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जब कोई बात बिगड़ जाए: बस कागज-कलम उठाइए और लिख डालिए अपना हाल-ए-दिल... तनाव होगा छूमंतर

Sat, 16 Sep 2023 02:07 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 16 Sep 2023 02:07 PM IST
सार

जर्नलिंग कागज पर या आपके कंप्यूटर पर हो सकता है। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक सरल, कम लागत वाला तरीका है लेकिन लोग इसकी ताकत को नहीं जानते इसलिए तनाव में होने पर उसे कहकर साझा करने का प्रयास करते हैं लेकिन तमाम तरह के डर के कारण वे मन की बात मन में ही रख लेते हैं।

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If you don't have someone close to you, then express your feelings on paper, thoughts of suicide will go away.
लिखने से दूर होता है तनाव

विस्तार

मन परेशान हो, अवसाद के कारण बार-बार आत्महत्या का ख्याल आ रहा हो और किसी से अपनी बात कह नहीं पा रहे हो तो उसे लिखना शुरू कर दीजिए। उस संकट की घड़ी में कागज और कलम आपके सबसे अच्छे साथी साबित होंगे।

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ये सिर्फ कही सुनी बात नहीं है। इसे आजमाकर इसके परिणाम पर किताब लिखी गई है, ताकि तनाव के दौरान अपनी बातें न कह पाने की स्थिति में उसे लिखकर तनाव पर काबू पाया जा सके। यह कहना है वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य व मनोरोग विशेषज्ञ श्रीनिवास मूर्ति का। वे पीजीआई में मनोरोग पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर वक्ता मौजूद थे।
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उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में लोग किसी से अपने मन की बात कहने में संकोच कर रहे हैं जिससे तनाव अवसाद का रूप ले रहा है। ऐसे में जर्नलिंग एक बेहतर माध्यम साबित हो सकता है। जर्नलिंग व्यक्तिगत विचारों, भावनाओं, अंतर्दृष्टि और बहुत कुछ का रिकॉर्ड रखने का कार्य है। इसे लिखा, खींचा या टाइप किया जा सकता है। यह कागज पर या आपके कंप्यूटर पर हो सकता है। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक सरल, कम लागत वाला तरीका है लेकिन लोग इसकी ताकत को नहीं जानते इसलिए तनाव में होने पर उसे कहकर साझा करने का प्रयास करते हैं लेकिन तमाम तरह के डर के कारण वे मन की बात मन में ही रख लेते हैं।


कागज से कहिए मन की बात, फिर देखिए कमाल

  • जर्नलिंग आपके विचारों, भावनाओं और भावनाओं को बिना रुके लिखना है। यह न केवल व्यक्त करने का बल्कि अनुभवों को दर्ज करने का भी अवसर है।
  • भावनाओं को साझा करने की तरह, लिखते समय भी स्थिति के बारे में नई समझ और अंतर्दृष्टि सामने आएगी। लेखन किसी घटना या स्थिति से जुड़ी भावनाओं और विचारों को भी मुक्त करता है।
  • जर्नलिंग एक ऐसी गतिविधि है जो आप अपने लिए करते हैं और आप जो भी लिखते हैं वह आप तक ही सीमित है। इसलिए आपको व्याकरण और वाक्य के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।
  • इससे तनाव कम होता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है।
  • यह आपका अपना रिकॉर्ड होगा, जिसे आप भविष्य में संदर्भ के लिए उपयोग कर सकते हैं।
  • यह आपके जीवन में समस्याओं के पैटर्न को पहचानने में मदद करता है।
  • यह बिंदुओं को जोड़ने और किसी विशेष स्थिति के कारणों और प्रभावों का पता लगाने में मदद करता है।
  • यह आत्म-जागरूकता बढ़ाता है।
  • यह विचारों और भावनाओं को शब्दों में अनुवाद करने में मदद करता है।
  • यह आपकी ऊर्जा की सुरक्षा और रखरखाव के लिए एक योजना विकसित करने में मदद करता है।
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