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प्रशासन संजय टंडन के साथ किस हैसियत से कर रहा है मीटिंगे: छाबड़ा

Tue, 28 Apr 2020 01:48 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2020 01:48 AM IST
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In what capacity is the administration meeting with Sanjay Tandon: Chh
चंडीगढ़। चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने सोमवार को विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रेसवार्ता कर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन व सांसद किरण खेर को कहा कि आज कोरोना वायरस से शहर की जनता भारी मुश्किलों का सामना कर रही है। उस पर यह बात समझ से परे है कि प्रशासन संजय टंडन के साथ किस हैसियत से मीटिंग कर रहा है। वो सांसद हैं या पार्टी के अध्यक्ष।
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छाबड़ा ने कहा कि अभी तक बीजेपी के कार्यकर्ता ही नहीं समझ पाए कि संजय टंडन अध्यक्ष हैं या अरुण सूद, या फिर सूद सिर्फ कागजों में ही अध्यक्ष हैं और प्रेस नोट तक ही उनकी जिम्मेदारी है। कांग्रेस केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन के हर सही फैसले के साथ है, लेकिन प्रशासन तजुर्बेकार पूर्व सांसदों व विपक्ष की राय व सुझाव लेने के बदले राजनीतिक फायदे लेने वालों को साथ लेकर मीटिंगें कर रहा है। यह निंदनीय है।
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प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि प्रशासन के अफसरों को संजय टंडन के बजाय जनता की चुनी व जवाबदेही सांसद किरण खेर से मीटिंग कर रणनीति बनानी चाहिए थी। सांसद किरण खेर को हर कदम में आगे आकर अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहिए था, लेकिन एक महीना गायब रहने के बाद जब जनता गुमशुदा मैडम के लिए सवाल उठाने लगी तो मैडम ने जनता के बीच जाने के बजाय मीडिया का रास्ता चुना। उसमें भी जनता को आ रही विभिन्न परेशानियों को दूर करने की रणनीति व प्लान रखने के बजाय लोगों के सवालों से घबराईं सांसद अपनी टीस निकालते हुए बेतुके बयानबाजी करतीं नजर आईं।
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अगर उम्रदराज गवर्नर साहब, सलाहकार, डीसी व अन्य अधिकारी वार रूम बना रोज मीटिंग कर सकते हैं तो किरण खेर उसमें क्यों नहीं शामिल हो सकती हैं। अपनी राय क्यों नहीं रख सकती हैं। वो कहती है कि उन्हें एस्कोर्ट करके दिल्ली से लाया गया। सवाल तो यहां भी उठता है कि उन्हें किस कैटेगरी में यह सहूलियत मिली।

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सांसद को बिजली, पानी के बिल व टैक्स माफ की आवाज उठानी चाहिए
छाबड़ा ने कहा कि आज जहां लॉकडाउन से काम-धंधे बंद हैं। लोगों के खाने के लाले पड़े हैं। क्या सांसद को बिजली, पानी के बिल व टैक्स माफ की आवाज नहीं उठानी चाहिए थी। क्या आज स्कूली बच्चों की फीस माफ की आवाज नहीं उठानी चाहिए थी। सभी राशन कार्ड व बिना राशन कार्ड धारकों को राशन मिलने में आ रही दिक्कतें किरण खेर को क्या दिखाई नहीं दे रही हैं। क्या इस पर सांसद ने प्रशासन से कुछ भी पूछा। आज यूनिवर्सिटी के छात्रों के हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड बनाकर छात्रों की जिंदगी को दांव पर लगाने वाले फैसले से क्या वे सहमत हैं। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर हर उन मुद्दों को उठती रहेगी जो अंधी और बहरी सरकार को नहीं दिख रही है।
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