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असफलता एक चुनौती, इसे स्वीकारो आगे बढ़ो, आर्मी के दरवाजे हमेशा खुले हैं: बिपिन रावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Sun, 11 Nov 2018 09:02 AM IST
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बिपिन रावत
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असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो तुम, कहां खामियां रह गईं, इस पर विचार करो तुम, आगे बढ़ते चलो तुम, सफलता जरूर तुम्हें मिलेगी। फिर उस नई सफलता के साथ परचम लहराए चलो तुम कविता सुनाकर बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। जनरल बिपिन रावत शनिवार को डुगरी स्थित सतपाल मित्तल स्कूल के आडीटोरियम में नेहरू सिद्धांत केंद्र की ओर से आयोजित सतपाल मित्तल नेशनल अवार्ड 2018 के समागम में बतौर मुख्य अतिथि हाजिर हुए थे।
उन्होंने अवार्ड बांटे और स्कूली बच्चों को संबोधित किया। जनरल रावत ने अपने स्कूली समय में टीचर की ओर से सुनाई जाने वाली कविता भी बच्चों को सुनाई और बताया कि वह असफलता से न डरें। उन्होंने बच्चों से कभी मेहनत करने के बावजूद सफलता नहीं मिलती तो वह असफलता से डरे नहीं, बल्कि हमेशा असफलता से शिक्षा लेनी चाहिए। खुद पर और सिस्टम पर विश्वास रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा लेकर बच्चे देश के अलग अलग हिस्सों में जाकर डाक्टर, इंजीनियर बन कर तो समाज की सेवा करेंगे। साथ ही कुछ ऐसे बच्चे भी होंगे, जो बड़े होकर भारतीय सेना में शामिल होंगे। भारतीय सेना ऐसे बच्चों के स्वागत के लिए हमेशा तैयार रहेगी।
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उन्होंने अवार्ड बांटे और स्कूली बच्चों को संबोधित किया। जनरल रावत ने अपने स्कूली समय में टीचर की ओर से सुनाई जाने वाली कविता भी बच्चों को सुनाई और बताया कि वह असफलता से न डरें। उन्होंने बच्चों से कभी मेहनत करने के बावजूद सफलता नहीं मिलती तो वह असफलता से डरे नहीं, बल्कि हमेशा असफलता से शिक्षा लेनी चाहिए। खुद पर और सिस्टम पर विश्वास रखना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा लेकर बच्चे देश के अलग अलग हिस्सों में जाकर डाक्टर, इंजीनियर बन कर तो समाज की सेवा करेंगे। साथ ही कुछ ऐसे बच्चे भी होंगे, जो बड़े होकर भारतीय सेना में शामिल होंगे। भारतीय सेना ऐसे बच्चों के स्वागत के लिए हमेशा तैयार रहेगी।
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सेना प्रमुख ने पांच लोगों को किया सम्मानित
बिपिन रावत
सतपाल मित्तल स्कूल में आयोजित समागम में हिस्सा लेने पहुंचे सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट की तरफ से सतपाल मित्तल नेशनल अवार्ड 2018 के तहत पांच लोगों को सम्मानित किया। अरुणाचलम मुरुगनथरम (पैडमैन), थिरुमलाई चैरिटी ट्रस्ट (गांवों में सेहत सेवा), दी लैपोरेसी मिशन ट्रस्ट इंडिया को सतपाल मित्तल राष्ट्रीय पुरस्कार और दीपालिया संस्था के अलावा डॉ. सुमेश कुमार भारती को विशेष प्रशंसा सम्मान के साथ सम्मानित किया गया। समागम के दौरान नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट ने भारतीय फौज के साथ एक इकरारनामा किया ।
इसके तहत शहीद जवानों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया करवाने के लिए ट्रस्ट हर साल सौ स्कालरशिप देगा। यह स्कालरशिप पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को दी जाएगी। इस स्कालरशिप के तहत योग्य विद्यार्थियों को 12वींतक पढ़ाई के लिए फंड मुहैया करवाया जाएगा करेगा। एक परिवार से ज्यादा से ज्यादा दो बच्चों को स्कालरशिप दी जाएगी। ट्रस्ट के प्रधान राकेश भारती मित्तल ने बताया कि इसे नेहरू स्कालरशिप का नाम दिया गया है। अब तक 17100 गरीब विद्यार्थियों को स्कालरशिप दी जा चुकी है। आज 1147 बच्चों को स्कालरशिप दी गई। इस मौके पर भारतीय फौज के पूर्व प्रमुख जनरल वेद प्रकाश मलिक व अन्य लोग मौजूद थे।
इसके तहत शहीद जवानों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया करवाने के लिए ट्रस्ट हर साल सौ स्कालरशिप देगा। यह स्कालरशिप पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को दी जाएगी। इस स्कालरशिप के तहत योग्य विद्यार्थियों को 12वींतक पढ़ाई के लिए फंड मुहैया करवाया जाएगा करेगा। एक परिवार से ज्यादा से ज्यादा दो बच्चों को स्कालरशिप दी जाएगी। ट्रस्ट के प्रधान राकेश भारती मित्तल ने बताया कि इसे नेहरू स्कालरशिप का नाम दिया गया है। अब तक 17100 गरीब विद्यार्थियों को स्कालरशिप दी जा चुकी है। आज 1147 बच्चों को स्कालरशिप दी गई। इस मौके पर भारतीय फौज के पूर्व प्रमुख जनरल वेद प्रकाश मलिक व अन्य लोग मौजूद थे।