Haryana News: एंटी करप्शन ब्यूरो के रडार पर IAS अधिकारी, दो और की मुश्किलें बढ़ीं, FIR दर्ज करने की सिफारिश
दोनों आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ शहरी स्थानीय निकाय विभाग के दर्जनभर से अधिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। सुमेधा कटारिया के समय में एचसीएस संयम गर्ग, एसई विजय गोयल, कार्यकारी अभियंता अंकित लोहान के साथ-साथ सेनेटरी शाखा के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
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एंटी करप्शन ब्यूरो के निशाने पर अब हरियाणा के आईएएस अधिकारी भी आ गए हैं। इनके खिलाफ सिलसिलेवार चल रही कार्रवाई में दो और अधिकारियों के नाम जुड़ गए हैं। अब आईएएस आरके सिंह, रिटायर्ड आईएएस सुमेधा कटारिया की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। एसीबी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। जल्द हरियाणा सरकार इस पर फैसला लेने वाली है। दोनों अधिकारियों के साथ अन्य कर्मियों पर नगर निगम पंचकूला में रहते वित्तीय गड़बड़ी के आरोप हैं।
गौरतलब है कि दोनों आईएएस अधिकारी पंचकूला नगर निगम में आयुक्त पद पर तैनात हैं। एसीबी रिपोर्ट के मुताबिक कटारिया पर डंपिंग ग्राउंड से कूड़ा उठाने के टेंडर में गड़बड़ी करने के आरोप हैं। वहीं, आरके सिंह पर आरोप है कि उन्होंने टेंडर की शर्तों के अनुसार काम नहीं कराया और नियमों के विपरीत कंपनी के बिलों की अदायगी भी करा दी।
आरोप है कि फर्म ने सेटिंग के माध्यम से बिना कूड़े का निष्पादन किए ही निगम से 1.75 करोड़ रुपये की अदायगी करा ली। कई महीने तक चली जांच में एसीबी ने आरोपों को सही पाया। इसके बाद ही हरियाणा सरकार को इन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के साथ-साथ अन्य धाराओं में केस दर्ज करने की सिफारिश की है। उधर, एसीबी की ओर से पत्र लिखने के बाद से आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ अन्य अधिकारियों में खलबली मच गई है।
निकाय विभाग के दर्जनभर कर्मियों की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में
दोनों आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ शहरी स्थानीय निकाय विभाग के दर्जनभर से अधिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। सुमेधा कटारिया के समय में एचसीएस संयम गर्ग, एसई विजय गोयल, कार्यकारी अभियंता अंकित लोहान के साथ-साथ सेनेटरी शाखा के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इसी प्रकार आरके सिंह के समय में जेई से लेकर सफाई शाखा के अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने डंपिंग ग्राउंड से कूड़ा उठाने के टेंडर में भी गड़बड़ी की है।
आईएएस अनिता यादव पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार
फरीदाबाद नगर निगम में हुए करीब 200 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में अब आईएएस अधिकारी अनिता यादव पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। हरियाणा सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच रिपोर्ट को सही मानते हुए अनिता यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। सरकार की मंजूरी के बाद अब ब्यूरो इस मामले में केस दर्ज कर अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।
अनिता यादव फरीदाबाद नगर निगम की आयुक्त रही हैं। उनके समय हुए लोहे की ग्रिल लगाने से जुड़े एक मामले में यह कार्रवाई की जा रही है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर प्रारंभिक जांच की थी। इसके बाद इस मामले में आगे को बढ़ाया गया। जांच पूरी होने के बाद एसीबी ने केस दर्ज करने के लिए हरियाणा सरकार से मंजूरी मांगी थी। अब एसीबी अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।