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फैसलाः योगेश्वर, बजरंग, विनेश समेत 200 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को पेंशन देगी सरकार
Thu, 13 Feb 2020 11:43 AM IST
खुशबू गोयल
अंकित चौहान, सोनीपत
अंकित चौहान, सोनीपत
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 13 Feb 2020 11:43 AM IST
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योगेस्वर दत्त और बजरंग पूनिया
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अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को अभी तक केवल खेलते रहने तक ही सरकार से सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन अब खेल छोड़ने के बाद भी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। इसके साथ ही योगेश्वर दत्त, बजरंग पूनिया, विनेश फौगाट, साक्षी मलिक, अंकुर मित्तल, नेहा गोयल, मनु भाकर समेत प्रदेश के 200 से ज्यादा खिलाड़ी पेंशन के हकदार हो गए हैं।
इस तरह हरियाणा के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलता दिख रहा है, क्योंकि पेंशन के लिए जिस तरह की पॉलिसी बनाई गई है। उसमें अधिकतर अंतर्राष्ट्रीय हरियाणवी खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। जिनको 12 से 20 हजार रुपये महीने पेंशन मिल जाएगी। यह पेंशन पैरा ओलंपियन खिलाड़ियों के लिए भी होगी और उनको भी इसका लाभ दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने ओलंपिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, वर्ल्ड कप व वर्ल्ड चैंपियनशिप के पदक विजेता खिलाड़ियों के अलावा पैरा ओलंपिक के पदक विजेताओं को पेंशन देने की योजना बनाई है।
जिसके लिए खिलाड़ी 30 साल की उम्र व खेल को पूरी तरह से छोड़ने के बाद आवेदन कर सकता है और उनके आवेदन करने के बाद 12 से 20 हजार रुपये महीना पेंशन शुरू की जाएगी। इस तरह पेंशन योजना का सबसे ज्यादा फायदा हरियाणा के खिलाड़ियों को होता दिख रहा है। क्योंकि जिन प्रतियोगिता में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को पेंशन की योजना में शामिल किया गया है, उनमें सबसे ज्यादा मेडल हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हुए हैं।
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इस तरह हरियाणा के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलता दिख रहा है, क्योंकि पेंशन के लिए जिस तरह की पॉलिसी बनाई गई है। उसमें अधिकतर अंतर्राष्ट्रीय हरियाणवी खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। जिनको 12 से 20 हजार रुपये महीने पेंशन मिल जाएगी। यह पेंशन पैरा ओलंपियन खिलाड़ियों के लिए भी होगी और उनको भी इसका लाभ दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने ओलंपिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, वर्ल्ड कप व वर्ल्ड चैंपियनशिप के पदक विजेता खिलाड़ियों के अलावा पैरा ओलंपिक के पदक विजेताओं को पेंशन देने की योजना बनाई है।
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जिसके लिए खिलाड़ी 30 साल की उम्र व खेल को पूरी तरह से छोड़ने के बाद आवेदन कर सकता है और उनके आवेदन करने के बाद 12 से 20 हजार रुपये महीना पेंशन शुरू की जाएगी। इस तरह पेंशन योजना का सबसे ज्यादा फायदा हरियाणा के खिलाड़ियों को होता दिख रहा है। क्योंकि जिन प्रतियोगिता में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को पेंशन की योजना में शामिल किया गया है, उनमें सबसे ज्यादा मेडल हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हुए हैं।
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पेंशन के हकदार खिलाड़ियों के नाम
ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त, साक्षी मलिक, कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स मेडलिस्ट बजरंग पूनिया, विनेश फौगाट, शूटर अंकुर मित्तल, मनु भाकर, हॉकी खिलाड़ी नेहा गोयल, रानी रामपाल, मोनिका, एथलीट नीरज चोपड़ा, बॉक्सर अमित पंघाल, विकास कृष्ण, मनोज कुमार समेत 200 से ज्यादा खिलाड़ी पेंशन के हकदार हो गए हैं। पेंशन योजना से खिलाड़ियों को खेल छोड़ने के बाद भी किसी तरह की परेशानी से नहीं जूझना पड़ेगा जो उनके लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा, खेल जगत को फायदा : बजरंग
ओलंपिक क्वालीफाई कर चुके पहलवान बजरंग पूनिया ने पेंशन योजना शुरू करने को एक बेहतर पहल बताया है। बजरंग पूनिया ने कहा कि इस पेंशन योजना से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और उनको खेल छोड़ने के बाद भी किसी तरह की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। इसका खेल जगत को काफी फायदा होने वाला है और इस तरह की योजनाएं खिलाड़ियों के लिए बनती रहेगी तो उसका एक अलग ही असर दिखाई देगा।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा, खेल जगत को फायदा : बजरंग
ओलंपिक क्वालीफाई कर चुके पहलवान बजरंग पूनिया ने पेंशन योजना शुरू करने को एक बेहतर पहल बताया है। बजरंग पूनिया ने कहा कि इस पेंशन योजना से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और उनको खेल छोड़ने के बाद भी किसी तरह की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। इसका खेल जगत को काफी फायदा होने वाला है और इस तरह की योजनाएं खिलाड़ियों के लिए बनती रहेगी तो उसका एक अलग ही असर दिखाई देगा।