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Chandigarh News: नशा मुक्त हो भारत देश, नशा करो तुम देश- प्रेम का.. पर बजीं तालियां
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चंडीगढ़ सेक्टर 43 के सामुदायिक केंद्र में वीरवार को आचार्य कल ट्रस्ट की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि दीपक शर्मा चनारथल ने की। आचार्यकुल के अध्यक्ष केके शारदा ने बताया कि चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. मनमोहन सिंह और पार्षद प्रेमलता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहींं। सबसे पहले महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। पल्लवी रामपाल ने गांधी जी का प्रिय भजन वैष्णव जन प्रस्तुत किया।
डा. मनमोहन सिंह ने कहा गांधीजी ने हमें सिखाया कि कलम केवल मनोरंजन या सौंदर्य का साधन नहीं। यह समाज सुधार का सशक्त माध्यम भी है। आचार्यकुल के अध्यक्ष केके शारदा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महात्मा गांधी के आदर्शों को अपने भीतर आत्मसात करना होगा। अन्यथा जेन जी विनाशकारी आंदोलन का अपना लेगी। युवाओं को अपनी क्रांतिकारी विचारों को अहिंसा एवं शांति से प्रकट करने का भाव मात्र गांधी जी के आदर्श का पठन करने से ही मिल सकता है।
साहित्यकार प्रेम विज ने अपनी कविता के माध्यम से काव्य श्रद्धांजलि प्रस्तुत की उन्होंने याद रहेगी सदा कहानी, त्याग, सादगी, कर्म की निशानी पेश किया। प्रज्ञा शारदा ने नशा मुक्त हो भारत देश, नशा करो तुम देश- प्रेम का, उसकी खातिर मर-मिटने का, नशा करो तुम सत्य-वचन का
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चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ अनीश गर्ग ने गांधी जयंती और विजयादशमी दोनों पर अपना विचार कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने असमंजस में हूं साहब, समझ नहीं आए, दशहरा मनाऊं या गांधी जयंती मनाएं। चरखा चलाऊं, सूत गूंथूं सादगी के धागों में, या रावण का पुतला जला दूं शौर्य के रागों में पेश कर वाहवाही के साथ तालियां बटोी।
शायर अशोक भंडारी नादिर ने चीनी माल लेना है वतन के साथ गद्दारी गद्दारी, गद्दारी है इस हद तक के आजादी पर है भारी पेश कर तालियां बटोरी।
इस कार्यक्रम में विशेष तौर पर संगीता शर्मा कुंद्रा, शायर भट्टी, डेजी बेदी, रेनू, प्रज्ञा शारदा, दर्शन कुमारी, बिंदर मांझी, प्रेम विज, गणेश दत्त, कृष्णा गोयल, अश्विनी भीम, पाल अजनबी, अवतार सिंह पतंग, राजन सुदामा, परमजीत मान, अवतार सिंह पतंग, सतवंत गोगी गिल, विमला गुगलानी उपस्थित रहे ।
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डा. मनमोहन सिंह ने कहा गांधीजी ने हमें सिखाया कि कलम केवल मनोरंजन या सौंदर्य का साधन नहीं। यह समाज सुधार का सशक्त माध्यम भी है। आचार्यकुल के अध्यक्ष केके शारदा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महात्मा गांधी के आदर्शों को अपने भीतर आत्मसात करना होगा। अन्यथा जेन जी विनाशकारी आंदोलन का अपना लेगी। युवाओं को अपनी क्रांतिकारी विचारों को अहिंसा एवं शांति से प्रकट करने का भाव मात्र गांधी जी के आदर्श का पठन करने से ही मिल सकता है।
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साहित्यकार प्रेम विज ने अपनी कविता के माध्यम से काव्य श्रद्धांजलि प्रस्तुत की उन्होंने याद रहेगी सदा कहानी, त्याग, सादगी, कर्म की निशानी पेश किया। प्रज्ञा शारदा ने नशा मुक्त हो भारत देश, नशा करो तुम देश- प्रेम का, उसकी खातिर मर-मिटने का, नशा करो तुम सत्य-वचन का
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चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ अनीश गर्ग ने गांधी जयंती और विजयादशमी दोनों पर अपना विचार कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने असमंजस में हूं साहब, समझ नहीं आए, दशहरा मनाऊं या गांधी जयंती मनाएं। चरखा चलाऊं, सूत गूंथूं सादगी के धागों में, या रावण का पुतला जला दूं शौर्य के रागों में पेश कर वाहवाही के साथ तालियां बटोी।
शायर अशोक भंडारी नादिर ने चीनी माल लेना है वतन के साथ गद्दारी गद्दारी, गद्दारी है इस हद तक के आजादी पर है भारी पेश कर तालियां बटोरी।
इस कार्यक्रम में विशेष तौर पर संगीता शर्मा कुंद्रा, शायर भट्टी, डेजी बेदी, रेनू, प्रज्ञा शारदा, दर्शन कुमारी, बिंदर मांझी, प्रेम विज, गणेश दत्त, कृष्णा गोयल, अश्विनी भीम, पाल अजनबी, अवतार सिंह पतंग, राजन सुदामा, परमजीत मान, अवतार सिंह पतंग, सतवंत गोगी गिल, विमला गुगलानी उपस्थित रहे ।