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हरियाणा : नियमित नहीं होंगी अवैध कॉलोनियां, सरकार के पास विचाराधीन नहीं है नियमितीकरण का कोई प्रस्ताव
Fri, 12 Mar 2021 10:21 AM IST
निवेदिता वर्मा
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 12 Mar 2021 10:21 AM IST
सार
- विधानसभा के बजट सत्र में हरियाणा सरकार ने दी जानकारी साफ
- सक्षम अधिकारी का प्रस्ताव आया तो अवैध कॉलोनियों को सिर्फ नागरिक सुख सुविधाओं से अपूर्ण क्षेत्र घोषित किया जाएगा
- शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने दी जानकारी
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विधानसभा में जाते शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा में लगातार बस रही अवैध कॉलोनियां नियमित नहीं होंगी। विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने यह साफ कर दिया है। इस तरह का कोई प्रस्ताव भी सरकार के पास फिलहाल विचाराधीन नहीं है। सक्षम अधिकारी का प्रस्ताव आने पर सरकार अवैध कॉलोनियों को सिर्फ नागरिक सुख सुविधाओं से अपूर्ण क्षेत्र घोषित करेगी। कॉलोनियों के नियमितीकरण को लेकर जजपा विधायक रामकुमार गौतम और कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला ने अतारांकित सवाल पूछा था। इसका जवाब सरकार ने सदन पटल पर रखा है।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने बताया है कि अनियमित कॉलोनियों को नियमित नहीं किया जाएगा। सरकार नागरिक सुख-सुविधा व अवसंरचना प्रबंधन विशेष उपबंध अधिनियम 2016 के तहत अब तक 685 कॉलोनियों को नागरिक सुख सुविधाओं व अवसंरचना से अपूर्ण क्षेत्र घोषित कर चुकी है।
विज ने कहा कि अगर अपूर्ण क्षेत्रों में नागरिक सुख सुविधाओं व अवसंरचना प्रबंधन अधिनियम के तहत सक्षम अधिकारी प्रस्ताव भेजते हैं तो कॉलोनियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार जांचा जाता है। जांच में सही पाए जाने पर उसे नागरिक सुख सुविधाओं से अपूर्ण क्षेत्र घोषित करते हैं।
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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने बताया है कि अनियमित कॉलोनियों को नियमित नहीं किया जाएगा। सरकार नागरिक सुख-सुविधा व अवसंरचना प्रबंधन विशेष उपबंध अधिनियम 2016 के तहत अब तक 685 कॉलोनियों को नागरिक सुख सुविधाओं व अवसंरचना से अपूर्ण क्षेत्र घोषित कर चुकी है।
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विज ने कहा कि अगर अपूर्ण क्षेत्रों में नागरिक सुख सुविधाओं व अवसंरचना प्रबंधन अधिनियम के तहत सक्षम अधिकारी प्रस्ताव भेजते हैं तो कॉलोनियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार जांचा जाता है। जांच में सही पाए जाने पर उसे नागरिक सुख सुविधाओं से अपूर्ण क्षेत्र घोषित करते हैं।
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बीते वर्ष फरीदाबाद की दो कॉलोनियां घोषित हुईं अपूर्ण क्षेत्र
विज ने कहा है कि 17 जनवरी 2020 को अधिसूचना जारी कर शहरी निकाय विभाग ने फरीदाबाद की दो कॉलोनियां को अपूर्ण क्षेत्र घोषित किया है। कालांवाली की जगबीर सिंह कॉलोनी, खुशीराम कॉलोनी, हिसार कॉलोनी व मास्टर कॉलोनी को नियमित करने का अभी कोई विचार नहीं है।
2014 से 2020 तक कटी 970 अवैध कॉलोनियां
सरकार के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2014 से जनवरी 2020 तक 2642.12 एकड़ जमीन पर 970 अवैध कॉलोनियां और काटी गईं। कुरुक्षेत्र में 100, रेवाड़ी, अंबाला, रोहतक, फरीदाबाद में 60 से ज्यादा कॉलोनियां कटी। अवैध कॉलोनी काटने पर 967 को नोटिस जारी किया गया। इस अवधि में 718 कॉलोनियों में तोड़फोड़ भी की गई, बावजूद इसके अवैध निर्माण जारी रहा। गुरुग्राम में 34, सोहना में 4, पटोदी में 17 व फारूखनगर में 23, रेवाड़ी में 7, बावल में 3, धारूहेड़ा में 2, नारनौल में 19, महेंद्रगढ़ में 5, कनीना में 1, नांगल चौधरी में 4, फरीदाबाद में 63, पलवल में 40, होडल में 15, हथीन में 6, नूहं में 4, तावडू में 7, रोहतक में 68, सांपला में 6, महम में 7 व 2 अन्य, बहादुरगढ़ में 8, झज्जर में 7, पानीपत में 46, समालखा में 13, सोनीपत में 23, गोहाना में 4, गनौर, खरखौदा व कुंडली में 12, अंबाला शहर में 38, अंबाला सदर में 31, नारायणगढ़ में 16, बराड़ा में 2, कैथल में 42, गुहला चीहका में 11, पूंडरी व कलायत में 4-4, कुरुक्षेत्र के थानेसर में 65 व शाहबाद, लाडवा और पेहवा में 37, यमुनानगर में 44, रादौर में 7, पंचकूला में 32, करनाल में 28, घरोंडा, इंद्री, असंध, निसिंग, नीलोखेड़ी व तरावड़ी में 9, हिसार में 13, हांसी में 7, बरवाला व नारनौंद में 12, फतेहबाद में 6, टोहाना व रतियां में 11-11, भूना में 10, सिरसा में 14, डबवाली में 3, रानियां में 2, भिवानी में 10, चरखीदादरी में 8, नरवाना में 25, सफीदों, उचाना व जुलाना में 18 अवैध कॉलोनियां काटी गईं।
विज ने कहा है कि 17 जनवरी 2020 को अधिसूचना जारी कर शहरी निकाय विभाग ने फरीदाबाद की दो कॉलोनियां को अपूर्ण क्षेत्र घोषित किया है। कालांवाली की जगबीर सिंह कॉलोनी, खुशीराम कॉलोनी, हिसार कॉलोनी व मास्टर कॉलोनी को नियमित करने का अभी कोई विचार नहीं है।
2014 से 2020 तक कटी 970 अवैध कॉलोनियां
सरकार के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2014 से जनवरी 2020 तक 2642.12 एकड़ जमीन पर 970 अवैध कॉलोनियां और काटी गईं। कुरुक्षेत्र में 100, रेवाड़ी, अंबाला, रोहतक, फरीदाबाद में 60 से ज्यादा कॉलोनियां कटी। अवैध कॉलोनी काटने पर 967 को नोटिस जारी किया गया। इस अवधि में 718 कॉलोनियों में तोड़फोड़ भी की गई, बावजूद इसके अवैध निर्माण जारी रहा। गुरुग्राम में 34, सोहना में 4, पटोदी में 17 व फारूखनगर में 23, रेवाड़ी में 7, बावल में 3, धारूहेड़ा में 2, नारनौल में 19, महेंद्रगढ़ में 5, कनीना में 1, नांगल चौधरी में 4, फरीदाबाद में 63, पलवल में 40, होडल में 15, हथीन में 6, नूहं में 4, तावडू में 7, रोहतक में 68, सांपला में 6, महम में 7 व 2 अन्य, बहादुरगढ़ में 8, झज्जर में 7, पानीपत में 46, समालखा में 13, सोनीपत में 23, गोहाना में 4, गनौर, खरखौदा व कुंडली में 12, अंबाला शहर में 38, अंबाला सदर में 31, नारायणगढ़ में 16, बराड़ा में 2, कैथल में 42, गुहला चीहका में 11, पूंडरी व कलायत में 4-4, कुरुक्षेत्र के थानेसर में 65 व शाहबाद, लाडवा और पेहवा में 37, यमुनानगर में 44, रादौर में 7, पंचकूला में 32, करनाल में 28, घरोंडा, इंद्री, असंध, निसिंग, नीलोखेड़ी व तरावड़ी में 9, हिसार में 13, हांसी में 7, बरवाला व नारनौंद में 12, फतेहबाद में 6, टोहाना व रतियां में 11-11, भूना में 10, सिरसा में 14, डबवाली में 3, रानियां में 2, भिवानी में 10, चरखीदादरी में 8, नरवाना में 25, सफीदों, उचाना व जुलाना में 18 अवैध कॉलोनियां काटी गईं।