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कैबिनेट का फैसलाः इस साल 19 मार्च से पहले बनीं अवैध कॉलोनियां, बिल्डिंग, प्लॉट होंगे रेगुलर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:49 PM IST
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पंजाब कैबिनेट
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पंजाब भर में अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में हुई कैबिनेट की बैठक में 19 मार्च 2018 से पहले बनीं अवैध कॉलोनियों, बिल्डिंग और प्लॉटों को रेगुलर करने की नीति को हरी झंडी दे दी।
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इस फैसले से अवैध कॉलोनियों को कंपाउंडिंग कराने के लिए पहले से जारी नीतियों के अधीन जो कोलोनाइजर आवेदन नहीं कर सके थे, उन्हें एक और मौका दिया जाएगा। इस नीति के तहत इन कॉलोनियों में रहने वालों को सड़क, सीवरेज, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पहले की नीतियों के तहत भुगतान किए गए रेगुलराइजेशन चार्ज को एडजस्ट किया जाएगा।
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किसी भी कॉलोनी से प्राप्त चार्ज का प्रयोग सिर्फ उसी कॉलोनी में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने में होगा। इसका भुगतान किस्तों में होगा। अवैध कॉलोनियों और उनमें स्थित प्लॉटों को रेगुलर करने को अफसरों की कमेटियां गठित की जाएंगी। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन भी कॉलोनी रेगुलर करवाने को आवेदन कर सकेंगी। जहां जरूरी होगा, सड़क, पार्क के अधीन पड़ती जमीन लोकल अथॉरिटी को ट्रांसफर की जाएंगी, जोकि कॉलोनी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन बनने के बाद रख-रखाव के लिए उन्हें ट्रांसफर होंगी। आरडब्ल्यूए गठित होने तक देखरेख की जिम्मेदारी कोलोनाइजर की होगी।
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अवैध कॉलोनियों को चार वर्गों में बांटा गया है, जहां 25 प्रतिशत प्लॉट बिके, 25 से 50 प्रतिशत प्लॉट बिके, 50 से 75 प्रतिशत प्लॉट बिके और जहां 75 फीसदी से ज्यादा एरिया बना हो। अगर कोलोनाइजर द्वारा इकरारनामे ही बिक्री के सबूत के तौर पर पेश किए गए हैं तो निवेशक अस्थायी रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट की मंजूरी के लिए तीन माह के अंदर तसदीकशुदा इकरारनामा पेश करेगा।
कोलोनाइजर द्वारा डिमांड नोटिस के मुताबिक पूरी रकम जमा करवाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और बकाया अदायगी पर ब्याज नहीं वसूला जाएगा। कैबिनेट ने ऑर्डिनेंस द्वार जीएसटी को सुधारने का फैसला लिया ताकि रिटर्न भरने और अदायगी की प्रक्रिया आसान बनाई जा सके।