फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   India released four Pakistani prisoners today

अमृतसर: भारत ने चार पाकिस्तानी कैदियों को किया रिहा, अटारी-वाघा सीमा के रास्ते हुई वतन वापसी

Wed, 13 Jul 2022 03:41 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 13 Jul 2022 03:41 PM IST
सार

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नगर पार्क निवासी खुदाबाई (70) साल 2015 में पाकिस्तान से भारत के गुजरात के पायल पहुंचा तो उसे वहां गिरफ्तार कर लिया गया। गुजरात पुलिस ने उसके खिलाफ गैर कानूनी रूप से भारत में घुसने के आरोप में केस दर्ज किया और छह साल की सजा सुनाई गई थी।

विज्ञापन
India released four Pakistani prisoners today
पाकिस्तानी कैदियों को भारत ने किया रिहा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

भारत सरकार ने बुधवार को चार पाकिस्तानी नागरिकों को रिहा किया है। इनमें से दो कैदियों को सजा पूरी होने के बाद अमृतसर की केंद्रीय जेल से जबकि एक कैदी को जयपुर (राजस्थान) जेल से और एक पाकिस्तानी कैदी को गुजरात पुलिस लेकर ज्वाइंट चेक पोस्ट अटारी पहुंची। इन पाक कैदियों का इमीग्रेशन और कस्टम में जांच करने के बाद जेसीपी जीरो लाइन पर लाया गया, जहां बीएसएफ अधिकारियों ने इन्हें पाकिस्तान रेंजर्स को सुपुर्द कर दिया। 

विज्ञापन


एसएसपी (देहात) स्वर्णदीप सिंह के दिशानिर्देश पर अटारी पर तैनात प्रोटोकाल अधिकारी अरुण पाल माहल सुरक्षा के बीच इन्हें जीरो लाइन अटारी तक लेकर पहुंचे। रिहा पाकिस्तानी कैदियों में ओकारा जिला का अली हसन (19) पुत्र मोहम्मद हसन भी शामिल है। अली हसन साल 2019 में घंरिडां थानाक्षेत्र में पाकिस्तानी सीमा लांघ कर भारतीय क्षेत्र में आ गया था, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 
विज्ञापन


अली को हुई थी दो साल और आठ माह की सजा
अदालत ने अली को गैर कानूनी तौर पर भारत में घुसने के आरोपों में दो साल और आठ महीने की सजा सुनाई। वहीं सियालकोट जिला का मोहम्मद नवाज (38) भी इसी दौरान डेरा बाबा नानक सीमा से भारत में घुसा तो उसे बीएसएफ ने पकड़ लिया। अदालत ने इसे तीन साल की सजा सुनाई थी। वहीं लाहौर के टांटा खुर्द थानांतर्गत अफजल पार्क निवासी कारोबारी शाह नवाज (70) साल 2005 में वीजे पर भारत आया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उसके पास दिल्ली का वीजा था और वह इस दौरान जयपुर चला गया। जयपुर पुलिस ने पाकिस्तान के इस कारोबारी के खिलाफ केस दर्जकर गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उसे सजा सुनाई और तीन साल जयपुर की जेल में रहा जबकि 12 साल उसने जोधपुर की जेल में बिताए। इस तरह शाह नवाज की रिहाई 15 साल के बाद हुई है।
 
खुदाबाई को मिली थी छह साल की सजा
इसी तरह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नगर पार्क निवासी खुदाबाई (70) साल 2015 में पाकिस्तान से भारत के गुजरात के पायल पहुंचा तो उसे वहां गिरफ्तार कर लिया गया। गुजरात पुलिस ने उसके खिलाफ गैर कानूनी रूप से भारत में घुसने के आरोप में केस दर्ज किया और छह साल की सजा सुनाई गई थी। सभी कैदियों की सजा पूरी होने के बाद भारत सरकार ने आज इन्हें रिहा कर दिया। 


क्या बोले अधिकारी
अटारी पर तैनात प्रोटॉकाल अधिकारी अरुण पाल माहल ने बताया कि अली हसन और मोहम्मद नवाज को अमृतसर केंद्रीय जेल पुलिस, शाह नवाज को राजस्थान की पुलिस और खुदाबाई को गुजरात की पुलिस बुधवार को अटारी-वाघा सीमा पर लेकर पहुंची। इनके दस्तावेजों की जांच के बाद जेसीपी अटारी पर इनका इमीग्रेशन किया गया और कस्टम चेक होने के बाद इन चारों पाकिस्तानी कैदियों को जीरो लाइन पर पाकिस्तान रेंजर्स को सौंप दिया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed