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रेल व्यापार के बाद अब भारत पाकिस्तान के बीच ये बिजनेस भी रुका, जानिए मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Tue, 21 Feb 2017 05:30 PM IST
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अमृतसर में वाघा बॉर्डर
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पहले रेल व्यापार बंद हुआ और अब भारत पाकिस्तान के बीच होने वाला एक और बिजनेस रुक गया है। इसका बड़ा साइड इफेक्ट भी देखने को मिल रहा है। भारत-पाकिस्तान के बीच इंटाग्रेटिड चेक पोस्ट (आईसीपी) के माध्यम से होने वाला व्यापार सोमवार शाम चार बजे रोक दिया गया।
अटारी बार्डर पर लोकल (अटारी) के ट्रांसपोर्टर ने जाम लगा दिया। जिसके वजह से पाकिस्तान से कुल 118 ट्रक भारत आए और भारत से पाकिस्तान सिर्फ आठ ट्रक ही जा सके। दोनों देशों के बीच व्यापार के रास्ते मंगलवार को खुलने के आसार दिखाई दे रहे हैं। हालांकि लोकल ट्रांसपोर्टर की मांग है कि बाहरी व्यापारियों के ट्रकों में लोड सामान उनके ट्रकों के माध्यम से सीमापार (पाकिस्तान) जाए।
इसके लिए अटारी के ट्रांसपोर्टर बाहरी व्यापारियों से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी के लिए 20 से 25 हजार रुपये प्रति ट्रक वसूलते रहे है, जिसको लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के व्यापारियों ने पाकिस्तान से व्यापार करने पर आ रही दिक्कतों को लेकर डीसी को लिखित शिकायत भेजी है। पाकिस्तान और भारत के बीच सड़क मार्ग से होने वाले व्यापार को लेकर भारतीय ट्रक ड्राइवरों के परमिट बने हैं।
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अटारी बार्डर पर लोकल (अटारी) के ट्रांसपोर्टर ने जाम लगा दिया। जिसके वजह से पाकिस्तान से कुल 118 ट्रक भारत आए और भारत से पाकिस्तान सिर्फ आठ ट्रक ही जा सके। दोनों देशों के बीच व्यापार के रास्ते मंगलवार को खुलने के आसार दिखाई दे रहे हैं। हालांकि लोकल ट्रांसपोर्टर की मांग है कि बाहरी व्यापारियों के ट्रकों में लोड सामान उनके ट्रकों के माध्यम से सीमापार (पाकिस्तान) जाए।
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इसके लिए अटारी के ट्रांसपोर्टर बाहरी व्यापारियों से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी के लिए 20 से 25 हजार रुपये प्रति ट्रक वसूलते रहे है, जिसको लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के व्यापारियों ने पाकिस्तान से व्यापार करने पर आ रही दिक्कतों को लेकर डीसी को लिखित शिकायत भेजी है। पाकिस्तान और भारत के बीच सड़क मार्ग से होने वाले व्यापार को लेकर भारतीय ट्रक ड्राइवरों के परमिट बने हैं।
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दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कवायद जारी
अमृतसर में वाघा बॉर्डर
अधिकांश भारतीय ड्राइवर अटारी से हैं। अटारी के यह ड्राइवर ही पाकिस्तान जाते हैं, यही वजह है कि बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों के ट्रकों को पाकिस्तान ले जाने के लिए परमिट धारक ड्राइवरों की जरूरत होती है लेकिन इन ड्राइवरों के साथ-साथ लोकल ट्रांसपोर्ट अपने ट्रक में पाकिस्तान माल भेजने की जिद कर रहे हैं और यह जिद पूरी करने के लिए बाहरी राज्यों के व्यापारियों को 20 से 25 हजार रुपया प्रति ट्रक देना पड़ता है।
चूंकि भारत-पाकिस्तान व्यापार को लेकर अटारी पर एक ग्रुप (लोकल ग्रुप) का वर्चस्व है, जो दोनों देशों के बीच व्यापार को जब चाहे ठप कर देता है। सोमवार को इसी ग्रुप ने व्यापार ठप कर दिया है। डिप्टी कमिश्नर बसंत गर्ग कहते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन हर बाधा को दूर करेगा, इस बारें में मंगलवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया है। दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाकर दोबारा से व्यापार शुरू करवा दिया जाएगा।
पाकिस्तान के साथ व्यापार करने वाले मजीठा मंडी ड्राई फ्रूट एसोसिएशन के प्रधान अनिल मेहरा कहते हैं कि पाकिस्तान के साथ व्यापार सुचारुचले। व्यापार में बाहरी व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। अटारी के ट्रांसपोर्टर पाकिस्तान ट्रक पहुंचाने के लिए अपने ट्रकों का प्रयोग करते हैं। बाहरी व्यापारियों से किराया कई गुना वसूला जाता है, जो सरासर गलत है। व्यापार में ऐसी गुटबंदी नही होनी चाहिए।
चूंकि भारत-पाकिस्तान व्यापार को लेकर अटारी पर एक ग्रुप (लोकल ग्रुप) का वर्चस्व है, जो दोनों देशों के बीच व्यापार को जब चाहे ठप कर देता है। सोमवार को इसी ग्रुप ने व्यापार ठप कर दिया है। डिप्टी कमिश्नर बसंत गर्ग कहते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन हर बाधा को दूर करेगा, इस बारें में मंगलवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया है। दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाकर दोबारा से व्यापार शुरू करवा दिया जाएगा।
पाकिस्तान के साथ व्यापार करने वाले मजीठा मंडी ड्राई फ्रूट एसोसिएशन के प्रधान अनिल मेहरा कहते हैं कि पाकिस्तान के साथ व्यापार सुचारुचले। व्यापार में बाहरी व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। अटारी के ट्रांसपोर्टर पाकिस्तान ट्रक पहुंचाने के लिए अपने ट्रकों का प्रयोग करते हैं। बाहरी व्यापारियों से किराया कई गुना वसूला जाता है, जो सरासर गलत है। व्यापार में ऐसी गुटबंदी नही होनी चाहिए।