Amritsar News: भारत ने 18 पाकिस्तानी कैदियों को किया रिहा, अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते हुई वतन वापसी
छह पाकिस्तानी मछुआरों समेत 12 कैदियों को गुजरात की जेल से, दो पाक बंदियों को राजस्थान की जेल से और चार को अमृतसर की केंद्रीय जेल से रिहा किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत सरकार ने सजा पूरी होने के बाद 18 पाकिस्तानी कैदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया। अमृतसर, गुजरात और राजस्थान की जेलों से रिहाई के बाद इन पाक कैदियों को शुक्रवार सुबह ज्वाइंट चेक पोस्ट (जेसीपी) अटारी लाया गया। जहां से इन्हें दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा जारी आपातकालीन यात्रा प्रमाण पत्र के आधार पर पाकिस्तान भेजा गया है।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों ने इन बंदियों को जेसीपी अटारी पर जीरो लाइन पर पाक रेंजर्स को सौंपा। इससे पहले भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय समझौते के तहत 19 मई 2023 को 22 पाकिस्तानी बंदियों को रिहाई के बाद वतन भेजा था। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के समय उनमें से किसी के पास किसी भी तरह के यात्रा दस्तावेज नहीं थे।
यह लोग गैर कानूनी तरीके से भारत में घुसे थे। अधिकारियों ने आगे बताया कि इन 18 कैदियों में से छह मछुआरे और 12 अन्य कैदी शामिल हैं। छह पाकिस्तानी मछुआरों समेत 12 कैदियों को गुजरात की जेल से, दो पाक बंदियों को राजस्थान की जेल से और चार को अमृतसर की केंद्रीय जेल से रिहा किया गया।
भारतीय जेलों से रिहाई के बाद अटारी सीमा से वतन लौटने वाले कैदियों में मोहम्मद हनीफ, वक्कास, लाइस, गुलाम मोहम्मद, रमजान, मोहम्मद तारिक, मोहम्मद अली, मोहम्मद हमूज और अहमद जबकि मछुआरों में रोशन अली, फतेह मतर, शाहिद हुसैन, मोहम्मद रमजान, मुश्ताक और अब्दुल आमीन शामिल थे।
गुजरात में पकड़े गए पाक बंदियों को साढ़े पांच साल की सजा हुई जबकि नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होने वाले मोहम्मद हनीफ की रिहाई छह साल की सजा काटने के बाद संभव हुई। जेसीपी अटारी पर तैनात प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण माहल ने बताया कि पाक कैदियों को कस्टम और इमिग्रेशन चेक के बाद अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया गया।
इससे पहले भारत ने 19 मई 2023 को 22 पाकिस्तानी कैदियों को उनकी सजा पूरी होने के बाद रिहा किया था। इनमें से 12 को गुजरात की जेल से और 10 कैदियों को अमृतसर की जेल से रिहाई किया गया था।