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Chandigarh News: पोर्न वीडिया बना इंटरनेट पर अपलोड करने के आरोप में पति बरी
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चंडीगढ़। जिला अदालत ने पत्नी की पोर्न वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड करने के मामले में आरोपी पति को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। मनीमाजरा थाना पुलिस ने साल 2015 में आईटी एक्ट में पति के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
अदालती कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आई कि जिस पोर्न वीडियो का जिक्र करते हुए पति के खिलाफ केस दर्ज किया गया, वह वीडियो 2010 में किसी सुनील राठौर नाम के व्यक्ति की आईडी से अपलोड हुआ था, जिसका पुलिस पता नहीं लगा सकी।
अदालत में बहस के दौरान बरी हुए व्यक्ति के वकील रमन सिहाग और नीरज सनसनीवाल ने कहा कि शिकायतकर्ता पत्नी ने कोर्ट में कहा कि वीडियो में जो लड़की नजर आ रही है, वह कोई और है। इसके अलावा ये बात भी कोर्ट में सामने आई कि ये वीडियो 2010 में किसी सुनील राठौर नाम की आईडी से अपलोड हुआ था और पुलिस उसका पता ही नहीं लगा सकी। इससे ये बात साबित हो गई कि इस वीडियो में न तो शिकायतकर्ता थी, न ही ये वीडियो आरोपी पति ने बनाई थी और न ही उसने अपलोड की।
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ये था मामला...पुलिस को दी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि 9 दिसंबर 2009 को उसकी शादी आरोपी से हुई थी लेकिन शादी के पहले दिन से आरोपी का परिवार उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहा था। उसने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी जिसके बाद आरोपी और उसके परिवार पर घरेलू हिंसा का केस दर्ज हो गया। उस केस में आरोपी पति ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दायर की थी जिस पर 12 जनवरी 2015 को सुनवाई थी। उस दिन आरोपी का पिता कोर्ट रूम में मौजूद था। उसने शिकायतकर्ता महिला की सीट पर एक सीडी रख दी और उसे कहा कि अगर वह अपना केस वापस नहीं लेगी तो ये सीडी वे वायरल कर देंगे। इससे वह डर गई और उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने उसके पति और ससुर दोनों पर केस दर्ज कर लिया। आरोपी का पिता तो पहले ही बरी हो गया था और अब पति को भी कोर्ट ने बरी कर दिया।
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अदालती कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आई कि जिस पोर्न वीडियो का जिक्र करते हुए पति के खिलाफ केस दर्ज किया गया, वह वीडियो 2010 में किसी सुनील राठौर नाम के व्यक्ति की आईडी से अपलोड हुआ था, जिसका पुलिस पता नहीं लगा सकी।
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अदालत में बहस के दौरान बरी हुए व्यक्ति के वकील रमन सिहाग और नीरज सनसनीवाल ने कहा कि शिकायतकर्ता पत्नी ने कोर्ट में कहा कि वीडियो में जो लड़की नजर आ रही है, वह कोई और है। इसके अलावा ये बात भी कोर्ट में सामने आई कि ये वीडियो 2010 में किसी सुनील राठौर नाम की आईडी से अपलोड हुआ था और पुलिस उसका पता ही नहीं लगा सकी। इससे ये बात साबित हो गई कि इस वीडियो में न तो शिकायतकर्ता थी, न ही ये वीडियो आरोपी पति ने बनाई थी और न ही उसने अपलोड की।
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ये था मामला...पुलिस को दी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि 9 दिसंबर 2009 को उसकी शादी आरोपी से हुई थी लेकिन शादी के पहले दिन से आरोपी का परिवार उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहा था। उसने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी जिसके बाद आरोपी और उसके परिवार पर घरेलू हिंसा का केस दर्ज हो गया। उस केस में आरोपी पति ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दायर की थी जिस पर 12 जनवरी 2015 को सुनवाई थी। उस दिन आरोपी का पिता कोर्ट रूम में मौजूद था। उसने शिकायतकर्ता महिला की सीट पर एक सीडी रख दी और उसे कहा कि अगर वह अपना केस वापस नहीं लेगी तो ये सीडी वे वायरल कर देंगे। इससे वह डर गई और उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने उसके पति और ससुर दोनों पर केस दर्ज कर लिया। आरोपी का पिता तो पहले ही बरी हो गया था और अब पति को भी कोर्ट ने बरी कर दिया।