{"_id":"5d9a42de8ebc3e93a45fd5bf","slug":"if-nigam-do-not-could-dry-and-wet-waste-different-fine-chandigarh-news-pkl3530083166","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः इस बार नगर निगम ने नहीं किया गीला और सूखा कचरा अलग तो भरना पड़ेगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः इस बार नगर निगम ने नहीं किया गीला और सूखा कचरा अलग तो भरना पड़ेगा जुर्माना
Mon, 07 Oct 2019 11:12 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2019 11:12 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार नगर निगम चंडीगढ़ ने गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने की व्यवस्था लागू नहीं की तो जुर्माना लगना तय है। दो साल से इस व्यवस्था को लागू करने में जुटे नगर निगम को कई मौके मिले, लेकिन सफलता नहीं मिली। 11 अक्तूबर तक यह व्यवस्था शुरू न होने पर एनजीटी की ओर से एक करोड़ रुपये का जुर्माना निगम पर लगाया जा सकता है। महज पांच दिनों में सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करके देना नगर निगम के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं।
वैसे निगम को 30 सितंबर को ही इस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करना था लेकिन फिर निगम के अधिकारियों ने एनजीटी से कुछ समय मांग लिया। एनजीटी ने 11 दिनों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने की व्यवस्था हर हाल में लागू करने को कहा था। व्यवस्था शुरू न होने पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है। अब अंतिम पांच दिन में नगर निगम को सूखा और गीला कचरा अलग अलग करना ही होगा, नहीं तो एनजीटी की ओर से जुर्माना लगना तय है।
11 के बाद लगेगा जुर्माना, संभल के डालें कचरा
उधर, नगर निगम 11 अक्तूबर के बाद गीला और सूखा कचरा एक साथ डालने वाले लोगों पर जुर्माना लगाना शुरू करेगा। इसके लिए 200 रुपये से 2 हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा ताकि लोग जुर्माने के डर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
वैसे निगम को 30 सितंबर को ही इस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करना था लेकिन फिर निगम के अधिकारियों ने एनजीटी से कुछ समय मांग लिया। एनजीटी ने 11 दिनों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने की व्यवस्था हर हाल में लागू करने को कहा था। व्यवस्था शुरू न होने पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है। अब अंतिम पांच दिन में नगर निगम को सूखा और गीला कचरा अलग अलग करना ही होगा, नहीं तो एनजीटी की ओर से जुर्माना लगना तय है।
विज्ञापन
11 के बाद लगेगा जुर्माना, संभल के डालें कचरा
उधर, नगर निगम 11 अक्तूबर के बाद गीला और सूखा कचरा एक साथ डालने वाले लोगों पर जुर्माना लगाना शुरू करेगा। इसके लिए 200 रुपये से 2 हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा ताकि लोग जुर्माने के डर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके दें।
विज्ञापन
बांटे गए थे डस्टबिन, जो अब नजर नहीं आते
इसे अधिकारियों की इच्छाशक्ति की कमी कहें या लोगों में जागरूकता का अभाव, दो सालों में कई प्रयासों के बावजूद गीला और सूखा अलग-अलग करने की व्यवस्था को शुरू करने में निगम सफल नहीं हो सका है। निगम ने कई बार जागरूकता कार्यक्रम चलाए तो गीला और सूखा कचरा फेंकने के लिए अलग-अलग डस्टबिन भी वितरित किए गए थे लेकिन हाल यह है कि हरे और नीले डस्टबिन अब कहीं नजर नहीं आते।
स्वच्छता अभियान में भी मिलते हैं नंबर
स्वच्छता अभियान में सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करने के नंबर भी मिलते हैं। दो साल से लगातार स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाने के लिए निगम प्रयास कर रहा है, लेकिन असफल ही रहा है। वहीं, जेपी प्लांट के अधिकारी भी कचरा प्रोसेस न करने का ठीकरा निगम पर ही फोड़ देते हैं। उनका कहना है कि एनजीटी के निर्देशानुसार सूखा व गीला कचर अलग अलग देना है। उसके बावजूद निगम मिक्स कचरा ही दे रहा है। इससे पूरा कचरा प्रोसेस नहीं हो पा रहा है।
इन गांवों में लागू हो चुकी है व्यवस्था
निगम के अधिकारियों का दावा है कि सारंगपुर, मौलीजागरां, दड़वा, मक्खनमाजरा, खुड्डाजस्सू, किशनगढ़, खुड्डाअलीशेर, रायपुर खुर्द, बेहलाना, रायपुरकलां में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग लिया जा रहा है। वहीं कैंबवाला, धनास और खुड्डालाहौरा में जल्द अलग अलग कचरा लेना शुरू करेंगे। इसके अलावा सेक्टर 22, 17, 15, 23, 10 और 11 की मार्केट से भी अलग-अलग कचरा लेंगे।
सूखा और गीला कचरा अलग अलग करने के लिए पूरी तैयारी है। लोगों को जागरूक कर रहे हैं। गाड़ियों पर भी सूखा और गीला अलग अलग डलवाने के लिए कर्मचारियों को कहा गया है। उम्मीद है जल्द इस व्यवस्था को लागू कर देंगे।
- डॉ एपी सिंह, एमओएच
स्वच्छता अभियान में भी मिलते हैं नंबर
स्वच्छता अभियान में सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करने के नंबर भी मिलते हैं। दो साल से लगातार स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाने के लिए निगम प्रयास कर रहा है, लेकिन असफल ही रहा है। वहीं, जेपी प्लांट के अधिकारी भी कचरा प्रोसेस न करने का ठीकरा निगम पर ही फोड़ देते हैं। उनका कहना है कि एनजीटी के निर्देशानुसार सूखा व गीला कचर अलग अलग देना है। उसके बावजूद निगम मिक्स कचरा ही दे रहा है। इससे पूरा कचरा प्रोसेस नहीं हो पा रहा है।
इन गांवों में लागू हो चुकी है व्यवस्था
निगम के अधिकारियों का दावा है कि सारंगपुर, मौलीजागरां, दड़वा, मक्खनमाजरा, खुड्डाजस्सू, किशनगढ़, खुड्डाअलीशेर, रायपुर खुर्द, बेहलाना, रायपुरकलां में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग लिया जा रहा है। वहीं कैंबवाला, धनास और खुड्डालाहौरा में जल्द अलग अलग कचरा लेना शुरू करेंगे। इसके अलावा सेक्टर 22, 17, 15, 23, 10 और 11 की मार्केट से भी अलग-अलग कचरा लेंगे।
सूखा और गीला कचरा अलग अलग करने के लिए पूरी तैयारी है। लोगों को जागरूक कर रहे हैं। गाड़ियों पर भी सूखा और गीला अलग अलग डलवाने के लिए कर्मचारियों को कहा गया है। उम्मीद है जल्द इस व्यवस्था को लागू कर देंगे।
- डॉ एपी सिंह, एमओएच