फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   How many odd relationship here ...

राजनीति, कितने अजीब रिश्ते हैं यहां...

Sun, 17 Aug 2014 12:29 AM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Sun, 17 Aug 2014 12:29 AM IST
विज्ञापन
How many odd relationship here ...
कितने अजीब रिश्ते हैं यहां, दो पल मिलते हैं, साथ-साथ चलते हैं, जब मोड़ आए तो बच के निकलते हैं...21 वीं सदी के आरंभ में आई बॉलीवुड की बहुचर्चित फिल्म पेज-3 की उक्त पंक्तियां हरियाणा के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को भी बयां करती हैं।
विज्ञापन


हरियाणा में इस समय तीन राजनीतिक दल कांग्रेस, भाजपा और हजकां की लोकल और स्टेट लेवल की लीडरशिप धड़ाधड़ पार्टियां बदल रही है।

पार्टी की ताउम्र सेवा करने और पार्टी के झंडे में लिपट कर दुनिया से रुखसत होने दावे धराशायी होकर विरोधी दलों से गले लगने में लिप्त हो चुके हैं।

कुरुक्षेत्र में भी कई दलों के नेता पाले बदल चुके हैं। हरियाणा के साथ-साथ कुरुक्षेत्र में भी ऐसे नेताओं की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।

अब नई चर्चा कांग्रेस और इनेलो के दो स्थानीय कद्दावर नेताओं के पोस्टरों को लेकर हो रही है। थानेसर सीट से चुनाव लड़ने के प्रबल इच्छुक हरियाणा वित्तायोग के सदस्य सुभाष सुधा कांग्रेस और जिला परिषद के चेयरमैन प्रवीण चौधरी के पोस्टरों से उनकी पार्टी के नेता नदारद दिख, पार्टी का झंडा और सिंबल नजर आता था।
विज्ञापन


अचानक रातों-रात नगर में लगाए उपरोक्त दोनों नेताओं के होर्डिंग, फेसबुक और व्हाट्सअप पर भेजे जा रहे पोस्टरों में सिर्फ उन्हीं के चेहरे हैं, जबकि पार्टी की टॉप लीडरशिप प्रचार सामग्री से गायब हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि फिलहाल दोनों इस बारे में खुलकर नहीं बोले। ये तय माना जा रहा है कि अनुकूल माहौल देखकर वे पार्टी बदल सकते हैं।

सीएम और डॉ. रामप्रकाश के करीब हैं सुधा
थानेसर नगर परिषद अध्यक्ष उमा सुधा के पति सुभाष सुधा की गिनती नगर के उन कांग्रेसी नेताओं में है जो सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और डॉ. रामप्रकाश के करीबी माने जाते हैं। नगर के प्रमुख चौराहे और वे तमाम दीवारें भी इस बात की साक्षी हैं।

जिन पर सुधा के पोस्टर हर पर्व, रैली और राजनीतिक गतिविधियों के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सीएम, दीपेंद्र, डॉ. रामप्रकाश के कटआउट के साथ दिखते रहे हैं। अब अचानक इन पर सिर्फ सुधा ही दिख रहे हैं।

इनेसो सुप्रीमो पहुंचे थे चौधरी को चेयरमैन बनवाने
प्रवीण चौधरी की गिनती भले पुराने इनेलो नेताओं में नहीं होती। जिला परिषद का चुनाव जीतने के बाद वे अचानक इनेलो नेता के रूप में दिखने लगे।

क्योंकि जिला परिषद चेयरमैन बनाने में बड़ी भूमिका इनेलो की रही थी। खुद इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला और इनेलो नेता अभय चौटाला सहित, प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा एवं दूसरे तमाम बड़े नेता प्रवीण चौधरी को जिलाध्यक्ष बनाने में अहम भूमिका निभाने के लिए कुरुक्षेत्र की पंचायत भवन तक पहुंचे थे।

उसके बाद से चौधरी का नाम इनेलो नेता और उनके नेतृत्व में कुरुक्षेत्र जिला परिषद को दो बार प्रधान अवॉर्ड मिलने की वजह से खूब चर्चा में रहा।

बगावत, डॉ. रामप्रकाश और दो उपहार
2009 में थानेसर विधानसभा की टिकट न मिलने से खफा सुभाष सुधा पार्टी से बगावत कर आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें तब अच्छी खासी वोट हासिल हुई थीं।

लेकिन हरियाणा में बड़े पंजाबी नेता के माने जाने वाले इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने ये चुनाव जीत लिया था। सुधा तीसरे नंबर पर रहे थे। बाद में डॉ. रामप्रकाश की बदौलत सुधा न केवल वापस कांग्रेस में आए।

बल्कि डॉ. रामप्रकाश ने उनकी पत्नी उमा सुधा को चेयरमैन बनाने में भी अहम किरदार निभाया था। इस चुनाव में इनेलो के मुकाबले सुधा की पत्नी महज दो वोट के अंतर से चुनाव जीतीं थी।

हालांकि सुधा की वापसी से पार्टी को काफी विरोध सहना पड़ा था। लेकिन कांग्रेस ने उल्टा सुधा को दूसरा उपहार हरियाणा वित्तायोग का सदस्य बनाकर दिया।

थानेसर नप चेयरमैन के पद पर सुधा दंपति के 15 वर्ष
थानेसर नगर परिषद के पिछले चार में से तीन प्लान में सुधा दंपति चेयरमैन पद पर काबिज हैं। पहली बार सुभाष सुधा 1995 में नप चेयरमैन बने, इसके बाद थानेसर परिषद के चेयरमैन का पद महिलाओं के लिए आरक्षित हो गया और 2005 और 2010 में तब से सुधा की पत्नी उमा सुधा इस पद पर हैं।


नगर में कंकरीट की गलियों का जाल बिछाने में सुधा सबसे आगे रहे हैं। थानेसर हलके में अच्छी खासी पकड़ रखने वाले सुधा को 2009 में करीब 18000 हजार से अधिक वोट मिले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed