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पत्नी के प्रेमी की हत्या में पति के चार साथी गिरफ्तार
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मनीमाजरा। मौलीजागरां थाना पुलिस ने पत्नी के प्रेमी के सिर पर पत्थर से कई वार कर हत्या करने वाले पति के चार सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों में एक 58 वर्षीय महिला भी शामिल है। हालांकि मुख्य आरोपी और उसका एक साथी अभी फरार है। पुलिस ने बुधवार को चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने विवाहिता के प्रेमी धनंजय का शव बीते शुक्रवार को मोरनी के जंगल से बरामद किया था।
विवाहिता का बयान : नशे में पीटता था पति, अच्छा लगने लगा था धनंजय का व्यवहार
साहब... नशे में पति मुझे मारता-पीटता था। बच्चे होने के बाद भी आदत नहीं सुधरी तो अलग होने का फैसला ले लिया था। इसी बीच 21 वर्षीय धनंजय से मुलाकात हुई और उसका व्यवहार अच्छा लगने लगा। वह मदद भी करता था। उसके साथ जीवन की नई शुरुआत करना चाहती थी लेकिन पति ने ससुराल वालों के साथ मिलकर धनंजय की हत्या कर दी। विवाहिता ने पुलिस को यह बयान दिया है। विवाहिता के चार बच्चे हैं।
चार दिन के रिमांड थे चारों आरोपी
पुलिस ने बीते शुक्रवार को मोरनी के जंगल से धनंजय का शव बरामद किया था। इसके बाद गिरफ्तार चारों आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर चार दिन का रिमांड हासिल किया था जिन्हें दोबारा बुधवार को अदालत में पेश किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में महिला कमलेश (सास), रिश्तेदार राज बहादुर, अनुज उर्फ अमरनाथ और संजय शामिल हैं। वहीं मुख्य आरोपी पति नेमपाल और विजयपाल की तलाश जारी है।
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विवाहित और बेटे के नाम खोला बैंक खाता
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विवाहिता का पति शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। इसे लेकर ही विवाहिता उससे अलग होना चाहती थी। इस दौरान धनंजय उसे अच्छा लगने लगा था और उसके बच्चों की देखभाल भी कर रहा था। उसने विवाहिता और उसके बच्चों के नाम बैंक खाता भी खोल रखा था। जब विवाहिता के अवैध संबंधों का पता चला तो आरोपियों ने मिलकर धनंजय की हत्या कर दी।
यह है मामला
मूलरूप से बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला धनंजय चार साल से मौलीजागरां में रह रहा था। वह एक फैक्ट्री में काम करता था। विवाहिता को लेकर धनंजय जयपुर भी भाग गया था। दो महीने बाद वापस आकर पंचकूला के गांव बुढ़नपुर में रहने लगा था। इसी बीच 28 सितंबर को धनंजय पर विवाहिता के पति नेमपाल की नजर पड़ गई। वह उसे जबरन अपनी सास कमलेश के घर ले जाकर दबाव बनाया और विवाहिता को वहां पर बुलवाया।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
29 सितंबर की सुबह 10 बजे आरोपी नेमपाल, संजय, राज बहादुर, अनुज और विजय पाल ऑटो में बैठाकर धनंजय को मोरनी के जंगल में ले गए। वहां सभी ने शराब पीने के बाद धनंजय के सिर पर पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसके बाद शव जंगल में छिपाकर घर आ गए। घर आकर आरोपी ने पत्नी को बताया कि धनंजय की पिटाई कर उसे उसके घर जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। विवाहिता को संदेह होने पर उसने घटना की सूचना धनंजय के भाई रंजय को फोन करके दे दी। जब रंजय चंडीगढ़ आया तो पता चला धनंजय घर गया ही नहीं और पुुलिस को शिकायत देने के बाद सारे मामले का खुलासा हो गया।
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विवाहिता का बयान : नशे में पीटता था पति, अच्छा लगने लगा था धनंजय का व्यवहार
साहब... नशे में पति मुझे मारता-पीटता था। बच्चे होने के बाद भी आदत नहीं सुधरी तो अलग होने का फैसला ले लिया था। इसी बीच 21 वर्षीय धनंजय से मुलाकात हुई और उसका व्यवहार अच्छा लगने लगा। वह मदद भी करता था। उसके साथ जीवन की नई शुरुआत करना चाहती थी लेकिन पति ने ससुराल वालों के साथ मिलकर धनंजय की हत्या कर दी। विवाहिता ने पुलिस को यह बयान दिया है। विवाहिता के चार बच्चे हैं।
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चार दिन के रिमांड थे चारों आरोपी
पुलिस ने बीते शुक्रवार को मोरनी के जंगल से धनंजय का शव बरामद किया था। इसके बाद गिरफ्तार चारों आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर चार दिन का रिमांड हासिल किया था जिन्हें दोबारा बुधवार को अदालत में पेश किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में महिला कमलेश (सास), रिश्तेदार राज बहादुर, अनुज उर्फ अमरनाथ और संजय शामिल हैं। वहीं मुख्य आरोपी पति नेमपाल और विजयपाल की तलाश जारी है।
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विवाहित और बेटे के नाम खोला बैंक खाता
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विवाहिता का पति शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। इसे लेकर ही विवाहिता उससे अलग होना चाहती थी। इस दौरान धनंजय उसे अच्छा लगने लगा था और उसके बच्चों की देखभाल भी कर रहा था। उसने विवाहिता और उसके बच्चों के नाम बैंक खाता भी खोल रखा था। जब विवाहिता के अवैध संबंधों का पता चला तो आरोपियों ने मिलकर धनंजय की हत्या कर दी।
यह है मामला
मूलरूप से बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला धनंजय चार साल से मौलीजागरां में रह रहा था। वह एक फैक्ट्री में काम करता था। विवाहिता को लेकर धनंजय जयपुर भी भाग गया था। दो महीने बाद वापस आकर पंचकूला के गांव बुढ़नपुर में रहने लगा था। इसी बीच 28 सितंबर को धनंजय पर विवाहिता के पति नेमपाल की नजर पड़ गई। वह उसे जबरन अपनी सास कमलेश के घर ले जाकर दबाव बनाया और विवाहिता को वहां पर बुलवाया।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
29 सितंबर की सुबह 10 बजे आरोपी नेमपाल, संजय, राज बहादुर, अनुज और विजय पाल ऑटो में बैठाकर धनंजय को मोरनी के जंगल में ले गए। वहां सभी ने शराब पीने के बाद धनंजय के सिर पर पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसके बाद शव जंगल में छिपाकर घर आ गए। घर आकर आरोपी ने पत्नी को बताया कि धनंजय की पिटाई कर उसे उसके घर जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। विवाहिता को संदेह होने पर उसने घटना की सूचना धनंजय के भाई रंजय को फोन करके दे दी। जब रंजय चंडीगढ़ आया तो पता चला धनंजय घर गया ही नहीं और पुुलिस को शिकायत देने के बाद सारे मामले का खुलासा हो गया।