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मानवाधिकार आयोग कराए नकली स्टंट की जांच

Tue, 05 Nov 2013 10:31 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 05 Nov 2013 10:31 AM IST
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Human Rights Commission conducted investigations into fake stunt himself
एक दुधमुही बच्ची को नकली स्टंट लगाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से अपने स्तर पर इसकी जांच कराने की मांग की है।
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साथ ही पीजीआई के जवाब को खरिज करने की भी दलील दी गई है। इससे पहले पीजीआई ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजे अपने जवाब में कंपनी के हवाले से स्टंट को असली बताया था।

आयोग ने मामले के शिकायतकर्ता पंकज चांदगोठिया को पीजीआई का जवाब भेज कर आपत्तियां मांगी हैं।

चांदगोठिया के अनुसार यह सिर्फ एक बच्ची की मौत का मामला नहीं है। यह पीजीआई में जीवन रक्षा की आशा से आने वाले सभी लोगों से जुड़ा मामला है।

पीजीआई के जवाब का आधार सिर्फ स्टंट के रैपर के संबंध में निर्माता कंपनी के बयान को आधार बनाया गया है, जबकि कंपनी की यह भी कहना है कि अगर उसे स्टंट भेजा जाता तो वह हॉलमार्क चैक कर ज्यादा सटीक जानकारी दे सकती थी।
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उन्होंने पीजीआई की ओर से करवाई गई जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि थर्ड पार्टी से जुड़ी जांच मजिस्ट्रेट से ही करवाई जानी चाहिए। डॉक्टरों की टीम इसमें सहयोग के लिए हो सकती है।
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मामले की जांच करने वाली डॉक्टरों की टीम मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को रखने में अक्षम रही। इसलिए जांच मानवाधिकार आयोग को करनी चाहिए।

क्या था मामला

चार महीन के बच्ची गुरजोत के मस्तिष्क में इस साल दो अप्रैल को पीजीआई में सर्जरी कर स्टंट डाला गया था। बाद में 21 जून को को बच्ची की मौत हो गई।

बच्ची के माता-पिता मोहाली के गांव कुंभड़ा निवासी रघबीर सिंह और जतिंदर कौर के अनुसार सर्जरी करने वाले डॉक्टरों की ओर से बताया गया कि दिक्कत इसलिए हुई क्योंकि स्टंट नकली था। यह स्टंट पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक्स सेंटर (एपीसी) में स्थित बेबी केयर केमिस्ट से खरीदा गया था।

इस मामले में पीजीआई डायरेक्टर, बेबी केयर केमिस्ट और डायरेक्टर हेल्थ के खिलाफ शिकायत देते हुए 50 लाख के मुआवजे की मांग बच्ची के माता-पिता के लिए की गई थी।


पीडियाट्रिक्स कार्यकारी एचओडी डॉ. राम समझ की ओर से बच्ची के आप्रेशन के कुछ दिन बाद ही 8 अप्रैल को पीजीआई डॉयरेक्टर के नाम पत्र लिखा गया था कि एपीसी में केमिस्ट नकली स्टंट बेच रहे हैं। इसमें यह भी बताया गया कि बच्ची को लगाए गए स्टंट की पैकेजिंग अलग तरह की थी।
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