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पीयू सीनेट चुनाव पुराने तरीके से हुआ तो वीसी के तमाम आदेश पलट जाएंगे

Fri, 09 Jul 2021 02:24 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 02:24 AM IST
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If PU Senate election is done in the old way, then all the orders of VC will be reversed.
चंडीगढ़। हाईकोर्ट ने पीयू सीनेट चुनाव करवाने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके साथ ही सवाल खड़ा हो गया कि पीयू नए तरीके से चुनाव करवाएगी या पुराने से। जानकारों का कहना है कि पुराने तरीके से चुनाव हुआ तो सीनेट वीसी की ओर से लिए गए तमाम फैसलों को पलट सकती है, क्योंकि चुनाव लड़ने वाले पूर्व सीनेटरों ने वीसी के कई निर्णयों को मनमाना बताया था। तानाशाही करने जैसे शब्दों का भी प्रयोग किया था। बताया जाता है कि सीनेट जैसे ही बनेगी तो उसकी बैठक में अब तक बिना सीनेट के लिए गए निर्णयों को सामने लाया जाएगा। हालांकि भाजपा खेमा जुटा हुआ है कि शासन सुधार की सिफारिशें लागू करवाकर पीयू सीनेट चुनाव करवाए।
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सीनेट चुनाव करवाने के लिए जैसे ही मामला हाईकोर्ट में दर्ज हुआ तो उसके साथ ही चांसलर कार्यालय की ओर से पीयू शासन सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन हो गया। हाईकोर्ट में समिति के नामों को प्रस्तुत किया गया। उसके बाद शासन सुधार की सिफारिशें कमेटी की ओर से चांसलर को भेज दी गईं। साथ ही प्रमुख सिफारिशों को सार्वजनिक कर दिया गया। सूत्रों का यह भी कहना है कि भाजपा खेमा ताकत लगा रहा है कि शासन सुधार का प्रस्ताव चांसलर कार्यालय से मंजूर हो और उसी के मुताबिक चुनाव हो। ऐसा होने के बाद यह रिपोर्ट पीयू हाईकोर्ट में प्रस्तुत कर सकती है। ऐसे में नए सिरे से भी चुनाव होने की आशंकाएं हैं।
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दूसरी ओर पीयू के वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि कांग्रेस खेमा चुनाव की पूरी तैयारी में जुटा है। सीनेट चुनाव करवाने की मांग को लेकर पूर्व सीनेटरों ने सर्दी में पसीना बहाया था। ऐसे में कांग्रेस खेमा चाहेगा कि उनका दबदबा सीनेट में पूर्व की तरह हो।
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इनसेट--
सिंडिकेट चुनाव भी होगा
सीनेट चुनाव का कार्यक्रम जैसे ही पूर्ण होगा, उसके बाद सिंडिकेट का चुनाव करवाया जाएगा। इसका चुनाव भी सीनेट पर निर्भर करेगा। सीनेट का चुनाव नए सिरे यानी शासन सुधार की सिफारिशों की मंजूरी के बाद से हुआ तो फिर सिंडिकेट में भी नजारा अलग होगा। हालांकि सिफारिशें जरूरी नहीं कि मंजूर हों। जानकार तो यह भी कह रहे हैं कि सीनेट में ही शासन सुधार का प्रस्ताव ले जाया जाएगा। सीनेट के मंजूर करने के बाद ही यह लागू होगा।
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