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हरियाणाः अरावली की पहाड़ियों में हो रहा अवैध खनन, सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने मांगा रिपोर्ट
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 04 Sep 2018 09:36 AM IST
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फाइल फोटो
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अरावली की पहाड़ियों में हो रहे अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट की पूरी नजर है। इस अवैध खनन में जहां राजस्थान का खनन माफिया पूरी तरह से सक्रिय है, वहीं माफिया का नेटवर्क हरियाणा को भी अपनी जद में ले रहा है। ये माफिया अब प्रदेश में अपनी जड़े जमाने की फिराक में है। इसी को लेकर जहां हरियाणा का खनन विभाग पूरी तरह से अलर्ट है, वहीं सुप्रीम कोर्ट की अवैध खनन की निगरानी मसले पर गठित विशेष कमेटी ने हरियाणा और राजस्थान से संबंध में रिपोर्ट तलब की है। काबिलेगौर है कि अरावली क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा हरियाणा में भी शामिल है।
राजस्थान की सीमा में अरावली की इन पहाड़ियों से बेधड़क नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। जिसकी सप्लाई हरियाणा समेत अन्य इलाकों में की जाती है। जबकि हरियाणा में अरावली क्षेत्र में खनन को लेकर काफी सख्ती की जा रही है। अरावली क्षेत्र से जुड़े सभी जिलों खासकर गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात में खनन पर फिलहाल प्रतिबंध लगा हुआ है।
इसका फायदा राजस्थान के खनन माफिया उठा रहे हैं। हरियाणा खनन माफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि हरियाणा में अरावली क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर पूरी तरह से चौकसी बरती जा रही है। ताकि राजस्थान के अरावली क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन की जड़े हरियाणा में न फैल सके। उधर, माइंस एंड ज्योलॉजी विभाग के राज्यमंत्री नायब सैनी के अनुसार हरियाणा में सरकार अवैध खनन को लेकर पूरी तरह सख्त है। अंतरराज्यीय खनन माफिया को किसी कीमत में हरियाणा में पनपने नहीं दिया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट कमेटी कर रही विशेष जांच
अरावली पर्वत शृंखला पर चल रहे अवैध खनन के खेल पर सुप्रीम कोर्ट की भी नजर है। सुप्रीम कोर्ट के निगरानी में बनी ‘सेंटर इम्पॉवर्ड कमेटी’ भी अरावली क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन की विशेष जांच कर रही है। विगत दिनों इस कमेटी के सदस्यों ने हरियाणा और राजस्थान में इस अरावली क्षेत्र में हो रहे खनन का जायजा लिया। इस दौरान हरियाणा और राजस्थान के अफसर भी मौजूद है।
कमेटी ने राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा से भी इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अपने एरिया में अरावली बेल्ट में अवैध खनन को लेकर हरियाणा सरकार और संबंधित विभाग क्या कदम उठा रहा है और अब तक क्या एक्शन लिया, इस संदर्भ में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की इस कमेटी को रिपोर्ट देनी है। उल्लेखनीय है कि सेंटर इम्पॉवर्ड कमेटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने देश में अवैध खनन संबंधी मामलों की विशेष जांच के लिए किया हुआ है।
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राजस्थान की सीमा में अरावली की इन पहाड़ियों से बेधड़क नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। जिसकी सप्लाई हरियाणा समेत अन्य इलाकों में की जाती है। जबकि हरियाणा में अरावली क्षेत्र में खनन को लेकर काफी सख्ती की जा रही है। अरावली क्षेत्र से जुड़े सभी जिलों खासकर गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात में खनन पर फिलहाल प्रतिबंध लगा हुआ है।
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इसका फायदा राजस्थान के खनन माफिया उठा रहे हैं। हरियाणा खनन माफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि हरियाणा में अरावली क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर पूरी तरह से चौकसी बरती जा रही है। ताकि राजस्थान के अरावली क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन की जड़े हरियाणा में न फैल सके। उधर, माइंस एंड ज्योलॉजी विभाग के राज्यमंत्री नायब सैनी के अनुसार हरियाणा में सरकार अवैध खनन को लेकर पूरी तरह सख्त है। अंतरराज्यीय खनन माफिया को किसी कीमत में हरियाणा में पनपने नहीं दिया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट कमेटी कर रही विशेष जांच
अरावली पर्वत शृंखला पर चल रहे अवैध खनन के खेल पर सुप्रीम कोर्ट की भी नजर है। सुप्रीम कोर्ट के निगरानी में बनी ‘सेंटर इम्पॉवर्ड कमेटी’ भी अरावली क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन की विशेष जांच कर रही है। विगत दिनों इस कमेटी के सदस्यों ने हरियाणा और राजस्थान में इस अरावली क्षेत्र में हो रहे खनन का जायजा लिया। इस दौरान हरियाणा और राजस्थान के अफसर भी मौजूद है।
कमेटी ने राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा से भी इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अपने एरिया में अरावली बेल्ट में अवैध खनन को लेकर हरियाणा सरकार और संबंधित विभाग क्या कदम उठा रहा है और अब तक क्या एक्शन लिया, इस संदर्भ में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की इस कमेटी को रिपोर्ट देनी है। उल्लेखनीय है कि सेंटर इम्पॉवर्ड कमेटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने देश में अवैध खनन संबंधी मामलों की विशेष जांच के लिए किया हुआ है।