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पासपोर्ट बनवाना हो गया और आसान, किए गए दो नए बदलाव...देखिए और अप्लाई कीजिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Jun 2018 09:51 AM IST
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पासपोर्ट बनवाना अब और आसान हो गया है। दो नए बदलाव किए गए हैं, जिनके बारे में जरूर जान लें और फिर अप्लाई करें। एक नियम परेशानी खड़ी करेगा तो एक राहत देगा। बता दें कि पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में पासपोर्ट मेला लगाया जा रहा है।
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9 जून को तीनों राज्यों में लगेगा पासपोर्ट मेला
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- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की ओर से 9 जून को पासपोर्ट सेवा केंद्र चंडीगढ़, अंबाला और लुधियाना में पासपोर्ट मेला करवाया जा रहा है। इसमें आवेदक रि-शेड्यूल कराकर नई तारीख ले सकते हैं। इससे उनका पासपोर्ट करीब 20 दिन पहले बन जाएगा।
उप पासपोर्ट अधिकारी अमित कुमार रावत ने बताया कि यह मेला सामान्य एवं तत्काल योजना के अंतर्गत पासपोर्ट एवं पीसीसी हेतु आवेदन करने वालों के लिए है। मेले में नया पासपोर्ट बनवाने सहित पुराने पासपोर्ट में खामियों को दूर करवाया जा सकता है। इसके अलावा पूर्व में आवेदन के लिए समय (अप्वाइंटमेंट) ले चुके आवेदक उपरोक्त मेले के लिए अपना अप्वाइंटमेंट दोबारा निर्धारित करा सकते हैं।
आवेदक मंत्रालय की वेबसाइट पर भी आवेदन कर सकते हैं। अब शनिवार व रविवार को केंद्र खुलने लगे हैं। जिन्हें पासपोर्ट की जल्द जरूरत है, वे रि-शेड्यूल कर अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। चंडीगढ़ रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर शिवास कविराज ने बताया कि लोगों को दलालों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। वे सीधे किसी भी पासपोर्ट केंद्र में अपनी बात रख सकते हैं। वाट्सएप या टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। दलाल की शिकायत कर सकते हैं।
उप पासपोर्ट अधिकारी अमित कुमार रावत ने बताया कि यह मेला सामान्य एवं तत्काल योजना के अंतर्गत पासपोर्ट एवं पीसीसी हेतु आवेदन करने वालों के लिए है। मेले में नया पासपोर्ट बनवाने सहित पुराने पासपोर्ट में खामियों को दूर करवाया जा सकता है। इसके अलावा पूर्व में आवेदन के लिए समय (अप्वाइंटमेंट) ले चुके आवेदक उपरोक्त मेले के लिए अपना अप्वाइंटमेंट दोबारा निर्धारित करा सकते हैं।
आवेदक मंत्रालय की वेबसाइट पर भी आवेदन कर सकते हैं। अब शनिवार व रविवार को केंद्र खुलने लगे हैं। जिन्हें पासपोर्ट की जल्द जरूरत है, वे रि-शेड्यूल कर अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। चंडीगढ़ रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर शिवास कविराज ने बताया कि लोगों को दलालों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। वे सीधे किसी भी पासपोर्ट केंद्र में अपनी बात रख सकते हैं। वाट्सएप या टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। दलाल की शिकायत कर सकते हैं।
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अब दो लोगों का रेफरेंस देने की जरूरत नहीं
पासपोर्ट ऑफिस
पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय अब आवेदकों को दो लोगों का रिफरेंस देने की जरूरत नहीं होगी। विदेश मंत्रालय ने नियमों को सरल करते हुए यह अनिवार्यता खत्म कर दी है। इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर दिया है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
पासपोर्ट के लिए आनॅलाइन आवेदन करते समय फॉर्म में आवेदक को अपने घर के आसपास रहने वाले दो स्थानीय व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल या फोन नंबर के साथ डिटेल देना होती थी। इसका उपयोग पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान होता था।
यूआईडीएआई अपने ऑफिशियल ट्वीटर एकाउंट पर आधार धारकों को यह अलर्ट भेज रहा है कि, अगर पासपोर्ट बनवाना है तो केवल आधार कार्ड ही उनके लिए जरूर होगा। साथ ही अगर आपके पास पहले से पासपोर्ट है तो आप केवल आधार कार्ड के जरिए इसका रिन्युअल करा सकते हैं।
पासपोर्ट के लिए आनॅलाइन आवेदन करते समय फॉर्म में आवेदक को अपने घर के आसपास रहने वाले दो स्थानीय व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल या फोन नंबर के साथ डिटेल देना होती थी। इसका उपयोग पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान होता था।
यूआईडीएआई अपने ऑफिशियल ट्वीटर एकाउंट पर आधार धारकों को यह अलर्ट भेज रहा है कि, अगर पासपोर्ट बनवाना है तो केवल आधार कार्ड ही उनके लिए जरूर होगा। साथ ही अगर आपके पास पहले से पासपोर्ट है तो आप केवल आधार कार्ड के जरिए इसका रिन्युअल करा सकते हैं।
वेरिफिकेशन के लिए अब आधार नंबर देने की जरूरत नहीं
पासपोर्ट
आपको अपने 12 अंकों का आधार नंबर किसी को देने की जरूरत नहीं है। इसकी बजाय एक वर्चुअल नंबर जनरेट कर सकेंगे, जिससे आप किसी भी तरह का सरकारी वेरिफिकेशन करा सकेंगे। आधार नंबर देने से निजी जानकारी उजागर होने का खतरा रहता था।
आधार नंबर जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने वर्चुअल आईडी (वीआईडी) बनाने के लिए बीटा संस्करण लांच कर दिया है। 1 जून, 2018 से किसी भी तरह की सेवा प्रदाता संस्थाएं आधार नंबर के स्थान पर इस वीआईडी को स्वीकार करने लगेंगी।
आधार नंबर जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने वर्चुअल आईडी (वीआईडी) बनाने के लिए बीटा संस्करण लांच कर दिया है। 1 जून, 2018 से किसी भी तरह की सेवा प्रदाता संस्थाएं आधार नंबर के स्थान पर इस वीआईडी को स्वीकार करने लगेंगी।
पते के प्रूफ में शामिल नहीं होगा पासपोर्ट
पासपोर्ट
विदेश मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार, पासपोर्ट को अब लोग एड्रेस प्रूफ के तौर पर यूज नहीं कर सकेंगे। इसका आखिरी पन्ना अब खाली रहेगा। इसी पेज में एड्रेस समेत लीगल गार्जियन का नाम, मां, पत्नी, पति का नाम और पुराने पासपोर्ट का नंबर आदि जानकारी दी होती हैं। यह पेज अब नहीं होगा।
इसके स्थान पर एक बारकोड होगा, जिसको स्कैन कर अधिकारी जानकारी जुटा सकेंगे। हालांकि यह डिटेल्स पासपोर्ट बुकलेट की नई सीरिज पर होगी। जब तक रीजनल पासपोर्ट ऑफिस के पास पुरानी बुकलेट का स्टॉक मौजूद रहेगा, तब तक आखिरी पन्ने पर पता लिखा जाएगा। लेकिन यह अब पते के प्रूफ के तौर पर इसका प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। 1 जून से यह सुविधा लागू हो गई है।
इसके स्थान पर एक बारकोड होगा, जिसको स्कैन कर अधिकारी जानकारी जुटा सकेंगे। हालांकि यह डिटेल्स पासपोर्ट बुकलेट की नई सीरिज पर होगी। जब तक रीजनल पासपोर्ट ऑफिस के पास पुरानी बुकलेट का स्टॉक मौजूद रहेगा, तब तक आखिरी पन्ने पर पता लिखा जाएगा। लेकिन यह अब पते के प्रूफ के तौर पर इसका प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। 1 जून से यह सुविधा लागू हो गई है।
ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन
पासपोर्ट
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शिबाश कबिराज ने बताया कि पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन की जाएगी। पिछले साल अगस्त में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम प्रोजेक्ट (CCTNS) को पासपोर्ट सर्विस के साथ लिंक कर दिया गया था। जल्द ही यह फिजिकल पुलिस वेरिफिकेशन को खत्म कर देगा। इस सिस्टम के लागू होते ही वेरिफिकेशन भी ऑनलाइन ही हो जाएगा।
इससे पासपोर्ट बनने में लगने वाला टाइम और भी ज्यादा कम हो जाएगा। इसके लिए पासपोर्ट कार्यालय जल्द ही हरियाणा और चंडीगढ़ में एम-पासपोर्ट पुलिस ऐप शुरू करने जा रहा है। इससे ऑनलाइन ही पुलिस वेरिफिकेशन हो जाएगी। पटियाला में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एम-पासपोर्ट पुलिस एप शुरू की जा चुकी है।
इस एप के माध्यम से पुलिस वेरिफिकेशन ऑनलाइन की जा रही है। इस एप के माध्यम से लोग ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करेंगे। तय समय के अंदर संबंधित थाना अधिकारी आवेदनकर्ता के घर आकर जांच-पड़ताल कर फिंगर प्रिंट और फोटो को ऑनलाइन फीड करेंगे।
यह रिपोर्ट इस एप के माध्यम से संबंधित अधिकारी के पास मंजूरी के लिए जाएगी। पासपोर्ट बनवाने के लिए ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन मान्य कर दी जाएगी। इस सुविधा से पुलिस वेरिफिकेशन 12 घंटे के अंदर पूरी हो जाएगी।
इससे पासपोर्ट बनने में लगने वाला टाइम और भी ज्यादा कम हो जाएगा। इसके लिए पासपोर्ट कार्यालय जल्द ही हरियाणा और चंडीगढ़ में एम-पासपोर्ट पुलिस ऐप शुरू करने जा रहा है। इससे ऑनलाइन ही पुलिस वेरिफिकेशन हो जाएगी। पटियाला में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एम-पासपोर्ट पुलिस एप शुरू की जा चुकी है।
इस एप के माध्यम से पुलिस वेरिफिकेशन ऑनलाइन की जा रही है। इस एप के माध्यम से लोग ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करेंगे। तय समय के अंदर संबंधित थाना अधिकारी आवेदनकर्ता के घर आकर जांच-पड़ताल कर फिंगर प्रिंट और फोटो को ऑनलाइन फीड करेंगे।
यह रिपोर्ट इस एप के माध्यम से संबंधित अधिकारी के पास मंजूरी के लिए जाएगी। पासपोर्ट बनवाने के लिए ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन मान्य कर दी जाएगी। इस सुविधा से पुलिस वेरिफिकेशन 12 घंटे के अंदर पूरी हो जाएगी।
तत्काल पासपोर्ट के लिए अब 'वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट' नहीं
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तत्काल पासपोर्ट के लिए अब 'वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट' देने की अनिवार्यता भी अब खत्म कर दी गई है। वहीं अब आप इसके लिए केवल आधार, पैन और वोटर कार्ड देकर भी अपना काम करा सकते हैं। नया नियम 25 जनवरी 2018 से लागू हो गया है।
अब तक, अनुलग्नक एफ (तत्काल के तहत पासपोर्ट के लिए नमूना सत्यापन प्रमाण पत्र) के तहत, तत्काल श्रेणी के पासपोर्ट की सिफारिश करने वाले क्लास 1 अधिकारी द्वारा प्रमाणपत्र जारी करना आवश्यक होता था, अब इसकी जरूरत नहीं होगी।
नए नियम के तहत, कोई आवेदक सभी आवश्यक दस्तावेजों को उपलब्ध कराता है और ये सभी वैध दस्तावेज हैं, तो इसकी पुष्टि करने के लिए मध्यस्थ की जरूरत नहीं होगी। आवेदक को आसानी से तत्काल पासपोर्ट मिल जाएगा।
अब तक, अनुलग्नक एफ (तत्काल के तहत पासपोर्ट के लिए नमूना सत्यापन प्रमाण पत्र) के तहत, तत्काल श्रेणी के पासपोर्ट की सिफारिश करने वाले क्लास 1 अधिकारी द्वारा प्रमाणपत्र जारी करना आवश्यक होता था, अब इसकी जरूरत नहीं होगी।
नए नियम के तहत, कोई आवेदक सभी आवश्यक दस्तावेजों को उपलब्ध कराता है और ये सभी वैध दस्तावेज हैं, तो इसकी पुष्टि करने के लिए मध्यस्थ की जरूरत नहीं होगी। आवेदक को आसानी से तत्काल पासपोर्ट मिल जाएगा।
तत्काल पासपोर्ट के लिए नई फीस तय हुई
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आधार कार्ड के साथ पहले से तय 12 दस्तावेजों- वोटर, पैन कार्ड, बैंक-पोस्ट ऑफिस पासबुक, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाणपत्र, कर्मचारी पहचान पत्र आदि में से कोई दो दस्तावेज के अलावा कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होने का स्वयं घोषित शपथपत्र के साथ आवेदन करना होगा। वहीं अब आवेदक को तत्काल पासपोर्ट के लिए सामान्य पासपोर्ट से 2000 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
ऐसा करने पर तीन दिन के अंदर ही तत्काल पासपोर्ट जारी हो जाएगा। पुलिस वेरिफिकेशन की औपचारिकता बाद में पूरी की जाएगी। अभी नागरिकों को सामान्य में 1500 रुपये, जबकि तत्काल पासपोर्ट की फीस 3500 रुपये देनी होती है। बता दें कि इस नए नियम के लागू हो जाने से पासपोर्ट एजेंटों के पास धक्के खाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
ऐसा करने पर तीन दिन के अंदर ही तत्काल पासपोर्ट जारी हो जाएगा। पुलिस वेरिफिकेशन की औपचारिकता बाद में पूरी की जाएगी। अभी नागरिकों को सामान्य में 1500 रुपये, जबकि तत्काल पासपोर्ट की फीस 3500 रुपये देनी होती है। बता दें कि इस नए नियम के लागू हो जाने से पासपोर्ट एजेंटों के पास धक्के खाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।