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110 सोसाइटियों को हुडा ने भेजे 100 करोड़ के नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 25 Jan 2016 10:47 AM IST
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने पंचकूला की 110 सोसाइटी को 100 करोड़ के एनहांसमेंट नोटिस भेजे हैं। यह एनाहांसमेंट नोटिस सेक्टर-20 की सोसाइटी को भेजे गए हैं।
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हुडा की ओर से भेजे गए नोटिस में सभी को करीब डेढ़ लाख रुपये देने होंगे। हुडा की ओर से भेजे नोटिस ने पंचकूला सेक्टर-20 की सोसाइटी में रहने वाले रेजिडेंट्स का बजट बिगाड़ दिया है। इससे पहले भी हुडा ने दो बार एनहांसमेंट का नोटिस सोसाइटियों को भेजा था। सेक्टर-20 की 110 सोसाइटी में करीब तीस हजार की आबादी है।
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हुडा के भेजे नोटिस के बाद एक परिवार पर करीब डेढ़ लाख रुपये का बोझ पड़ेगा। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुधीर जैन ने बताया कि 2011 में हुडा के साथ ज्वाइंट एक्शन कमेटी का एग्रीमेंट हुआ था। जिसमें एनहांसमेंट 25 फीसदी कम कर दी गई थी। पांच साल बाद दोबारा हुडा ने रिव्यू किया और एनहांसमेंट कास्ट को बढ़ा दिया।
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पेमेंट नहीं करेंगे, पहले होगी बातचीत
हुडा के नोटिस के बाद पंचकूला की 110 सोसाइटीज के रेजिडेंट्स में रोष है। रविवार को सेक्टर-20 में हुई रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की में हुडा द्वारा भेजे गए एनहांसमेंट नोटिस को लेकर भारी विरोध किया गया। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुधीर जैन ने बताया कि बैठक में यह फैसला लिया गया कि हुडा को यह पेमेंट नहीं की जाएगी। नोटिस रद्द कराने के लिए सरकार से बातचीत होगी।
प्राइवेट बिल्डर को लोडिंग नहीं की
हुडा ने नोटिस में प्राइवेट बिल्डर को दूर रखा है। रेजिडेंट्स का कहना है कि बिल्डर प्राइवेट हों लेकिन वह आम सुविधाओं का उपयोग तो करते ही हैं। उन पर भी नियम को लागू किया जाना चाहिए। सुधीर जैन ने कहा कि एनहांसमेंट की कास्ट काफी ज्यादा है। इस सोसाइटी में ज्यादातर रिटायर्ड लोग रहते हैं। जिनके लिए इतनी कास्ट वहन करना संभव नहीं है।
स्थानीय विधायक के सामने रखेंगे मुद्दा
सीनियर सिटिजंस काउंसिल के चेयरमैन बीबी शर्मा ने बताया कि एनहांसमेंट के मुद्दे को लेकर पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता से मुलाकात करके उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा। उनसे मिलने के लिए सोसाइटी के करीब डेढ़ सौ लोग जाएंगे।
क्या है एनहांसमेंट
जमीन की मुआवजा राशि जमीन मालिक को दी जाती है। अगर जमीन मालिक बाद में दी गई राशि को पर्याप्त नहीं पाता तो वह इस मामले में भूमि अधिग्रहण अधिनियम एक्ट के तहत आपत्ति दर्ज करता है। उसकी मांग पर अगर कोई राशि अवॉर्ड होती है तो खरीदार को वह राशि चुकानी होती है।
कोट
2011 में लैंड वृद्धि 25 फीसदी तक कम की गई थी। उस दौरान ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने हुडा के साथ बैठक की थी। इस बार हुडा ने बिना विचार किए यह वृद्धि बढ़ा दी। संशोधित लैंड वृद्धि में हुडा ने ओपन के साथ साथ सड़कों का एरिया भी बढ़ा दिया है। इतना ही नहीं प्राइवेट बिल्डर्स कॉमन एरिया इस्तेमाल कर रहे हैं। उन पर यह खर्च नहीं डाला गया, जो गलत है।
-सुधीर कुमार जैन, प्रधान, ज्वाइंट एक्शन कमेटी
कोट
कर्मचारियों को 1993 में यह लैंड अलॉट हुई थी और करीब सभी कर्मचारी अब रिटायर हो चुके हैं। लैंड वृद्धि को लेकर हुडा का यह नोटिस तीसरी बार आया है। जिसमें लैंड कास्ट से तीन गुणा ज्यादा रकम मांगी गई है। ऐसे में सभी सोसाइटीज ये बोझ सहन नहीं कर सकती। लैंड वृद्धि को लेकर भेजा गया नोटिस वापस होना चाहिए।
-बीबी शर्मा, चेयरमैन, सीनियर सिटिजन काउंसिल, सेक्टर-20
कोट
ये एनहांसमेंट नहीं बल्कि रिकेलकुलेशन है और ये केलकुलेशन गलती हुडा के अधिकारियों ने की है। ऐसे में उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। 2012 में सभी सोसाइटीज पेमेंट कर चुकी हैं और हुडा की साइट पर बैलेंस जीरो भी हो गया था। आज हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है कि सरकार के सामने मुद्दा रखा जाएगा और नोटिस वापस लिए जाने की मांग की जाएगी।
योगेंद्र क्वात्रा, प्रधान, सोसायटी जीएच-41
कोट
आधे एकड़ की सोसाइटी पर करीब 26 लाख रुपये की एनहांसमेंट आई है। जो सरासर गलत है। चंडीगढ़ में छह-सात साल बाद हुडा की ओर से एनहांसमेंट नहीं ली जा रही है। लेकिन पंचकूला की सोसाइटी में पिछले 16-17 साल से लोगों को हुडा बार-बार एनहांसमेंट नोटिस भेज रहा है। जो कि गलत है।
सुनील बिनौचा
कोट
हुडा ने एनहांसमेंट नोटिस भेजकर एक एकड़ की सोसाइटी पर 15 प्रतिशत ब्याज सहित करीब 54 लाख रुपये की मांग की है। जबकि आंकड़ों में एनहांसमेंट पर स्क्वेयर मीटर वर्ष 2011 से कम दिखाया गया है। हुडा के भेजे नोटिस में कई तथ्य ठीक नहीं है। ऐसे में ये नोटिस रद्द होने चाहिए।
-वीके सेठ, रिटायर्ड एयर कमांडेंट