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सबसे आगे हरियाणा: खेलों में इसी प्रदेश का परचम, सबसे ज्यादा खिलाड़ी और पदक यहीं से, वजह भी जान लें

Sun, 29 Aug 2021 11:07 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 29 Aug 2021 11:07 AM IST
सार

खेल के क्षेत्र में हरियाणा का मुकाबला करने वाला देश में कोई और राज्य नहीं है। हर खेल में यहां के खिलाड़ी कमाल कर रहे हैं। इसकी वजह यहां की खेल नीति है। सरकार खिलाड़ियों को स्कूल स्तर से ही निखारने लगती है। उन्हें हर सुविधा देती है और इनामों की बारिश करती है। यही वजह है कि यहां खेलों को प्रोत्साहन मिलता है। 

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How Haryana became Sports Capital of India
रवि दहिया, बजरंग पूनिया और नीरज चोपड़ा। - फोटो : फाइल

विस्तार

खेलों की राजधानी हरियाणा के खिलाड़ियों ने इस बार टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन किया। स्वर्ण पदक और रजत पदक विजेता भी इसी प्रदेश से हैं। हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। ये परिणाम इसी के सकारात्मक नतीजे हैं। खेल दिवस पर आपको हरियाणा की उपलब्धियों को बता रहे हैं। हर खेल में अब ये प्रदेश अपना परचम लहरा रहा है। यही वजह है कि सबसे ज्यादा पदक भी यहीं से हैं। 

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दो फीसदी आबादी, 25 फीसदी खेलों में हिस्सेदारी
हरियाणा में कुश्ती, मुक्केबाजी, हॉकी व कबड्डी के बाद अब निशानेबाजी, टेनिस, एथलेटिक्स के खिलाड़ियों की पौध तैयार की जा रही है। देश की कुल आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी महज दो फीसदी है। टोक्यो ओलंपिक में हरियाणा के 31 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। यह देश से टोक्यो पहुंचने वाले कुल खिलाड़ियों का 25 फीसदी हिस्सा है।  
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सबसे ज्यादा पदक भी यहीं से
हरियाणा के तीन खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण, रवि दहिया ने रजत और बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक जीता। हॉकी के कांस्य में भी हरियाणा की हिस्सेदारी है। इस तरह टोक्यो ओलंपिक में भारत की झोली में आए कुल पदक में से 50 फीसदी हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीता। हरियाणा में खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं काफी अच्छी हैं और यही कारण है कि यहां सबसे ज्यादा खिलाड़ी तैयार होते हैं। कॉमनवेल्थ, एशियन व ओलंपिक गेम्स में हरियाणा के सबसे ज्यादा पदक होते हैं। यह सरकार की खेल नीति का असर है।
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नर्सरी से लेकर स्टेडियम व कॉम्प्लेक्स का निर्माण
हरियाणा में करीब 440 खेल नर्सरियां स्थापित हैं, इनमें से करीब 400 चल रही हैं। यहां एक ही जगह पर हर तरह की खेल की सुविधाएं मिलती हैं। राज्य में 232 मिनी स्टेडियम और 21 जिला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और दो प्रदेश स्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हैं। ये अंतरराष्ट्रीय स्तर के कॉम्प्लेक्स हैं, यहां 350 से ज्यादा कोच तैनात हैं। इसके साथ ही साई के सबसे ज्यादा 22 सेंटर प्रदेश में हैं और उत्तर क्षेत्र का सेंटर भी यहां है।

खिलाड़ियों पर होती है इनामों की बारिश

देश में हरियाणा ऐसा राज्य है, जहां स्कूल स्तर तक मेडल जीतने पर सरकार इनामी राशि देती है। नेशनल स्कूल गेम्स व खेलों इंडिया के पदक विजेताओं को 20-50 हजार, सैफ जूनियर के पदक विजेताओं को 50 हजार से डेढ़ लाख तक, सैफ गेम्स में पदक जीतने पर 2-5 लाख, एशियन चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को 3-5 लाख, कॉमनवेल्थ के पदक विजेताओं को 50 लाख से डेढ़ करोड़ का इनाम दिया जाता है। इसके अलावा एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को 75 लाख से तीन करोड़, ओलंपिक में पदक जीतने पर 2.5 करोड़ से छह करोड़ का इनाम मिलता है। इसके अलावा ओलंपिक की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को 5 लाख रुपये दिए जाते हैं।

अभी से पेरिस ओलंपिक की तैयारी शुरू
हरियाणा सरकार ने टोक्यो ओलंपिक खत्म होते ही पेरिस ओलंपिक की तैयारियां शुरू कर कर दी है। सरकार को पूरा ध्यान पेरिस ओलंपिक में और पदक जीत कर हरियाणा का दबदबा कायम रखना है।यही वजह है कि हरियाणा में सरकार 200 नए कोच के अलावा डाइट विशेषज्ञ भर्ती करेगी। खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ाकर लगभग 1000 की जाएगी। नए स्टेडियम, सिंथेटिक ट्रैक, एस्ट्रो टर्फ मैदान बनाए जाएंगे। ट्रैक एंड फील्ड खेलों पर ज्यादा ध्यान रहेगा। प्रदेश में चार पुनर्वास व उपचार केंद्र बनाने की तैयारी है। इससे खिलाड़ी राज्य में ही चोट से छुटकारा पाकर दोबारा अपना खेल शुरू कर सकेंगे। 

डाइट विशेषज्ञों की होगी तैनाती
हरियाणा के खेल मंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों के लिए डाइट विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे ताकि वे खिलाड़ियों को बता सकें कि उन्हें किस तरह का खाना खाना है। खिलाड़ियों के लिए डाइट सुविधाएं भी बढ़ाने जा रहे हैं। खेल विभाग में मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को ऐसी नौकरी दी जाएगी जिससे वह अपना खेल भी जारी रख सकें और नई पीढ़ी को भी खेलों के लिए तैयार करें

पेरिस ओलंपिक से पहले इन बिंदुओं पर ध्यान

  • बचपन से ही खेल के प्रति खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा
  • यूथ गेम्स-2022 से युवा खिलाड़ियों को पेरिस के लिए तैयार करेंगे
  • अच्छे ट्रेनर्स और साइंटिफिक कोचिंग दी जाएगी
  • स्कूल स्तर से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की योजना
  • स्कूली खेलों को और बढ़ाया जाएगा, प्रतिस्पर्धा पैदा करेंगे

टोक्यो ओलंपिक खेलने वालीं महिला खिलाड़ी
हरियाणा से कुश्ती में विनेश फौगाट, अंशु मलिक, सोनम मलिक, सीमा, शूटिंग में यशस्वनी, मनु भाकर, बॉक्सिंग में पूजा, हॉकी में रानी रामपाल, सविता पूनिया, मोनिका मलिक, नवजौत कौर, नवनीत कौर, नेहा गोयल, निशा, शर्मिला, उदिता, सीमा आंतिल ने टोक्यो ओलंपिक खेला।

ओलंपिक खेलने वाले पुरुष खिलाड़ी
कुश्ती में बजरंग पूनिया, दीपक पूनिया, रवि दहिया, हॉकी में सुमित, सुरेंद्र कुमार, बॉक्सिंग में अमित पंघाल, विकास कृष्ण, मनीष, शूटिंग में अभिषेक, संजीव राजपूत, एथलेटिक्स में नीरज चौपड़ा, संदीप, राहुल, सुमित नागल ने टोक्यो ओलंपिक में जगह बनाई।

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