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गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद खबर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 22 Feb 2015 08:17 AM IST
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प्रेग्नेंसी से संबंधित भ्रमों को दूर करने के लिए ये खबर काफी फायदेमंद हो सकती है। इसमें गर्भावस्था से संबंधित तमाम भ्रमों को दूर करने के उपाय बताए गए हैं।
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फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अरविन ने बताया कि घर में सास और पहली बार गर्भवती हुई महिलाओं के बीच पसोपेश की स्थिति बनी रहती है कि वे डॉक्टर की सलाह से चलें या फिर पुराने रिवाजों के तहत अपना ख्याल रखें।
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जबकि गर्भावस्था के दौरान व्यायाम से तकलीफ कम हो जाती है। सांस से संबंधित दिक्कतें दूर हो जाती हैं व प्रसव पीड़ा से लड़ने की शक्ति भी बढ़ जाती है।
सीजेरियन डिलीवरी से बचने को सीखे व्यायाम
लाइफसेल मैनेजर मयंका ने बताया कि इस सेशन में 150 गर्भस्थ महिलाओं ने इस सेशन में हिस्सा लिया व सीजेरियन डिलीवरी से बचने के लिए व्यायाम भी सीखे। डॉ. सेठी ने बताया कि प्रसव पीड़ा के दौरान सांस विधि व्यायाम करना प्रसव पीड़ा के 16 से 18 घंटे को सिर्फ 4 से 5 घंटे तक सीमित कर देता है।
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उन्होंने बताया कि घी खाने से सिर्फ भार बढ़ता है और सीजेरियन डिलीवरी करनी पड़ती है। सीढ़ियां चढ़ने व इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करने से टांगों की मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है, एक्सरे से गर्भवती महिलाओं को खतरा होता है, जबकि अल्ट्रासाउंड में सिर्फ साउंड वेव होती है जो सुरक्षित है। पक्का पपीता खाने से कोई नुकसान नहीं होता।
डिलीवरी के बाद क्या करें
तीन लीटर पानी पीयें यानी हर घंटे में दो गिलास, एक लीटर दूध पीना आवश्यक है। पूरे शरीर की मालिश जल्द शुरू की जा सकती है। पैरों का व्यायाम व टांगों का व्यायाम किया जा सकता है जबकि पेट का व्यायाम 42 दिन के बाद किया जाना चाहिए। ड्राई फ्रूट्स, आंवला, दूध व केले का सेवन करें।
ब्रेकफास्ट में एक रोटी, दही, फ्रूट चाट, कोर्नफ्लेक्स, चीनी की जगह शक्कर लिए जा सकते हैं। मछली, डिब्बा बंद दूध व खाना, आधा पक्का अंडा या मीट, डिब्बा बंद जूस लिया जा सकता है।
सेफ मॉम, सेफ फैमिली प्रोग्राम
मौका था, चंडीगढ़ में आयोजित लाइफसेल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के चाइल्ड बर्थ एक्सपर्ट व फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अरविन के साथ मिलकर सेफ मॉम, सेफ फैमिली प्रोग्राम का।
लाइफ सेल की मैनेजर मयंका ने बताया कि इन सेशन में महिलाओं को न सिर्फ गर्भावस्था से संबंधित तमाम भ्रमों को दूर करने के साथ-साथ लेबर पेन मैनेजमेंट व गर्भावस्था को आसान करने के लिए व्यायाम करने सिखाए जा रहे हैं।
ऐसा ट्राईसिटी में पहली बार हुआ है जब किसी प्लेटफार्म पर महिलाओं को पहली लेबर पेन को समझकर डिलीवरी व उसके बाद की मुश्किलों से निपटने के गुर सिखाए जा रहे हैं।