फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   IFS sanjeev chaturvedi promoted in higher scale by haryana government

मैगसेसे अवार्ड विजेता संजीव चतुर्वेदी को सरकार का तोहफा

Tue, 25 Aug 2015 05:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 25 Aug 2015 05:26 PM IST
विज्ञापन
IFS sanjeev chaturvedi promoted in higher scale by haryana government

केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा से उत्तराखंड काडर में ट्रांसफर किए गए आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी जहां अपने बदले हुए काडर के लिए तैयारी में जुटे हैं वहीं हरियाणा सरकार भी उनसे जुड़े मामलों को शांतिपूर्ण तरीके से रफादफा करने के मूड में आ गई है।

विज्ञापन


अब तक केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) में संजीव चतुर्वेदी की याचिका पर टालमटोल करती रही प्रदेश सरकार ने अब कैट में अपना जवाब दाखिल करने से पहले ही संजीव चतुर्वेदी को हायर स्केल पर प्रमोशन दे दिया है।
विज्ञापन


हरियाणा में वन विभाग में कार्यरत रहते हुए बड़े घोटालों का पर्दाफाश और उनमें राजनीतिज्ञों की संलिप्तता उजागर करने वाले आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने कैट में केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ काफी पहले एक याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि जानबूझकर उनका नाम डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की दो बैठकों के दौरान कंसीडर ही नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीपीसी की यह दोनों मीटिंग गत जनवरी और जून माह के दौरान हुई थीं। कैट ने संजीव चतुर्वेदी की इस याचिका पर केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किए थे। सोमवार को कैट में मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने बैंच को सूचना दी कि संजीव चतुर्वेदी का प्रमोशन दे दिया गया है।

सरकार ने जानकारी दी कि हरियाणा वन विभाग के प्रमुख सचिव अमित झा की तरफ से इस संबंध में जारी आदेशों के अनुसार चतुर्वेदी को पे-बैंड 4 (37400-67000 प्लस ग्रेड पे 8700) का सिलेक्शन ग्रेड दे दिया गया है और यह आदेश इस साल एक जनवरी से लागू माना जाएगा।

सरकार की किरकिरी करा रहा था संजीव का मामला

IFS sanjeev chaturvedi promoted in higher scale by haryana government

हरियाणा काडर के 2002 बैच के आईएफएस संजीव चतुर्वेदी को पिछले महीने ही भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम की सराहना करते हुए रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड फाउंडेशन (आरएमएएफ) द्वारा रेमन मैग्सेसे अवार्ड के लिए चुना है।

हरियाणा में अपने कार्यकाल के दौरान चतुर्वेदी को पांच सालों में एक दर्जन ट्रांसफर झेलने पड़े। प्रदेश की पिछली सरकार ने कई मुकदमें भी उन पर चला दिए। चतुर्वेदी के खिलाफ पुलिस मुकदमों और निलंबन के मामलों की गूंज राष्ट्रपति भवन तक चार बार पहुंची और हर बार उन्हें क्लीन चिट मिली।

उनके निलंबन आदेश को राष्ट्रपति भवन ने पहली बार 3 जनवरी 2008 को खारिज किया। तत्कालीन हुड्डा सरकार ने 2 अगस्त 2007 को उन पर फतेहाबाद हर्बल पार्क के नाम पर वाइल्ड लाइफ अभयारण्य के स्वरूप से छेड़छाड़ करने और निजी भूमि पर सरकारी पैसा खर्च करने का आरोप लगाया था।

चार्जशीट खारिज का दूसरा आदेश 19 जनवरी 2011 को पारित हुआ, जो इसी मामले में ही था। सरकार ने तीसरी बार चार्जशीट जारी की लेकिन वह भी 3 अक्तूबर 2013 को खारिज हो गई।

राष्ट्रपति भवन से चौथा आदेश 31 जनवरी 2014 को जारी हुआ, जिसमें चतुर्वेदी की एसीआर जीरो किए जाने के राज्य सरकार के आदेश को खारिज कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed