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इंदरबीर बोलारिया ने दिया इस्तीफा, आज ज्वाइन करेंगे कांग्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 11 Oct 2016 01:46 AM IST
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इंदरबीर बोलारिया ने दिया इस्तीफा
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शिरोमणि अकाली दल के पूर्व मुख्य संसदीय सचिव इंदरबीर सिंह बोलारिया ने आखिर विधानसभा स्पीकर डॉ. चरनजीत सिंह अटवाल को अपना इस्तीफा भेज दिया। बोलारिया मंगलवार को दशहरे पर अमृतसर में होने वाले समागम में कांग्रेस ज्वाइन करेंगे।
अमृतसर साउथ से विधायक बोलारिया ने अपने इस्तीफे में शिअद पर जम कर हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि इस्तीफा देने का कोई निजी कारण नहीं है, लेकिन पिछले कुछ समय से शिअद-भाजपा सरकार जिस तरह से काम कर ही थी, उससे वह घुटन महसूस कर रहे थे। पंजाब का माहौल डगमगाया हुआ है। इंसानी कद्र और कीमतों की बात तो दूर, यह सरकार पावन श्री गुरुग्रंथ साहिब की सेवा संभाल में भी फेल रही है। खुद को पंथक कहलाने वाली सरकार के कार्यकाल में बेअदबी की घटनाएं बढ़ी हैं जो उनके लिए न सहन करने वाली बात है।
पंजाब के लोग इंसाफ के लिए ठोकरें खा रहे हैं, सरकार लोगों को लूटने और पीटने में लगी है। भगता वाला डंप, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को शिफ्ट करने और अमृतसर को बुनियादी सहूलियतें देने जैसी उनकी मांगों को भी अनसुना कर दिया गया। कानून-व्यवस्था की बात करें तो सबसे बुरी हालत पंजाब की है। किसान, मुलाजिम, व्यापारी समेत हर वर्ग सड़कों पर उतरा हुआ है। पंजाब की अर्थव्यवस्था का भी इस समय बुरा हाल हो चुका है। बोलारिया ने लिखा कि जिस सरकार में लोगों के चुने नुमाइंदों को ही लोगों की आवाज बुलंद करने की इजाजत न हो, ऐसी नादिरशाही सरकार में बने रहने का कोई तुक नहीं है। इसलिए वह विधानसभा की मेंबरशिप से अपना इस्तीफा दे रहे हैं।
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अमृतसर साउथ से विधायक बोलारिया ने अपने इस्तीफे में शिअद पर जम कर हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि इस्तीफा देने का कोई निजी कारण नहीं है, लेकिन पिछले कुछ समय से शिअद-भाजपा सरकार जिस तरह से काम कर ही थी, उससे वह घुटन महसूस कर रहे थे। पंजाब का माहौल डगमगाया हुआ है। इंसानी कद्र और कीमतों की बात तो दूर, यह सरकार पावन श्री गुरुग्रंथ साहिब की सेवा संभाल में भी फेल रही है। खुद को पंथक कहलाने वाली सरकार के कार्यकाल में बेअदबी की घटनाएं बढ़ी हैं जो उनके लिए न सहन करने वाली बात है।
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पंजाब के लोग इंसाफ के लिए ठोकरें खा रहे हैं, सरकार लोगों को लूटने और पीटने में लगी है। भगता वाला डंप, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को शिफ्ट करने और अमृतसर को बुनियादी सहूलियतें देने जैसी उनकी मांगों को भी अनसुना कर दिया गया। कानून-व्यवस्था की बात करें तो सबसे बुरी हालत पंजाब की है। किसान, मुलाजिम, व्यापारी समेत हर वर्ग सड़कों पर उतरा हुआ है। पंजाब की अर्थव्यवस्था का भी इस समय बुरा हाल हो चुका है। बोलारिया ने लिखा कि जिस सरकार में लोगों के चुने नुमाइंदों को ही लोगों की आवाज बुलंद करने की इजाजत न हो, ऐसी नादिरशाही सरकार में बने रहने का कोई तुक नहीं है। इसलिए वह विधानसभा की मेंबरशिप से अपना इस्तीफा दे रहे हैं।
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