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श्री दुखनिवारण साहिब पहुंचे जेजे, बोले- तीसरी पारी में करूंगा पंजाबियों की सेवा
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 04 Jan 2017 06:24 PM IST
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श्री दुखनिवारण साहिब पहुंचे जेजे
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय फौज के पूर्व प्रमुख एवं अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर रहे जनरल जेजे सिंह ने बुधवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे नतमस्तक हुए। इस मौके पर जनरल जेजे सिंह को गुरुद्वारा साहिब के हेडग्रंथी ज्ञानी प्रणाम सिंह और मैनेजर भगवंत सिंह ने सिरोपा भेंट किया। वहीं शिअद की जिला इकाई की ओर से उनका स्वागत किया गया।
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान रिटायर्ड जनरल जेेजे सिंह ने उनके पटियाला शहरी हलके से अकाली दल की तरफ कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने की लगाई जा रही अटकलों के बारे में साफ किया कि वह फौज के प्रमुख और गवर्नर रहने के बाद अब तीसरी पारी में पंजाबियों की सेवा करने का इरादा रखते हैं। वह सच्चे मन से देश के सिपाही हैं और जो कुछ होना है, वह परमात्मा की रजा में ही होना है, लेकिन वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने बताया कि 1947 में देश के बंटवारे के समय उनके दादके व नानके पाकिस्तान के रावलपिंडी से पटियाला आए थे और यहां बसे थे, जिस करके पटियाला के साथ उनका बहुत गहरा रिश्ता है। उस समय पटियाला रियायत की ओर से रिफ्यूजियों को शरण दिए जाने और अब उसी रियासत के वारिस के खिलाफ चुनाव लड़ने का इरादा रखने के बारे में पूछे सवाल के जवाब में जनरल जेेजे सिंह ने साफ किया कि चुनाव किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि एक निशाने को लेकर लड़े जाते हैं। उनका निशाना बड़ा साफ है कि वह अपनी तीसरी पारी में पंजाबियों व खास करके पटियालवियों की सेवा करना चाहते हैं।
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इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान रिटायर्ड जनरल जेेजे सिंह ने उनके पटियाला शहरी हलके से अकाली दल की तरफ कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने की लगाई जा रही अटकलों के बारे में साफ किया कि वह फौज के प्रमुख और गवर्नर रहने के बाद अब तीसरी पारी में पंजाबियों की सेवा करने का इरादा रखते हैं। वह सच्चे मन से देश के सिपाही हैं और जो कुछ होना है, वह परमात्मा की रजा में ही होना है, लेकिन वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
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उन्होंने बताया कि 1947 में देश के बंटवारे के समय उनके दादके व नानके पाकिस्तान के रावलपिंडी से पटियाला आए थे और यहां बसे थे, जिस करके पटियाला के साथ उनका बहुत गहरा रिश्ता है। उस समय पटियाला रियायत की ओर से रिफ्यूजियों को शरण दिए जाने और अब उसी रियासत के वारिस के खिलाफ चुनाव लड़ने का इरादा रखने के बारे में पूछे सवाल के जवाब में जनरल जेेजे सिंह ने साफ किया कि चुनाव किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि एक निशाने को लेकर लड़े जाते हैं। उनका निशाना बड़ा साफ है कि वह अपनी तीसरी पारी में पंजाबियों व खास करके पटियालवियों की सेवा करना चाहते हैं।
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