आमिर की 'पीके' के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल ने तूल पकड़ा
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फिल्म पीके के विरोध में विहिप कार्यकर्ताओं और पीजीआई डॉक्टर के बीच झड़प का मामला तूल पकड़ गया है। एक तरफ छात्र संगठनों ने डॉक्टर के समर्थन में पाखंड का पुतला फूंका तो विहिप ने डॉक्टर की मेडिकल जांच की मांग करते हुए राष्ट्रद्रोही विचारधारा का आरोप लगा कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार को एमडीयू गेट के बाहर एसएफआई, अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन, कबीर छात्र मोर्चा और छोटूराम छात्र मार्चा के कार्यकर्ताओं और छात्र एकता मंच के कार्यकताओं ने धार्मिक कट्टरता, सांप्रदायिकता और पाखंड का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने एक जनवरी को पीके के विरोध प्रदर्शन के दौरान पीजीआई डॉक्टर की पिटाई का भी विरोध किया है।
डॉक्टर को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया
इधर, विश्व हिंदू परिषद ने डॉक्टर जितेंद्र फौगाट पर कई आरोप लगाकर जांच की मांग की है। प्रांत मीडिया प्रमुख विनोद श्रीवास्तव का कहना है कि विरोध में व्यवधान डालने वाला डॉक्टर मानसिक रूप से विक्षिप्त है। उसने सभा में गाली-गलौच किया था।
विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे भीड़ से छुड़ाकर पुलिस के हवाले किया था। हमने पुलिस से मांग की थी कि डॉक्टर का मेडिकल कराया जाए।
विहिप के प्रांत सत्संग प्रमुख तिलकराज ने सरकार और पीजीआई प्रशासन से मांग की कि डॉक्टर की पृष्ठभूमि की जांच की जाए और एफआईआर दर्ज की जाए।