{"_id":"5e257b8b8ebc3e4af34096a5","slug":"indian-army-soldier-baljinder-singh-funeral-at-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"होशियारपुरः ड्यूटी के दौरान बीमार पड़ने से फौजी की मौत, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होशियारपुरः ड्यूटी के दौरान बीमार पड़ने से फौजी की मौत, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
Mon, 20 Jan 2020 03:36 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, टांडा उड़मुड़(होशियारपुर)
अमर उजाला, टांडा उड़मुड़(होशियारपुर)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 20 Jan 2020 03:36 PM IST
विज्ञापन
फौजी का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लेह में ड्यूटी के दौरान गंभीर बीमार पड़ने से टांडा के गांव जहूरा के फौजी बलजिंदर सिंह का निधन हो गया था। रविवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हवलदार बलजिंदर सिंह पुत्र लेट गुरबचन सिंह 17 जनवरी को अचानक ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़ गए और उनका निधन हो गया।
रविवार दोपहर हवलदार बलजिंदर का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो गांव में मातम का माहौल था। गांव के ही श्मशानघाट में बलजिंदर का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान फौज की टुकड़ी ने हवा में गोलियां दागकर और शस्त्र उलटे कर दिवंगत को अंतिम सलामी दी। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विधायक संगत सिंह गिलजियां, एडीसी हरप्रीत सूदन, एसडीएम ज्योति बाला मट्टू और फौज के अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
विधायक गिलजियां ने सरकार की ओर से दिवंगत फौजी के परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद, पांच लाख का प्लॉट, माता को दो लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने का एलान किया। दिवंगत फौजी बलजिंदर सिंह अपने पीछे माता कुंती देवी , पत्नी प्रदीप कौर, चार वर्षीय दो जुड़वां बेटे छोड़ गए हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर जिला सैनिक भलाई अफसर, नायाब तहसीलदार ओंकार सिंह, सरपंच अश्वनी कुमार, राकेश वोहरा, अवतार सिंह खोखर, पुष्पेंदर सिंह, सरपंच हरभजन सिंह कलियाणपुर, शालू, पवन कुमार, कैप्टन नरेश कुमार, सूबेदार सुखवीर सिंह, पृथीपाल सिंह और गांव निवासी मौजूद थे।
विज्ञापन
रविवार दोपहर हवलदार बलजिंदर का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो गांव में मातम का माहौल था। गांव के ही श्मशानघाट में बलजिंदर का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान फौज की टुकड़ी ने हवा में गोलियां दागकर और शस्त्र उलटे कर दिवंगत को अंतिम सलामी दी। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विधायक संगत सिंह गिलजियां, एडीसी हरप्रीत सूदन, एसडीएम ज्योति बाला मट्टू और फौज के अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन
विधायक गिलजियां ने सरकार की ओर से दिवंगत फौजी के परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद, पांच लाख का प्लॉट, माता को दो लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने का एलान किया। दिवंगत फौजी बलजिंदर सिंह अपने पीछे माता कुंती देवी , पत्नी प्रदीप कौर, चार वर्षीय दो जुड़वां बेटे छोड़ गए हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर जिला सैनिक भलाई अफसर, नायाब तहसीलदार ओंकार सिंह, सरपंच अश्वनी कुमार, राकेश वोहरा, अवतार सिंह खोखर, पुष्पेंदर सिंह, सरपंच हरभजन सिंह कलियाणपुर, शालू, पवन कुमार, कैप्टन नरेश कुमार, सूबेदार सुखवीर सिंह, पृथीपाल सिंह और गांव निवासी मौजूद थे।