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प्रदूषित पानी से स्वां नदी में मरीं सैकड़ों मछलियां, औद्योगिक इकाइयों पर दूषित पानी छोड़ने का आरोप

Sat, 04 Aug 2018 09:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नंगल (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नंगल (पंजाब) Updated Sat, 04 Aug 2018 09:34 AM IST
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Hundreds of fishes killed in swan river with polluted water
प्रदूषित का पानी का शिकार हुई मछली - फोटो : फाइल फोटो
 ब्यास दरिया में प्रदूषित पानी से मछलियों के मरने के बाद अब स्वां नदी व सतलुज दरिया में मछलियों के मरने का सिलसिला शुरू हो गया है। पड़ोसी राज्य हिमाचल की औद्योगिक इकाइयों द्वारा रसायन युक्त दूषित पानी को बिना ट्रीट किए स्वां नदी में छोड़ने का आरोप है। इस कारण नानग्रां में सैकड़ों मछलियां मर गई हैं। नंगल के साथ लगते गांव नानग्रां में शुक्रवार को गांव वासियों ने स्वां नदी में सैकड़ों मछलियां मरी देखीं तो यह बात गांव की पंचायत तक पहुंची।
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वहां से यह बात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने कुछ मरी र्हुइं मछलियां जांच के लिए कब्जे ली है। साथ ही पानी के सैंपल भी भरे। ताकि, मछलियों की मौत के कारण का पता लगाया जा सके। गौरतलब है कि इसी स्वां नदी का पानी ग्रामीण अपने मवेशियों को पिलाने के लिए भी प्रयोग करते है।
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स्वां नदी में दूषित व रसायन युक्त पानी के कारण मछलियां मरने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके है। संतोषगढ़ में स्वां नदी जो आगे आ कर पंजाब में प्रवेश करती है में भी बीते वर्ष भारी संख्या में इसी तरह मछलियां मरीं थीं।
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मजदूर उठा ले गए मछलियां
सूत्रों की माने तो स्वां नदी में मछलियों के मारे जाने की खबर पूरे नानग्रां व साथ लगते अन्य गांवों में भी जंगल की आग की तरह फैल गई। स्वां नदी के इर्दगिर्द रहने वाले प्रवासी मजदूरों मरी मछलियों को उठा कर ले गए। देखते ही देखते स्वां नदी से मरी हुई मछलियां लगभग गायब हो गई। 

क्या कहना है प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का 
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ जतिन जोशी ने गांव नानग्रां से हो कर गुजर रही स्वां नदी में भारी संख्या में मछलियों के मरने पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हिमाचल के जिला ऊना के औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल व मैहतपुर की कुछ औद्योगिक इकाइयां रसायन युक्त व दूषित पानी बिना ट्रीट किए खड्डों के माध्यम से स्वां नदी में बहा देती हैं। यह मछलियों की मौत का कारण बना।


उन्होंने कहा कि मौके पर पानी के सैंपल लिए गए हैं, जिसे जांच के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्यों कि यह मामला हिमाचल से जुड़ा होने के कारण हम सीधी कार्रवाई तो नहीं कर सकते इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी वह उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएंगे। वहीं से हिमाचल सरकार को उक्त इकाईयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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