हरियाणा HSGPC: गुल्लक का भी होगा ऑडिट
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हरियाणा में अगर अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गठित होती है तो न केवल गुल्लक का हिसाब देना होगा बल्कि इस गुल्लक का ऑडिट भी होगा।
गुरुद्वारों की आय, खर्च, संपत्ति का पूरा हिसाब कमेटी के सदस्यों को तो देना ही होगा, साथ ही गुरुद्वारों के बाहर नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करना होगा। हरियाणा सरकार कमेटी के लिए जो मसौदा तैयार कर रही है उसमें कमेटी की शक्तियां और कार्यों का प्रावधान किया जा रहा है। साथ में आमदनी और खर्च का हिसाब रखने का तरीका भी बताया जा रहा है।
ऐसे रखना होगा आमदनी और खर्च का हिसाब
एचएसजीपी में एक गुरुद्वारा फंड बनाया जाएगा। इसमें सभी गुरुद्वारों की आमदनी की रसीद, संपत्ति का पूरा रिकार्ड होगा। यह बैंक खाते में होगा। इस फंड का प्रबंधन कमेटी के पास होगा मगर कानून में दिए जाने वाले प्रावधानों को छोड़कर किसी अन्य काम के लिए प्रयोग नहीं हो सकेगा।
सभी खर्चों का भुगतान कमेटी इसी फंड से करेगी। किसी भी राजनीतिक दल, राजनीतिक लाभ के लिए या किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस फंड से पैसा नहीं दिया जा सकेगा। अगर ऐसा हुआ तो भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 409 के तहत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
हर साल बजट तैयार होगा और कमेटी के सामने रखना होगा और कमेटी के जनरल हाउस से पास कराना होगा। खाते में प्राप्तियां, खर्च, कैश बुक का ब्योरा होगा। हर महीने के अंत में आय और व्यय की एक स्टेटमेंट तैयार करनी होगी और कमेटी के सामने रखनी होगी। इसे सब गुरुद्वारों के बाहर नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना होगा।
साल के अंत में हर महीने की रिपोर्ट कमेटी केसभी सदस्यों को भेजी जाएगी। इन खातों का ऑडिट होगा और महीनेवार, सालाना रिपोर्टों और ऑडिट रिपोर्ट को गुरुद्वारा चुनाव आयुक्त को भी पेश करना होगा।
हरियाणा की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की शक्तियां और कार्य
सूबे के सारे गुरुद्वारों और उनकी संपत्ति पर कमेटी का कंट्रोल, निर्देशन होगा। यह कमेटी की जिम्मेवारी भी होगी। गुरुद्वारों में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार समारोह का आयोजन करना, यात्रियों को सुविधाएं मुहैया करवाना, चल और अचल संपत्तियों, नकदी या किसी भी रूप में आए चढ़ावे को सुरक्षित रखना, धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले यात्रियों के लिए आवास का प्रबंध करना, यात्रियों के लिए लंगर का इंतजाम करना होगा।
ऐतिहासिक और अन्य गुरुद्वारों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संस्थानों, उनकी संपत्ति को इस तरह मैनेज करेगी कि वे सिख परंपरा, संस्कृति, विरासत और धर्म के लिए प्रेरणा केंद्र बन सकें। अपने अधीन वाले गुरुद्वारों, शैक्षणिक और अन्य संस्थानों में अनुशासन, आदेश और स्वच्छता सुनिश्चित करेगी। तीर्थ यात्रियों और सिख संगत की सुविधा के लिए मुफ्त डिस्पेंसरियां, मुफ्त शिक्षा, संस्कृति और सिख विरासत की गुरमुखी लिपि में जानकारी, शैक्षणिक, इंजीनियरिंग, मेडिकल, इनफॉरमेशन एंड टेक्नालाजी, रिसर्च सेंटर और लाइब्रेरियां स्थापित करेगी। धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं, सोसाइटियों और जरूरतमंदों को जरूरी आर्थिक मदद मुहैया कराएगी।
कमेटी के प्रबंधन वाले संस्थानों और स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब, जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का प्रबंध करेगी। हरियाणा के सिख तीर्थ यात्रियों के लिए राज्य और केंद्र सरकार के परामर्श के साथ धार्मिक स्थलों और पाकिस्तान के गुरुद्वारों या दुनिया के अन्य स्थानों पर ले जाने का प्रबंध करेगी।