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एसजीपीसी अध्यक्ष करेंगे पंज प्यारों पर फैसला
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 23 Oct 2015 01:44 AM IST
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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को माफीनामे के विवाद में सिंह साहिबान को तलब करने वाले पंज प्यारों के निलंबन मसले पर अब एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ही कोई फैसला लेंगे।
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यह निर्णय वीरवार को हुई एसजीपीसी कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। पंज प्यारों के निलंबन के बाद से ही पंथक जत्थेबंदियों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया था।
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इसी वजह से वीरवार को कार्यकारिणी की बैठक बुलानी पड़ी। बैठक में मंथन के बाद इस बात पर एक राय बनी कि पंज प्यारों का निलंबन जारी रहेगा या वापस होगा, इस पर एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ही कोई निर्णय लेंगे। उधर, मक्कड़ ने कहा है कि मामले में अंतिम निर्णय तीन से चार दिन के अंदर ले लिया जाएगा।
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सेक्टर-27 स्थित कलगीधर निवास पर साढ़े तीन घंटे चली मीटिंग में कार्यकारिणी के गैर शिअद सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। बैठक में शिअद से ताल्लुक रखने वाले दो सदस्यों ने भी निलंबन को गलत ठहराया। कहा कि सिख संगत की भांति एसजीपीसी कर्मचारियों में भी इस कार्रवाई के खिलाफ रोष है।
गैर शिअद सदस्य भजन सिंह शेरगिल व मंगल सिंह ने मीटिंग में मुद्दा उठाया कि डेरा प्रमुख को माफीनामे के बाद पूरे सिख कौम में रोष था और एसजीपीसी के अपने कर्मचारी भी विरोध प्रदर्शन पर उतर आए थे। वह भी सिख हैं, लिहाजा कर्मचारियों को निलंबित नहीं किया जाना चाहिए।
साथ ही पंज प्यारों के निलंबन का फैसला रद्द करने की मांग की। शिअद के करनैल सिंह पंजोली और शिअद की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले सुखदेव सिंह भौर ने भी निलंबन रद्द करने का सुझाव रखा।
शांति कायम रखने के उपायों पर भी मंथन
बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बेअदबी की घटना के बाद प्रदर्शन के तहत सड़कों पर उतरी सिख संगत को शांत करने और सड़कें जाम करने का सिलसिला बंद करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने सुझाव रखा कि प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रही पंथक शख्सियतों से कार्यकारिणी सदस्य स्वयं जाकर मुलाकात करें और उन्हें समझाने की कोशिश करें। हालांकि इन सुझावों पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। कार्यकारिणी की यह पहली ऐसी मीटिंग रही, जिसमें 15 में से 13 सदस्य मौजूद थे।
अंदर मीटिंग, बाहर विरोध
शिअद मान व शिअद युनाइटेड ने एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ का विरोध किया। कलगीधर निवास के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने काले झंडे दिखाकर मक्कड़ का विरोध किया। शिअद युनाइटेड के गुरनाम सिंह सिद्धू व शिअद मान गुट के सदस्यों ने हाथों में मक्कड़ विरोधी नारों वाली तख्तियां पकड़ी हुई थीं। यह विरोध करीब 20 मिनट तक चला । हालांकि नारेबाजी के बाद दोनों दलों के समर्थक वापस लौट गए।