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काम आया PGI का ईलाज, कम हो रहा है चाहत का वजन

Fri, 14 Jul 2017 10:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 14 Jul 2017 10:06 AM IST
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india's heaviest girl child chahat treatment in PGI
Chahat
मोटापे से पीड़ित चाहत के परिजनों के लिए राहत भरी खबर आई है। पीजीआई में इलाज शुरू होने के बाद से उसका वजन करीब 500 ग्राम कम हुआ है। जबकि उसका हर महीने दो किलोग्राम वजन बढ़ रहा था। करीब एक माह से उसका इलाज चल रहा है।
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पीजीआई के डॉक्टरों का कहना है कि अभी मुख्य रिपोर्ट नहीं आई है। इसके बावजूद मोटापे का बेसिक इलाज शुरू  करवा दिया गया है। यदि जेनेटिक रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो इलाज बदल देंगे। वरना यही इलाज चलेगा। जब वह पीजीआई आई थी, तब उसका वजन 20 किलोग्राम था। अब उसका वजन 19 किलो 500 ग्राम रह गया है।
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   इलाज के तौर पर चाहत को कुछ मेडिसिन दी गई और एक्सरसाइज करवाई जा रही है। एक घंटे उसे रोजाना चलना होता है। मोटापे का यही बेसिक इलाज है। चाहत के पिता सूरज ने बताया कि वह अपने बच्ची के इलाज से खुश हैं। उन्होंने पीजीआई के डॉक्टरों का धन्यवाद देते हुए कहा कि चाहत के इलाज में संस्थान के डॉक्टर पूरी मदद कर रहे हैं। अब दस दिन बाद फिर से आना है। तब तक चाहत के सैंपलों की रिपोर्ट भी आ जाएगी।
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नौ महीने की उम्र में हो गया था 20 किलो वजन

india's heaviest girl child chahat treatment in PGI
नौ महीने की उम्र में हो गया था 20 किलो वजन
अमृतसर की रहने वाली चाहत नौ महीने की उम्र में ही 20 किलो की हो गई थी। आमतौर में इस उम्र में बच्ची का वजन सात से दस किलो के बीच रहता है। वजन बढ़ने से परेशान उसके माता-पिता ने पहले अमृतसर में दिखाया।

वहां से पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई ने जांच की तो पता चला कि उसके जीन में गड़बड़ है। जीन के टेस्ट यहां नहीं होते, उन्हें बैंगलूरू भेजे जाने थे। अब किस जीन में गड़बड़ी है तो उसके लिए सभी की जांच की जानी है। एक जीन की जांच में पांच हजार रुपये का खर्च आता है। इस हिसाब से जांच में काफी खर्च आना था। चाहत के पिता सूरज पेशे से प्राइवेट कर्मचारी हैं। उनके लिए चाहत का इलाज करा पाना मुश्किल था। इसलिए चाहत का इलाज भी रुक गया था।

हाईकोर्ट के दखल के बाद पीजीआई उठा रहा है इलाज का खर्च
चाहत के इलाज का खर्च पीजीआई उठा रहा है। उसके इलाज में करीब डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्च आना था। पीजीआई ने राष्ट्रीय अरोग्य निधि के तहत दो लाख रुपये मंजूर किए हैं। चाहत के सैंपल बंगलूरू स्थित लैब भेजे गए हैं। उसके मोटापे के पीछे जीन की गड़बड़ी है। किस जीन में गड़बड़ी है, उसके लिए सभी जीन की जांच की जानी जरूरी है। एक की जांच में पांच हजार रुपये का खर्च आता है। इस हिसाब से जांच में काफी खर्च आना था। चाहत के पिता सूरज पेशे से प्राइवेट कर्मचारी हैं। उनके लिए चाहत का इलाज करा पाना मुश्किल था। उसके बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर उसका इलाज किया।
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