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भारत ने निभाया वादा: 41 ट्रकों में 2100 टन गेहूं अफगानिस्तान भेजा, अफगान उच्चायुक्त बोले- भारत ने बड़े भाई का फर्ज निभाया
Tue, 22 Feb 2022 07:35 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 22 Feb 2022 07:35 PM IST
सार
गेहूं की यह खेप चार दिनों के बाद अफगानिस्तान पहुंचेगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ माह पहले ही अफगानिस्तान को 50 हजार टन गेहूं देने का वादा किया था।
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अटारी सीमा पर मौजूद विदेश सचिव हर्षवर्धन सिंगला, साथ में अफगानिस्तान के उच्चायुक्त फरीद मइयुद्दीन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
भारत ने मंगलवार को गेहूं से भरे 41 ट्रक ज्वाइंट चेक पोस्ट (जेसीपी) अटारी से अफगानिस्तान रवाना किया है। भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन सिंगला ने इन ट्रकों को हरी झंडी दिखाई। अफगानिस्तान के उच्चायुक्त फरीद मइयुद्दीन विशेष तौर पर जेसीपी अटारी पहुंचे थे। सभी ट्रक पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान पहुंचेंगे। अफगानिस्तान के उच्चायुक्त मइयुद्दीन ने कहा कि जब भी अफगानिस्तान को मदद की जरूरत पड़ी, तब भारत सरकार और भारत की जनता ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और बड़े भाई का फर्ज निभाया है।
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उन्होंने कहा कि मुश्किल घड़ी में जहां आज भारत ने पांच हजार मीट्रिक टन गेहूं दिया है, वहीं इससे पहले भारत ने अफगानिस्तान को बस, मेडिकल सुविधा, बच्चों के खाने-पीने की चीजें भी भेजीं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान हमेशा भारत का ऋणी रहेगा। ट्रकों को हरी झंडी दिखाने के बाद भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन ने बताया कि भारत से भेजी जा रही गेहूं की पहली खेप पाकिस्तान के जलालाबाद इलाका से होकर अफगानिस्तान पहुंचेगी।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान के हालात को देखकर वहां के नागरिकों की मदद के लिए गेहूं की पहली खेप रवाना की है। उन्होंने कहा कि भारत से पहली खेप में 21 सौ टन गेहूं अफगानिस्तान के 41 ट्रकों के माध्यम से भेजा गया है। यह खेप चार दिनों के बाद वहां पहुंचेगी। भारत भविष्य में भी अफगानिस्तान की किसी भी जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार रहेगा।
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भारत ने कुछ माह पहले किया था 50 हजार टन गेहूं देने का वादा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ माह पहले अफगानिस्तान को 50 हजार टन गेहूं देने का वादा किया था। उसी वादे को पूरा करने की दिशा में आज पहली खेप में करीब 2100 टन गेहूं अफगानिस्तान भेजा गया है। करीब दो सप्ताह पहले यूएन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के तहत एक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। यूएन ने पाकिस्तान के रास्ते भारत को 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं अफगानिस्तान भेजने की इजाजत देने को कहा था। पाकिस्तान की तरफ से इसके लिए सभी तरह की मंजूरी मिलने के बाद ही गेहूं अफगानिस्तान भेजा गया है।