बनाकर यूएनओ को सौंपा जाएगा। ताकि, पाकिस्तान की हकीकत सबके सामने लाई जा सके। इसकी पुष्टि एनआईए से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर की।
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जानकारी के मुताबिक, नए डोजियर में मामले के आरोपियों पर अब तक की गई पूरी कानूनी कार्रवाई का जिक्र किया जाएगा। इसके तहत बताया जाएगा कि मामले की प्रक्रिया अदालत में कैसे चली। बताया जाएगा कि आरोपियों को अदालत में अपना पक्ष रखने का पूरा समय दिया गया। इंटरनेशनल पेपर व इंटरपोल की साइट पर बाकायदा नोटिस दिए गए थे। इसके बाद भी आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद उन्हें भगोड़ा घोषित करने व अन्य प्रक्रिया अपनाई गई।
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यह प्रक्रिया नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। दूसरी तरफ बुधवार को इस मामले की नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) मोहाली की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। जज बदलने के संबंध में हाईकोर्ट द्वारा जारी की गई नोटिफिकेशन को अदालत में पेश किया गया। वहीं, अब केस की सुनवाई के संबंध में नोटिफिकेशन मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजी गई है। उम्मीद है कि 20 से 25 दिन में यह नोटिफिकेशन जारी हो जाएगी।
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इसके बाद केस का आसानी से ट्रायल हो पाएगा। केस की अगली सुनवाई नवंबर माह में तय की गई है। उम्मीद है कि इस नोटिफिकेशन के बाद केस की सुनवाई में तेजी आएगी।

दो बार पहले भी हो चुकी है कोशिश

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पठानकोट आतंकी हमले में चार्जशीट
इससे पहले भी दो बार मौलाना मौसूद अजहर को अंतराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया हुई थी। भारत की तरफ से यूएनओ को इस संबंध में प्रोसीडिंग भेजी गई थी। लेकिन चीन ने वीटो पावर का प्रयोग किया था। जिससे वह अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित होने से बच गया था।  

अब तक बदले दो जज
पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में अब तक चली सुनवाई में दो जज बदले जा चुके हैं। अब केस की सुनवाई तीसरे जज को सौंपी गई है। इस मामले में एनआईए की तरफ से चालान अदालत में पेश किया जा चुका है। वहीं, मामले के चार आरोपी को भगोड़ा करार दिया जा चुका है। इनमें में हमले का मास्टर माइंड जैश-ए-मोहम्मद मौलाना मसूद अजहर, मुफ्ती अब्द़ुल राउफ, शाहिद लतीफ व कासिफ जान शामिल हैं।

पेश होंगे हथियार व मुख्य गवाह के दर्ज होंगे बयान
पठानकोट एयरबसेस पर हुए आतंकी हमले में जो भी हथियार व सामान आतंकवादियों से एनआईए ने बरामद किया था। उसे अगली सुनवाई पर कड़ी सुरक्षा में अदाल में पेश किया जाएगा। इसके बाद केस का मुख्य गवाह लेफ्टिनेंट वीके सिंह के बयान दर्ज होंगे। इसके बाद एक एक करके सारे गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चलेगी।

हमले में सात शहीद, 37 हुए थे घायल

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पठानकोट हमला - फोटो : Reuters
पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकी दिसंबर 2015 में पाकिस्तान से भारत की सीमा में घुसे थे। दो जनवरी 2016 की सुबह साढ़े तीन बजे आतंकी असलहा और हथियारों से लैस होकर एयरबेस स्टेशन में दाखिल हुए थे।

इस हमले में एयरबेस के अंदर सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। जबकि करीब 37 अन्य लोग घायल हो गए थे। हमला करने आए सभी आतंकी मारे गए थे। इस मामले की जांच कर रही एनआईए को कई ऐसे प्रमाण मिले थे, जिससे यह बात साफ हो गई थी कि हमला करने वाले सभी आतंकी पाकिस्तान के थे।

वहीं, हमले के समय भी आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं व परिवार के संपर्क में थे। इसके अलावा जिस रास्ते से आतंकी आए थे। वहां से एनआईए को पाकिस्तान में बने फूड पैकेट, एनर्जी ड्रिंक की खाली बोतलें व अन्य सामान बरामद हुआ था।

 
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