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90 हजार पाक सैनिकों के घुटने टिकवाने वाली 'खड़ग कोर' फिर थर्राने को तैयार, कर रही अभ्यास

Tue, 28 Jan 2020 02:29 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 28 Jan 2020 02:29 PM IST
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Indian Army War Practice Near Border
भारतीय सेना का युद्धाभ्यास - फोटो : अमर उजाला
भारतीय सेना की खतरनाक ‘खड़ग कोर’(स्ट्राइक) ने पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक अपनी ‘फायर पॉवर’ की ताकत दिखाकर एक बार फिर पाक की चिंताएं बढ़ा दी है। वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ ‘खड़ग’ सबसे खतरनाक और उतर भारत की महत्वपूर्ण स्ट्राइक कोर में से एक है। इसी कोर ने पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में दहला देने वाली फायर पॉवर एक्सरसाइज को संपन्न किया। इस प्रमुख स्ट्राइक कोर के इतिहास को यदि देखें तो काफी खतरनाक रहा है।
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सन 1971 की लड़ाई में बांग्ला मोर्चे पर पाकिस्तान सेना के करीब नब्बे हजार जवानों को बंदी बनाकर युद्ध जीतने में इस कोर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसी कोर ने उन पाक जवानों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। इस घटा के बाद ही बांग्लादेश का उदय हुआ था। अब ये स्ट्राइक कोर वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ है। विगत दिनों इस स्ट्राइक कोर ने अपनी एक खास एक्सरसाइज को पाकिस्तान बॉर्डर के पास अंजाम दिया। इसे ‘फॉर्मिडेबल फायर पावर’ एक्सरसाइज  यानी दहला देने वाली अग्नि शक्ति ‘खड़ग शक्ति’ का नाम दिया गया।
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कुछ दिन तक चली इस एक्सरसाइज में कोर ने एक युद्ध सरीखे परिदृश्य को क्रिएट कर ताबड़तोड़ फायर दागे, जिससे पूरी रेंज में दूर तक तोपों और गोलों की खतरनाक गूंज का शोर बना रहा। इस अभ्यास के दौरान स्ट्राइक कोर ने अपनी एडवांस तोप के गोलों व भारी भरकम सैन्य गाड़ियों पर तैनात विभिन्न मिसाइलों को एक के बाद एक लगातार काल्पनिक टारगेट पर दागा गया।
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‘सेंसर शूटर’ क्षमता के साथ किया अभ्यास

इस एक्सरसाइज की खास बात यह रही कि इस दौरान सेना की इस स्ट्राइक कोर ने सेना में मौजूदा और नई शामिल हुई तकनीकों के साथ अपनी फायर पॉवर दिखाई। इसके अंतर्गत कोर ने अपनी एक्सरसाइज में अपनी सेंसर शूटर क्षमता को भी और निखारा।

इस तकनीक के जरिए सेना के फायर कंट्रोल सिस्टम को टारगेट का सटीक डाटा उपलब्ध करवाया जाता है। इस डाटा को संबंधित मिसाइल व तोप दागने से पहले फीड किया जाता है और फिर उस टारगेट पर ताबड़तोड़ ढंग से फायरिंग कर दी जाती है। जिससे टारगेट पूरी तरह से नेस्तानाबूत हो जाता है। इसके लिए शूटर ग्रिड सेंसर मौजूद रहता है।
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