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अच्छी खबर: पंजाब में पदक विजेता अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की पेंशन पर आय सीमा की शर्त हटी, खेल मंत्री का एलान
Tue, 16 Nov 2021 03:47 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 16 Nov 2021 03:47 AM IST
सार
खेल मंत्री परगट सिंह ने कहा कि बड़े खिलाड़ी सरकारी नौकरी ज्वाइन करते समय खेल विभाग को प्राथमिकता दें ताकि वह अपने संबंधित खेल का नेतृत्व कर सकें। उन्होंने खिलाड़ियों से शिक्षा विभाग में सेवाएं देने का भी आह्वान किया।
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खेल मंत्री परगट सिंह।
- फोटो : twitter
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विस्तार
पूर्व ओलंपियनों की लंबित मांग को पूरा करते हुए पंजाब के खेल मंत्री परगट सिंह ने सोमवार को पदक विजेता अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की पेंशन पर आय सीमा की लागू शर्त हटाने का एलान किया। उन्होंने यह घोषणा सोमवार को सेक्टर-26 स्थित मगसीपा में पुराने खिलाड़ियों के साथ एक बैठक के दौरान किया।
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परगट सिंह ने कहा कि बड़े स्टेडियम के बजाय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा। राज्य में खेल को सुचारु तरीके से चलाने के लिए खिलाड़ियों की ही समिति बनाई जा रही है, जिसमें करीब 20 खेलों से संबंधित खिलाड़ी सदस्य होंगे ताकि उनके निजी अनुभवों का लाभ लिया जा सके। परगट ने कहा कि खेल कोटे के अंतर्गत सरकारी नौकरी कर रहे खिलाड़ियों की सेवाएं खेल विभाग द्वारा ली जाएंगी, जिसके लिए सरकार नीति बना रही है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को न्योता दिया जो अपनी इच्छा से डेपुटेशन पर खेल विभाग से जुड़कर संबंधित खेल की बागडोर संभालें। उन्होंने इस बात की भी वकालत की कि बड़े खिलाड़ी सरकारी नौकरी ज्वाइन करते समय खेल विभाग को प्राथमिकता दें ताकि वह अपने संबंधित खेल का नेतृत्व कर सकें। उन्होंने खिलाड़ियों से शिक्षा विभाग में सेवाएं देने का भी आह्वान किया ताकि छोटी आयु से ही खिलाड़ी की नींव रखी जाए।
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मीटिंग में द्रोणाचार्य अवार्डी हॉकी ओलंपियन राजिंदर सिंह सीनियर, ओलंपियन निशानेबाज गुरबीर सिंह संधू, अर्जुन अवार्डी मुक्केबाज जयपाल सिंह, अर्जुन अवार्डी बास्केटबॉल खिलाडी सुमन शर्मा, ओलंपियन बास्केटबॉल खिलाड़ी तरलोक सिंह संधू, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और ओलंपियन प्रशिक्षक सुखबीर सिंह गरेवाल, पद्मश्री एथलीट बहादर सिंह, ओलंपियन एथलीट हरबंस कौर, भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान राजपाल सिंह, अर्जुन अवार्डी ओलंपियन निशानेबाज अवनीत कौर सिद्धू, निशानेबाजी प्रशिक्षक तेजिंदर सिंह ढिल्लों भी उपस्थित थे।
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खिलाड़ियों-प्रशिक्षकों ने ये सुझाव दिए
मीटिंग के दौरान खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने अपने सुझाव दिए, जिनमें छोटी उम्र से ही बच्चों को खेल से जोड़ना, प्रशिक्षकों की तैनाती, स्कूल-कॉलेजों के शारीरिक शिक्षा, अध्यापकों का खेल विभाग के साथ तालमेल कर खेल केंद्र चलाने, स्कूलों में एक दिन बच्चों के खेलने के लिए तय करना, सरहदी क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम बनाना, प्रशिक्षकों को इनाम, पुराने खिलाड़ियों को हीरो के तौर पर उभारना, स्टेट से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए नौकरियां और नकद इनाम नियमित तौर पर देने, खिलाड़ियों का स्वास्थ्य बीमा, सभी खेल स्टेडियम छुट्टी वाले दिन आम लोगों के लिए भी खोलने, पूर्व ओलंपियनों और अवार्डियों की पेंशन पर लगी रोक हटाना आदि शामिल हैं। इसके अलावा बड़े स्टेडियम बनाने के बजाय खेल मैदान जैसे ट्रैक, एस्टोटर्फ, कोर्ट आदि बनाने का सुझाव भी दिया।