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एग्जाम की टेंशन है तो डायल करें ये नंबर, मिलेगी सारी जानकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Mar 2017 08:21 PM IST
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- फोटो : File Photo
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बोर्ड एग्जाम की टेंशन में अक्सर विद्यार्थी और उनके माता-पिता डिप्रेशन में चले जाते हैं। कई बार अप्रिय घटना हो जाती है। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को डिप्रेशन की स्थिति में मनोचिकित्सकों की सलाह दिलाने को पहल की है।
पंजाब के डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रिंसिपल को निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि प्रिंसिपल और टीचर दसवीं-बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को सेहत विभाग की फ्री मेडिकल हेल्पलाइन सेवा-104 के बारे में जागरूक करें। इस हेल्पलाइन सेवा पर मनोचिकित्सक की सलाह मुफ्त मिलती है। परीक्षा के दिनों में आमतौर पर बच्चे और उनके पेरेंट्स डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं।
ऐसे में वे इस हेल्पलाइन पर मौजूद मनोचिकित्सकों की सलाह मुफ्त और घर बैठे ले सकते हैं। फोन पर ही बच्चों की काउंसलिंग करवाई जा सकती है। सभी प्रिंसिपल को हिदायत दी गई है कि बच्चों और अभिभावकों को इस हेल्पलाइन के बारे में जागरूक किया जाए। हेल्पलाइन का नंबर स्थायी तौर पर नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए। स्कूल की मॉर्निंग असेंबली में रोजाना बच्चों को इसके बारे में जानकारी दी जाए।
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पंजाब के डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रिंसिपल को निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि प्रिंसिपल और टीचर दसवीं-बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को सेहत विभाग की फ्री मेडिकल हेल्पलाइन सेवा-104 के बारे में जागरूक करें। इस हेल्पलाइन सेवा पर मनोचिकित्सक की सलाह मुफ्त मिलती है। परीक्षा के दिनों में आमतौर पर बच्चे और उनके पेरेंट्स डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं।
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ऐसे में वे इस हेल्पलाइन पर मौजूद मनोचिकित्सकों की सलाह मुफ्त और घर बैठे ले सकते हैं। फोन पर ही बच्चों की काउंसलिंग करवाई जा सकती है। सभी प्रिंसिपल को हिदायत दी गई है कि बच्चों और अभिभावकों को इस हेल्पलाइन के बारे में जागरूक किया जाए। हेल्पलाइन का नंबर स्थायी तौर पर नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए। स्कूल की मॉर्निंग असेंबली में रोजाना बच्चों को इसके बारे में जानकारी दी जाए।
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स्कूलों में नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए हेल्पलाइन का नंबर
Exams
- फोटो : File Photo
इतना ही नहीं, स्कूल में प्रिंसिपल की मौजूदगी में इसकी मॉक ड्रिल करवाई जाए। बच्चों के सामने एक टीचर हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर उन्हें व्यवहारिक जानकारी दे ताकि परीक्षाओं के तनाव के चलते होने वाली किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
गौरतलब है कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं की परीक्षाएं फरवरी अंत में शुरू हो चुकी हैं और दसवीं की मार्च मध्य में शुरू होनी हैं। डीजीएसई की ओर से पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के एमडी को भी पत्र भेजा गया है। उनसे कहा गया है कि स्कूलों को भेजे गए निर्देश के बारे में 104 हेल्पलाइन के स्टाफ को भी जानकारी दे दी जाए।
हेल्पलाइन पर मिलती है सब जानकारी
पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन ने जून-2014 में 104 हेल्पलाइन शुरू की थी, जोकि 24 घंटे चलती है। इस पर हर तरह की मेडिकल सलाह, दवाओं, जांच के बारे में जानकारी दी जाती है। सिगरेट, शराब व नशे के आदी, आत्महत्या की प्रवृत्ति वालों की काउंसिलिंग की जाती है। सेहत विभाग की तमाम स्कीमों के बारे में बताया जाता है। आपात स्थिति में नजदीकी अस्पताल के बारे में भी पता चल सकता है। साथ ही सभी तरह की सेवाओं के बारे में शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है। यहां आने वाली सभी शिकायतों को उच्च अधिकारियों को भेजा जाता है।
गौरतलब है कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं की परीक्षाएं फरवरी अंत में शुरू हो चुकी हैं और दसवीं की मार्च मध्य में शुरू होनी हैं। डीजीएसई की ओर से पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के एमडी को भी पत्र भेजा गया है। उनसे कहा गया है कि स्कूलों को भेजे गए निर्देश के बारे में 104 हेल्पलाइन के स्टाफ को भी जानकारी दे दी जाए।
हेल्पलाइन पर मिलती है सब जानकारी
पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन ने जून-2014 में 104 हेल्पलाइन शुरू की थी, जोकि 24 घंटे चलती है। इस पर हर तरह की मेडिकल सलाह, दवाओं, जांच के बारे में जानकारी दी जाती है। सिगरेट, शराब व नशे के आदी, आत्महत्या की प्रवृत्ति वालों की काउंसिलिंग की जाती है। सेहत विभाग की तमाम स्कीमों के बारे में बताया जाता है। आपात स्थिति में नजदीकी अस्पताल के बारे में भी पता चल सकता है। साथ ही सभी तरह की सेवाओं के बारे में शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है। यहां आने वाली सभी शिकायतों को उच्च अधिकारियों को भेजा जाता है।