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मंत्री राणा गुरजीत की बढ़ीं मुश्किलें, आयकर विभाग ने शुरू की जांच

Wed, 31 May 2017 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 31 May 2017 09:43 AM IST
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 income tax departement start investigation on Minister Rana gurjit
पंजाब के मंत्री राणा गुरजीत सिंह - फोटो : File Photo
पंजाब के कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह की मुश्किलें अब बढ़ सकती हैं। क्योंकि अब आयकर विभाग ने राणा पर लग रहे रेत की खदानों के बेनामी ठेके लेने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। राणा के चार पूर्व मुलाजिमों ने पिछले दिनों हुई रेत खदानों की नीलामी में करोड़ों की बोली लगा कर ठेके हासिल किए हैं। उनके पूर्व कुक अमित बहादुर ने नवांशहर के सैदपुर खुर्द गांव में 26.51 करोड़, कुलविंदर पाल सिंह ने नवांशहर के ही मेहंदीपुर में 9.21 करोड़, गुरिंदर सिंह ने रामपुरा कलां, मोहाली में 4.11 करोड़ और बलराज सिंह ने बहलूर खुर्द गांव में 10.58 करोड़ रुपये की बोली लगाकर ठेके लिए हैं। 
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इस मुद्दे पर विपक्ष के तीखे तेवरों के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित कर मामले को फिलहाल टालने की कोशिश की। क्योंकि जून में ही विधानसभा का सत्र है, जिसमें सरकार घिर सकती थी। उधर, एक दिन पहले ही राजबीर एंटरप्राइजेज ने दावा किया कि सैदपुर, बहलूर खुर्द और मेहंदीपुर की रेत खदानों का ठेका उसने लिया है। कंपनी ने दावा किया कि उसने सैदपुर, बहलूर खुर्द और मेहंदीपुर की रेत खदानों में 30 करोड़ का निवेश किया है। जिसके लिए पैसे का इंतजाम साहिल सिंगला और कैप्टन जेएस संधावा ने किया है। 
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ये है कंपनी का दावा

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रेत की खदानों का कारोबार
कंपनी का दावा है कि राजबीर एंटरप्राइजेज में राणा गुरजीत का पूर्व कुक अमित बहादुर वर्किंग पार्टनर है। जबकि, वे दोनों निवेशक हैं। इसी तरह राजबीर एंटरप्राइजेज मोहाली में कुलविंदर पाल सिंह क ो वर्किंग पार्टनर दिखाया गया है। जबकि, न्यू राजबीर एंटरप्राइजेज में अजीत पाल सिंह गिल को वर्किंग पार्टनर बताया गया है। 

कंपनी प्रबंधकों ने दावा किया कि अमित बहादुर और कुलविंदर पाल सिंह ने कोई निवेश नहीं किया है। इंडस्ट्री विभाग के सूत्रों का कहना है कि सारी पेमेंट ऑनलाइन हुई है, लेकिन जैसे ही कोई बड़ा लेन-देन होता है, अपने आप आयकर विभाग और एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट को ट्रिगर चला जाता है। उसके बाद वे रूटीन में जांच करते ही हैं, लेकिन राणा गुरजीत का मामला तूल पकड़ने के बाद आयकर विभाग ने फौरन ही जांच शुरू कर दी।
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