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नवगठित HSGMC को भी हाईकोर्ट का नोटिस

Mon, 28 Jul 2014 02:10 PM IST
सुरजीत सिंह सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुरजीत सिंह सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 28 Jul 2014 02:10 PM IST
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HSGMC: Highcourt Notice to Haryana Govt and SGPC Amritsar

हरियाणा में नई गठित हुई एचएसजीएमसी को चुनौती देती याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस हेमंत गुप्ता पर आधारित डिवीजन बेंच ने एचएसजीएमसी और एसजीपीसी अमृतसर समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। सुनवाई 6 सितंबर को होगी।

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हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता समेत सभी पक्षों को स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है कि बताया जाए कि आजादी से पहले बने सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 जैसे सभी एक्ट को आजादी के बाद कैसे लागू किया गया और अभी इनकी स्थिति क्या है।
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उल्लेखनीय है कि फतेहगढ़ साहिब के एडवोकेट राम सिंह सोमल ने अपने वकील हरचंद सिंह बाठ द्वारा याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि एचएसजीएमसी एक्ट बनाना भारतीय संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है और हरियाणा सरकार ऐसा एक्ट नहीं बना सकती। लिहाजा हरियाणा सरकार ने एचएसजीएमसी एक्ट बनाकर भारतीय संविधान का उल्लंघन किया है।
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याचिका में मांग की गई थी कि एचएसजीएमसी एक्ट रद़्द किया जाए और हाईकोर्ट में सुनवाई कर एक्ट के क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए। आज सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केवल नोटिस जारी किया है और फिलहाल एचएसजीएमसी पर रोक लगाने से साफतौर पर इंकार कर दिया है।

पंजाब के दो वकीलों ने दी चुनौती

HSGMC: Highcourt Notice to Haryana Govt and SGPC Amritsar

हाल ही में गठित की गई हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी को पंजाब के दो वकीलों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके चुनौती दी है। फतेहगढ़ साहिब के वकील राम सिंह सोमन और वकील हरचंद सिंह बाथ यह याचिका दायर की गई है।

याचिका में कहा गया है कि हरियाणा विधानसभा को कमेटी संबंधी यह बिल पास करने का कोई अधिकार नहीं है। लिहाजा, बनाए गए एक्‍ट को तुरंत रद्द किया जाए और उसके क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए।

फिलहाल याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई सोमवार को हो सकती है। याचिका में केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार, पंजाब सरकार, एसजीपीसी, हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी, हिमाचल सरकार और चंडीगए़ प्रशासन को प्रतिवादी बनाया गया है।

अकाल तख्त ने जारी किया ये फरमान

HSGMC: Highcourt Notice to Haryana Govt and SGPC Amritsar

सहारनपुर की हिंसक घटना को सिख पंथ के लिए एक और संकट करार देते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने एचएसजीएमसी विवाद अपने हाथ में ले लिया है।

सिंह ने श्री दरबार साहिब में शिअद व एसजीपीसी की तरफ से रविवार को होने वाली विश्व पंथक कांफ्रेंस और आगामी सोमवार को एचएसजीएमसी (एडहॉक) द्वारा करनाल में आयोजित किए जाने वाले सिख सम्मेलन को रद करने का हुक्मनामा जारी किया। इसे स्वीकार करते हुए शिअद और एसजीपीसी ने विश्व पंथक कांफ्रेंस को रद कर दिया है।

इस कांफ्रेंस में एचएसजीएमसी के खिलाफ मोर्चे का कार्यक्रम घोषित किया जा था। इस बीच श्री अकाल तख्त साहिब पर दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत के जरिए एचएसजीएमसी विवाद का निपटारा भी होनेे की संभावनाएं नजर आने लगी हैं। ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात में हर सिख चिंतित है। सहारनपुर की घटना ने इस चिंता को और बढ़ाया है।

सिख कौम के लिए यह चुनौती भरा समय है। ऐसे में टकराव को हर हाल में रोका जाना चाहिए। अब सिंह साहिबान दोनों पक्षों को बैठाकर आपसी बातचीत से हरियाणा की अलग कमेटी के मसले का हल निकालेंगे।

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