फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Impact of Congress defeat in Rajasthan will be visible in Punjab

Punjab: राजस्थान में कांग्रेस की हार का पंजाब में दिखेगा असर, प्रभारी रंधावा की ये दावेदारी होगी कमजोर

Tue, 05 Dec 2023 10:37 AM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 05 Dec 2023 10:37 AM IST
सार

सुखजिंदर रंधावा पंजाब के कद्दावर नेता हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह को जब कुर्सी से उतारा गया तो रंधावा सीएम की रेस में अव्वल नंबर पर थे लेकिन ऐन मौके पर चरणजीत सिंह चन्नी बाजी मार ले गए। बाद में कांग्रेस हाईकमान ने रंधावा पर विश्वास जताया और रंधावा को न केवल डिप्टी सीएम नियुक्त किया बल्कि उनको गृह विभाग भी दिया।

विज्ञापन
Impact of Congress defeat in Rajasthan will be visible in Punjab
सुखजिंदर सिंह रंधावा। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान में कांग्रेस की हार का पंजाब की सियासत पर असर होना तय है। डेरा बाबा नानक से कांग्रेस विधायक और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा राजस्थान में कांग्रेस के प्रभारी थे और हाईकमान ने उन पर काफी भरोसा जताकर यह जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन वह राजस्थान में सत्ता विरोधी लहर को नहीं रोक सके। लिहाजा, उनके विरोधी गुट को हाईकमान के समक्ष बोलने का मौका मिल गया है।

विज्ञापन


राजस्थान में कांग्रेस की करारी हार के बाद रंधावा की पंजाब कांग्रेस प्रधान पद की दावेदारी भी कमजोर हुई है। वह अभी इस पद के प्रबल दावेदार हैं। नतीजों के बाद रंधावा ने कहा, जनता ने जो जनादेश दिया है, हम उसे स्वीकार करते हैं। मैं आशा करता हूं कि हमने जो काम किए हैं, भाजपा उन कामों को जारी रखेगी... हम उनको (भाजपा) मुबारकबाद देते हैं...।
विज्ञापन


रंधावा को राजस्थान में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। कांग्रेस ने छह बार 6 सर्वे करवाया। 60 से 70 नेताओं की रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन पार्टी की तरफ से रंधावा पर विश्वास बनाकर रखा गया। टिकट आवंटन में उनकी पूरी सुनवाई की गई। पर पार्टी में वह गुटबाजी व सत्ता विरोधी लहर को रोकने के लिए कामयाब नीति नहीं बना पाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुखजिंदर रंधावा पंजाब के कद्दावर नेता हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह को जब कुर्सी से उतारा गया तो रंधावा सीएम की रेस में अव्वल नंबर पर थे लेकिन ऐन मौके पर चरणजीत सिंह चन्नी बाजी मार ले गए। बाद में कांग्रेस हाईकमान ने रंधावा पर विश्वास जताया और रंधावा को न केवल डिप्टी सीएम नियुक्त किया बल्कि उनको गृह विभाग भी दिया। इसके बाद उनको राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी भी बनाया गया।

कांग्रेसी नेताओं का मनोबल गिरा

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान राजस्थान में कांग्रेस की निराशाजनक हार से काफी बैकफुट पर है। तीन प्रदेशों में करारी हार के बाद प्रदेश में कांग्रेसी नेताओं का मनोबल गिरा है। पंजाब में लोकसभा की 13 सीटे हैं। कांग्रेस व आप के वरिष्ठ नेताओं में सीटों को लेकर काफी चर्चा चल रही है। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा व अमरिंदर राजा वड़िंग अकेले चुनाव लड़ने पर अडिग हैं लेकिन तीन प्रदेशों में हार से कांग्रेसी नेता पंजाब को लेकर मंथन पर लग गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed