3000 करोड़ की फसलें नष्ट, हम कैसे मनाएं बैसाखी?
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जिस बैसाखी का नाम सुनते ही किसानों की आंखें चमक उठती थी, आज उसी बैसाखी पर वह खुद को लाचार महसूस कर रहा है। बारिश और ओलों के कारण फसल इस कदर तबाह हुई कि किसान को सक्खणा यानी कंगाल कर गई।
मुसीबत अब भी टली नहीं है, मौसम विभाग की मानें तो अभी कुछ दिन और तेज बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। अब तक मौसम की बेरूखी से पंजाब में लगभग 3000 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
शनिवार देर रात सीएम बादल के हलके लंबी में तेज बारिश के ओलों के बाद नुकसान का जायजा लेने रविवार को खुद सीएम लंबी और मलोट पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गिरदावरी करवाकर पीड़ित किसानों की हरसंभव मदद करेगी।
उधर रविवार को पटियाला और हरियाणा के कई इलाकों में बूंदाबांदी और ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसल भीग गई। वहीं हिसार के उमरा गांव में बिजली गिरने से दो किसानों की मौत गई।
कर्ज से परेशान किसान दे रहे जान
एक तरफ फसल खराब होने से दूसरी और कर्ज से परेशान किसान जान दे रहे हैं। नजदीकी गांव बडवर के किसान जगजीत सिंह ने कर्ज से परेशान होकर जान दे दी। बडवर निवासी रसविंदर सिंह (22) ने पुलिस को बताया कि उसके पिता जगजीत सिंह पर बैंक और आढ़तियों का कर्ज था।
हाल ही में बारिश से फसल तबाह होने के बाद से उसके पिता मानसिक तौर पर परेशान रहने लगे। इसी परेशानी के चलते जगजीत सिंह ने घर में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। थाना धनौला के प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि रसविंदर सिंह के बयानों पर धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर जगजीत का शव परिजनों को सौंप दिया है।
हरियाणा के सोनीपत के गांव कटवाल में फसल खराब होने से परेशान किसान ने नहर में कूद कर आत्महत्या कर ली। वह बारिश के चलते फसल खराब होने से परेशान था और कल शाम से लापता था। पुलिस ने आज सवेरे उसका शव नहर से बरामद किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। मृतक किसान का नाम अमित बताया जा रहा है।
अमित द्वारा सुसाइड किए जाने के बाद परिजनों ने सरकार से 15 लाख मुआवजे की मांग की है। बता दें कि बारिश के चलते फसल खराब होने के बाद हरियाणा में किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले बढ़ रहे हैं। इससे पहले भी गांव के किसान बलवान की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। वह भी फसल खराब होने से परेशान थे।