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Hindi News ›   Chandigarh ›   Indian Government New Education Policy Format Released for Public Suggestions

देश की नई शिक्षा नीति के प्रारूप में बच्चों और टीचरों के लिए कई प्रावधान, देखिए और सुझाव दीजिए

Tue, 04 Jun 2019 09:38 AM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 04 Jun 2019 09:38 AM IST
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Indian Government New Education Policy Format Released for Public Suggestions
स्कूली बच्चे - फोटो : फाइल फोटो
देश की नई शिक्षा नीति तैयार की जा रही है। इसकी प्रारूप सामने आया है, जिस पर मानव संसाधन एवं विकास मंत्रायल ने लोगों से सुझाव मांगे हैं। इसमें बच्चों को मिड-डे मील में लंच के साथ ब्रेकफास्ट देने का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्ताव को काफी सराहा जा रहा है। हरियाणा के शिक्षाविद् बजीर सिंह के अलावा शिक्षक दीपक गोस्वामी व धर्मबीर कौशिक अपने सुझाव भेजेंगे।
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अभी सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को मिड-डे मील में दोपहर का भोजन दिया जाता है। इसमें स्कूलों ने दिन के हिसाब से अलग-अलग मेन्यू बनाया हुआ है। आमतौर पर दाल-चावल, चना-चावल, चपाती-सब्जी इत्यादि दी जाती है। विशेष मौकों पर अनेक स्कूल अपनी ओर से कई बार मटर पनीर इत्यादि भी परोस देते हैं।
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ब्रेकफास्ट का नई नीति में प्रावधान केंद्र सरकार ने अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित करने के मद्देनजर किया है। ब्रेकफास्ट में छात्रों को दूध-ब्रेड, अंडा या केले आदि दिए जा सकते हैं। हरियाणा सरकार पहले से ही आंगनबाड़ी में यह सुविधा शुरू कराने के प्रयास में जुटी हुई है।
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सरकार ने सीआईआई के अलावा बड़े औद्योगिक घरानों को पत्र लिखकर आंगनबाड़ी में नौनिहालों को दूध, ब्रेड, अंडा व केला इत्यादि कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत उपलब्ध कराने की बात कही थी।

नई नीति के प्रारूप में यह भी प्रमुख प्रस्ताव

. शिक्षा के अधिकार का विस्तार कर इसे 1-12वीं तक किया जाएगा
. देश भर में लगभग दस लाख शिक्षकों के खाली पद भरे जाएंगे
. स्कूलों में सेमेस्टर सिस्टम लागू होगा
. 12वीं के बाद बीएड चार साल, बीए के बाद दो साल, एमए के बाद एक वर्ष का होगा
. बोर्ड परीक्षा का भय कम किया जाएगा
. ऑनलाइन मूल्यांकन पर जोर
. टीचर नियुक्तियों में साक्षत्कार अवश्य होगा
. प्रमोशन में भी विभागीय परीक्षा
. गांव में तैनात शिक्षकों के लिए विशेष भते
. शिक्षकों के तबादले बहुत जरूरी होने पर ही होंगे
. शिक्षकों के लिए विद्यालय के नजदीक आवास
. व्यवसायिक शिक्षा पर बल
. शिक्षक छात्र अनुपात 25-1, 30-1 रहेगा
. स्कूली स्तर पर आठवीं के बाद विदेशी भाषा के कोर्स
. निजी स्कूलों पर पहले से ज्यादा नियंत्रण
. निजी स्कूल नाम में (पब्लिक) शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे
. अध्यापक पात्रता परीक्षा के बिना निजी स्कूलों में भी नियुक्त नहीं होंगे शिक्षक.
. शिक्षा मित्र,पैरा टीचर,गेस्ट टीचरों की नियुक्ति नहीं होगी
. गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति
. स्कूल प्रबंधन समिति अब निजी स्कूलों में भी गठित की जाएगा
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