फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Illegal occupation of army land in 15 districts of Haryana

हरियाणा: 15 जिलों में सेना की भूमि पर अवैध कब्जा, मालिकाना हक को लेकर भी विवाद

Sat, 23 Apr 2022 01:03 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 23 Apr 2022 01:03 AM IST
सार

बैठक में जमीनों के स्वामित्व, अनाधिकृत उपयोग और सेना की भूमि के आदान-प्रदान को लेकर लंबी चर्चा हुई। लंबित मुद्दों के समयबद्ध निपटारे के लिए कई उच्च स्तरीय निर्णय लिए गए। उम्मीद है कि जल्द सेना को उसकी जमीनें वापस मिलेंगी। 

विज्ञापन
Illegal occupation of army land in 15 districts of Haryana
सैन्य काफिला - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

हरियाणा के 12 से 15 जिलों में सेना की भूमि लोगों के कब्जे में है। कुछ जगह सरकारी संस्थान भी बन चुके हैं। जमीन के मालिकाना हक को लेकर भी विवाद है। सेना ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि उसकी जमीन वापस की जाए या फिर उसी मूल्य की जमीन दी जाए। सारे विवादों को निपटाने के लिए शुक्रवार को वित्तायुक्त पीके दास के साथ पश्चिमी कमान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक हुई। 

विज्ञापन


पश्चिमी कमान सेना मुख्यालय के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स मेजर जनरल हरिंदर सिंह, सलाहकार नागरिक सैन्य मामले कर्नल जेएस संधू और क्वार्टर मास्टर भूमि कर्नल भूपिंदर सिंह ने किया। उन्होंने पीके दास के समक्ष सेना की भूमि पर हुए कब्जों, अतिक्रमण व सरकारी संस्थानों के निर्माण का मुद्दा एक-एक कर उठाया। 
विज्ञापन


कुछ जमीनों के मालिकाना हक का राजस्व विभाग व सेना का रिकॉर्ड अलग-अलग पाया गया। दास ने सभी डीसी को निर्देश दिए कि अपने-अपने जिलों में सेना की सभी जमीनों को चिन्हित करें। अतिक्रमण व अवैध कब्जों की शिकार जमीनों के बार में विस्तार से रिपोर्ट बनाकर भेजें ताकि जमीन संबंधी मामले निपटाए जा सकें। अगले माह इस मुद्दे पर फिर बैठक होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्नल जेएस संधू ने बताया कि हरियाणा सरकार के विभिन्न विभाग लंबे समय से सेना की भूमि का अनाधिकृत उपयोग कर रहे हैं। लंबे समय सरकार के साथ ये मुद्दे लंबित हैं। इन्हें हल करने के लिए शुक्रवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व वित्तायुक्त पीके दास से सौहार्दपूर्ण बैठक हुई। बैठक में जमीनों के स्वामित्व, अनाधिकृत उपयोग और सेना की भूमि के आदान-प्रदान को लेकर लंबी चर्चा हुई। लंबित मुद्दों के समयबद्ध निपटारे के लिए कई उच्च स्तरीय निर्णय लिए गए। उम्मीद है कि जल्द सेना को उसकी जमीनें वापस मिलेंगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed