{"_id":"d29db35faaedab5956ff4285f4cb8345","slug":"hsrp-compulsory-for-following-number-series","type":"story","status":"publish","title_hn":"इन सीरीज के नंबरों के लिए जरूरी है एचएसआरपी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इन सीरीज के नंबरों के लिए जरूरी है एचएसआरपी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 11 Feb 2014 11:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते दिन शहर में ट्रैफिक पुलिस ने उन वाहनों के चालान काटे, जिन्होंने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगवाई थी। ऐसे करीब 700 वाहनों के चालान काटे गए। ऐसा होने से अब लोगों में पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने के लिए मारामारी मची हुई है।
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जब से बिना एचएसआरपी वाले वाहनों के चालान काटने शुरू किए गए हैं, उसके बाद से एचएसआरपी लगाने के लिए आने वाले आवेदन की संख्या कई गुना बढ़ गई है। दो से तीन हजार रुपये के चालान से बचने के लिए हर रोज बड़ी संख्या में लोग एचएसआरपी के लिए आवेदन करने पहुंच रहे हैं।
जिस सीरीज के वाहनों पर एचएसआरपी लगाई जा रही है उनके अलावा उन सीरीज के वाहनों पर एचएसआरपी लगाने के लिए आवेदन आ रहे हैं जिनकी सीरीज पर एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एचएसआरपी लगाने के लिए एक ही वेंडर है और आवेदन की संख्या बढ़ने से वेंडर के लिए भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
पहले जहां एक कार्यालय में हर रोज 150 के करीब नए और पुराने वाहनों पर एचएसआरपी के लिए आवेदन आते थे, वहीं अब इनकी संख्या करीब 400 हो गई है। ऐसे में लोगों को एचएचआरपी के लिए पहले आवेदन करने में कई घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता है और इसके बाद वेंडर की ओर से दी गई तिथि और समय पर आना पड़ता है।
एचएसआरपी लगवाने के लिए जाने वाले वाहन चालकों की शिकायत रहती है कि कभी बिजली गुल होने के कारण उनके वाहन पर एचएसआरपी नहीं लगती है तो कभी मशीन खराब हो जाती है।
इस संबंध में आरएलए कशिश मित्तल का कहना है कि चालान शुरू होने के बाद एचएसआरपी लगवाने के लिए वाहन चालकों की भीड़ बढ़ी है। इससे निपटने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को दिक्कत न आए इसलिए उनके लिए लाइन लगाई जाएगी। उनका कहना है कि कोशिश रहेगी कि लोगों का कम से कम समय लगे। जल्द ही दूसरे स्थानों पर भी एचएसआरपी लगेगी। वेंडर की मंजूरी का इंतजार है।
तीन नहीं सात जगह लगेंगी एचएसआरपी
एचएसआरपी अभी सिर्फ तीन स्थानों पर ही लगती है और यहां जगह काफी कम है जिससे लोगों को दिक्कत आती है। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए आरएलए ने शहर में ज्यादा स्थानों पर एचएसआरपी लगाने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने इन तीन कार्यालयों के अलावा सात और स्थानों का चयन भी कर लिया है जहां एचएसआरपी लगनी है।
इसके लिए वेंडर से बात भी हो चुकी है। अब आरएलए को वेंडर से मंजूरी का इंतजार है। इसके बाद लोगों को एचएचआरपी लगवाने में दिक्कत नहीं आएगी। ऐसे में न सिर्फ एचएसआरपी लगाने का काम फटाफट होगा बल्कि एक साथ दो तीन सीरीज के नंबरों पर एचएसआरपी लग सकेगी।
सीएच-01 एएम सीरीज की लग रहीं प्लेंटें
आरएलए की ओर से 1 फरवरी से सीएच-01-एएम सीरीज के वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 1 मार्च से एल सीरीज के वाहनों पर एचएसआरपी लगनी शुरू होनी थी। लेकिन, आरएलए ने तय किया है कि जब तक पिछली सीरीज के तहत आए आवेदनों का निपटारा नहीं हो जाता है और इन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं लग जाती है तब तक एल सीरीज के वाहनों पर एचएसआरपी लगने की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी।
इन सीरीज के नंबरों पर जरूरी एचएसआरपी
सीएच-01-एडब्लू
सीएच-01-एवी
सीएच-01-एयू
सीएच-01-एटी
सीएच-01-एएस
सीएच-01-एआर
सीएच-01-एक्यू
सीएच-01-एपी
सीएच-01-एएन
विज्ञापन
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जब से बिना एचएसआरपी वाले वाहनों के चालान काटने शुरू किए गए हैं, उसके बाद से एचएसआरपी लगाने के लिए आने वाले आवेदन की संख्या कई गुना बढ़ गई है। दो से तीन हजार रुपये के चालान से बचने के लिए हर रोज बड़ी संख्या में लोग एचएसआरपी के लिए आवेदन करने पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
जिस सीरीज के वाहनों पर एचएसआरपी लगाई जा रही है उनके अलावा उन सीरीज के वाहनों पर एचएसआरपी लगाने के लिए आवेदन आ रहे हैं जिनकी सीरीज पर एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एचएसआरपी लगाने के लिए एक ही वेंडर है और आवेदन की संख्या बढ़ने से वेंडर के लिए भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
पहले जहां एक कार्यालय में हर रोज 150 के करीब नए और पुराने वाहनों पर एचएसआरपी के लिए आवेदन आते थे, वहीं अब इनकी संख्या करीब 400 हो गई है। ऐसे में लोगों को एचएचआरपी के लिए पहले आवेदन करने में कई घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता है और इसके बाद वेंडर की ओर से दी गई तिथि और समय पर आना पड़ता है।
एचएसआरपी लगवाने के लिए जाने वाले वाहन चालकों की शिकायत रहती है कि कभी बिजली गुल होने के कारण उनके वाहन पर एचएसआरपी नहीं लगती है तो कभी मशीन खराब हो जाती है।
इस संबंध में आरएलए कशिश मित्तल का कहना है कि चालान शुरू होने के बाद एचएसआरपी लगवाने के लिए वाहन चालकों की भीड़ बढ़ी है। इससे निपटने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को दिक्कत न आए इसलिए उनके लिए लाइन लगाई जाएगी। उनका कहना है कि कोशिश रहेगी कि लोगों का कम से कम समय लगे। जल्द ही दूसरे स्थानों पर भी एचएसआरपी लगेगी। वेंडर की मंजूरी का इंतजार है।
तीन नहीं सात जगह लगेंगी एचएसआरपी
एचएसआरपी अभी सिर्फ तीन स्थानों पर ही लगती है और यहां जगह काफी कम है जिससे लोगों को दिक्कत आती है। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए आरएलए ने शहर में ज्यादा स्थानों पर एचएसआरपी लगाने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने इन तीन कार्यालयों के अलावा सात और स्थानों का चयन भी कर लिया है जहां एचएसआरपी लगनी है।
इसके लिए वेंडर से बात भी हो चुकी है। अब आरएलए को वेंडर से मंजूरी का इंतजार है। इसके बाद लोगों को एचएचआरपी लगवाने में दिक्कत नहीं आएगी। ऐसे में न सिर्फ एचएसआरपी लगाने का काम फटाफट होगा बल्कि एक साथ दो तीन सीरीज के नंबरों पर एचएसआरपी लग सकेगी।
सीएच-01 एएम सीरीज की लग रहीं प्लेंटें
आरएलए की ओर से 1 फरवरी से सीएच-01-एएम सीरीज के वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 1 मार्च से एल सीरीज के वाहनों पर एचएसआरपी लगनी शुरू होनी थी। लेकिन, आरएलए ने तय किया है कि जब तक पिछली सीरीज के तहत आए आवेदनों का निपटारा नहीं हो जाता है और इन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं लग जाती है तब तक एल सीरीज के वाहनों पर एचएसआरपी लगने की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी।
इन सीरीज के नंबरों पर जरूरी एचएसआरपी
सीएच-01-एडब्लू
सीएच-01-एवी
सीएच-01-एयू
सीएच-01-एटी
सीएच-01-एएस
सीएच-01-एआर
सीएच-01-एक्यू
सीएच-01-एपी
सीएच-01-एएन