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IFS बीरेंद्र चौधरी के खिलाफ 1500 पेज का चालान दाखिल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 14 Sep 2017 09:17 AM IST
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IFS वीरेंद्र चौधरी
- फोटो : File Photo
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एक लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए आईएफएस बीरेंद्र चौधरी के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत में चालान दाखिल कर दिया। सीबीआई ने चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7, 13 (1) (डी) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है।
करीब 1500 पेज के चालान में जांच एजेंसी की ओर से करीब 22 गवाह बनाए गए हैं। वहीं सीबीआई ने चालान के साथ चौधरी के खिलाफ मुंबई में पहले से दर्ज भ्रष्टाचार के मामले का भी हवाला दिया है। केस की अगली सुनवाई पर बचाव पक्ष को चालान की कॉपी सप्लाई की जाएगी। उसके बाद केस में आरोप तय होने पर ट्रायल शुरू होगा।
वहीं इससे पहले सुबह चालान दाखिल होने का पता चलने पर चौधरी की ओर से दायर जमानत याचिका को वापस ले लिया गया। चौधरी ने 28 अगस्त को जमानत के लिए सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने सीबीआई को 11 सितंबर के लिए नोटिस किया था। 11 सितंबर को सीबीआई ने मामले में चालान दाखिल करने की बात कही थी। इस पर अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि बुधवार को अदालत चालान दाखिल होने के बाद याचिका पर फैसला सुनाती उससे पहले ही बचाव पक्ष ने याचिका वापस ले ली। वहीं चौधरी के खिलाफ दादर नगर हवेली में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में भी उसके खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं।
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करीब 1500 पेज के चालान में जांच एजेंसी की ओर से करीब 22 गवाह बनाए गए हैं। वहीं सीबीआई ने चालान के साथ चौधरी के खिलाफ मुंबई में पहले से दर्ज भ्रष्टाचार के मामले का भी हवाला दिया है। केस की अगली सुनवाई पर बचाव पक्ष को चालान की कॉपी सप्लाई की जाएगी। उसके बाद केस में आरोप तय होने पर ट्रायल शुरू होगा।
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वहीं इससे पहले सुबह चालान दाखिल होने का पता चलने पर चौधरी की ओर से दायर जमानत याचिका को वापस ले लिया गया। चौधरी ने 28 अगस्त को जमानत के लिए सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने सीबीआई को 11 सितंबर के लिए नोटिस किया था। 11 सितंबर को सीबीआई ने मामले में चालान दाखिल करने की बात कही थी। इस पर अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि बुधवार को अदालत चालान दाखिल होने के बाद याचिका पर फैसला सुनाती उससे पहले ही बचाव पक्ष ने याचिका वापस ले ली। वहीं चौधरी के खिलाफ दादर नगर हवेली में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में भी उसके खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं।
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यह है मामला
IFS वीरेंद्र चौधरी
- फोटो : File Photo
यह है मामला
सीबीआई ने 17 जुलाई को एक आरा मशीन के मालिक राजेंद्र कुमार की शिकायत पर पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के मेंबर सेक्रेटरी बीरेंद्र चौधरी को एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। राजेंद्र ने शिकायत दी थी कि बीरेंद्र चौधरी की ओर से 2016 में शहर के कई आरा मशीन संचालकों समेत कई अन्य यूनिट्स को शोकॉज नोटिस भेजे गए थे। इस पर शिकायतकर्ता अन्य फर्म संचालकों के साथ मेंबर सेक्रेटरी से मिले। बातचीत के दौरान आईएफएस चौधरी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की एवज में चारों से 50-50 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर मांगे।
हालांकि इसके बाद चारों से एक लाख रुपये में बातचीत तय हुई। इसके बाद राजेंद्र ने सीबीआई में शिकायत दी। शिकायत की पुष्टि होने पर जांच एजेंसी ने ट्रैप बिछाया और बीरेंद्र चौधरी को सेक्टर-27 स्थित घर के बाहर पार्क से रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। वहीं सीबीआई के अनुसार चौधरी के घर से सर्च के दौरान करीब दो लाख रुपये, बैंक खातों के अलावा कई प्रापर्टी के कागजात मिले थे।
सीबीआई ने 17 जुलाई को एक आरा मशीन के मालिक राजेंद्र कुमार की शिकायत पर पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के मेंबर सेक्रेटरी बीरेंद्र चौधरी को एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। राजेंद्र ने शिकायत दी थी कि बीरेंद्र चौधरी की ओर से 2016 में शहर के कई आरा मशीन संचालकों समेत कई अन्य यूनिट्स को शोकॉज नोटिस भेजे गए थे। इस पर शिकायतकर्ता अन्य फर्म संचालकों के साथ मेंबर सेक्रेटरी से मिले। बातचीत के दौरान आईएफएस चौधरी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की एवज में चारों से 50-50 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर मांगे।
हालांकि इसके बाद चारों से एक लाख रुपये में बातचीत तय हुई। इसके बाद राजेंद्र ने सीबीआई में शिकायत दी। शिकायत की पुष्टि होने पर जांच एजेंसी ने ट्रैप बिछाया और बीरेंद्र चौधरी को सेक्टर-27 स्थित घर के बाहर पार्क से रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। वहीं सीबीआई के अनुसार चौधरी के घर से सर्च के दौरान करीब दो लाख रुपये, बैंक खातों के अलावा कई प्रापर्टी के कागजात मिले थे।