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CA के ऑल इंडिया टॉपर मोहित गुप्ता ने खोला राज, बताया कैसे रचा इतिहास?
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
Updated Fri, 19 Jan 2018 09:28 AM IST
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CA के ऑल इंडिया टॉपर मोहित गुप्ता
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सीए एग्जाम के ऑल इंडिया टॉपर मोहित गुप्ता ने खुद अपनी सफलता का राज खोला और बताया कि आखिर उन्होंने ये इतिहास कैसे रचा। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) नवंबर में हुई फाइनल परीक्षा और दिसंबर में हुई सीपीटी के नतीजे घोषित कर दिए हैं।
करनाल के बेटे मोहित गुप्ता ने 73.88 प्रतिशत अंकों के साथ देश भर में अव्वल रहे हैं। एमकॉम पास मोहित को 800 में से 587 अंक मिले हैं। न्यू प्रीतम नगर निवासी मोहित के साथ उनके छोटे भाई शुभम गुप्ता ने 485 अंक लेकर देश में 44वां स्थान हासिल किया है। दोनों भाइयों की कामयाबी से परिजनों में खुशी है।
मोहित ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता को दिया है। वर्ष 2012 में आरएस पब्लिक स्कूल से 12वीं करने के बाद मोहित ने दिल्ली के रामजस कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमकॉम किया। वह दिल्ली में ही सीए की परीक्षा की तैयारी करने लगे। उनके छोटे भाई शुभम ने भी बीकॉम के बाद तैयारी शुरू कर दी।
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अमर उजाला से बातचीत में मोहित ने बताया कि उनके पिता विनोद गुप्ता अनाज मंडी में मुनीम थे। उनका सपना था कि उनके बेटे सीए बनें। वर्ष-2001 में एक सड़क हादसे में पिता का निधन हो गया। इसके बाद मां संतोष ने ही संभाला। यह सब मेरे माता-पिता की मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन का फल है।
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करनाल के बेटे मोहित गुप्ता ने 73.88 प्रतिशत अंकों के साथ देश भर में अव्वल रहे हैं। एमकॉम पास मोहित को 800 में से 587 अंक मिले हैं। न्यू प्रीतम नगर निवासी मोहित के साथ उनके छोटे भाई शुभम गुप्ता ने 485 अंक लेकर देश में 44वां स्थान हासिल किया है। दोनों भाइयों की कामयाबी से परिजनों में खुशी है।
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मोहित ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता को दिया है। वर्ष 2012 में आरएस पब्लिक स्कूल से 12वीं करने के बाद मोहित ने दिल्ली के रामजस कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमकॉम किया। वह दिल्ली में ही सीए की परीक्षा की तैयारी करने लगे। उनके छोटे भाई शुभम ने भी बीकॉम के बाद तैयारी शुरू कर दी।
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अमर उजाला से बातचीत में मोहित ने बताया कि उनके पिता विनोद गुप्ता अनाज मंडी में मुनीम थे। उनका सपना था कि उनके बेटे सीए बनें। वर्ष-2001 में एक सड़क हादसे में पिता का निधन हो गया। इसके बाद मां संतोष ने ही संभाला। यह सब मेरे माता-पिता की मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन का फल है।
मेरा टारगेट अच्छे मार्क्स था, रैंक नहीं
CA के ऑल इंडिया टॉपर मोहित गुप्ता
करनाल के रहने वाले मोहित गुप्ता के लिए सीए फाइनल में टॉप करना बहुत बड़ी उपलब्धि है। मोहित शुरुआत से स्कोरर रहे हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से यूजी और पीजी की पढ़ाई कर चुके मोहित ने इससे पहले आईपीसीसी में भी 22 रैंक पाई थी। साथ ही, डीयू के रामजस कॉलेज में वे बीकॉम ऑनर्स के टॉपर भी रहे हैं।
2012 में उन्होंने 12वीं 95.6% के साथ पास की। मोहित कहते हैं, मेरा पूरा ध्यान पढ़ाई में रहता है। मैं कभी रैंक के बारे में नहीं सोचता। मेरा टारगेट है बस अच्छे मार्क्स। यह खुशी मेरे लिए डबल है, क्योंकि मेरे छोटे भाई शुभम ने भी सीए एग्जाम ऑल इंडिया रैंक 44 के साथ क्रैक किया है।
मेरी मम्मी और बहन बहुत खुश हैं और यह सेलिब्रेशन मैं अपने होमटाउन में उनके और अपने दोस्तों के साथ मना रहा हूं। क्रिकेट और बॉलिवुड मूवीज के शौकीन मोहित कहते हैं, मैं पढ़ाई को प्रेशर मानकर नहीं चलता, बल्कि एंजॉय करता हूं।
भाई ने टॉप किया, मेरे लिए यही खुशी
अमर उजाला से बातचीत में शुभम ने कहा कि मेरी आल इंडिया में 44वीं रैंक आई है, लेकिन मेरे भाई ने देश में टॉप किया है, मेरे लिए यही खुशी है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन नैंसी भी दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर रही है। वह भी सीए की तैयारी करेगी।
उनकी मां संतोष ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों पर गर्व है। बेटों ने हमारा मान बढ़ाया है। उनकी सफलता के पीछे उनकी मेहनत है। दोनों एक साथ देर रात तक पढ़ते थे। आज उस पढ़ाई का परिणाम मिल गया। बच्चों ने हमारा सपना पूरा कर दिया।
2012 में उन्होंने 12वीं 95.6% के साथ पास की। मोहित कहते हैं, मेरा पूरा ध्यान पढ़ाई में रहता है। मैं कभी रैंक के बारे में नहीं सोचता। मेरा टारगेट है बस अच्छे मार्क्स। यह खुशी मेरे लिए डबल है, क्योंकि मेरे छोटे भाई शुभम ने भी सीए एग्जाम ऑल इंडिया रैंक 44 के साथ क्रैक किया है।
मेरी मम्मी और बहन बहुत खुश हैं और यह सेलिब्रेशन मैं अपने होमटाउन में उनके और अपने दोस्तों के साथ मना रहा हूं। क्रिकेट और बॉलिवुड मूवीज के शौकीन मोहित कहते हैं, मैं पढ़ाई को प्रेशर मानकर नहीं चलता, बल्कि एंजॉय करता हूं।
भाई ने टॉप किया, मेरे लिए यही खुशी
अमर उजाला से बातचीत में शुभम ने कहा कि मेरी आल इंडिया में 44वीं रैंक आई है, लेकिन मेरे भाई ने देश में टॉप किया है, मेरे लिए यही खुशी है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन नैंसी भी दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर रही है। वह भी सीए की तैयारी करेगी।
उनकी मां संतोष ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों पर गर्व है। बेटों ने हमारा मान बढ़ाया है। उनकी सफलता के पीछे उनकी मेहनत है। दोनों एक साथ देर रात तक पढ़ते थे। आज उस पढ़ाई का परिणाम मिल गया। बच्चों ने हमारा सपना पूरा कर दिया।